शैक्षिक नवाचारों और वीडियो निर्माण के माध्यम से शिक्षण को बेहतर बनाने पर जोर, उद्गम पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे उपयोगी शैक्षिक वीडियो
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, रोचक और बच्चों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में दो दिवसीय नवाचार एवं बेस्ट प्रैक्टिस उन्मुखीकरण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन वरिष्ठ प्रवक्ता विजय सिंह और ललित मोहन पाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के 80 से अधिक शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में शैक्षिक नवाचारों को विकसित करने, उन्हें वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत करने और उपयोगी शिक्षण गतिविधियों को अन्य विद्यालयों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
बच्चों की जरूरतों के अनुसार होने चाहिए शैक्षिक नवाचार

कार्यशाला के प्रथम सत्र का संचालन डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया। उन्होंने नवाचार की अवधारणा, विद्यालयों में इसकी उपयोगिता और शिक्षण प्रक्रिया में इसके प्रभावी प्रयोग पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों द्वारा किए जाने वाले नवाचार केवल सामान्य बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के लिए भी उपयोगी होने चाहिए। सत्र में इन विषयों पर प्रस्तुतीकरण के साथ चर्चा-परिचर्चा भी हुई।
वरिष्ठ प्रवक्ता ललित मोहन पाल और विजय सिंह ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य ऐसे रचनात्मक और उपयोगी शैक्षिक नवाचार तैयार करना है, जिनका सीधा लाभ बच्चों को मिल सके। उन्होंने कहा कि आगरा जनपद के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए शैक्षिक वीडियो उद्गम पोर्टल पर अपलोड किए जा सकेंगे। इससे दूसरे जनपदों के विद्यालयों के शिक्षक भी इन नवाचारों का उपयोग कर सकेंगे और अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
वीडियो एडिटिंग और शैक्षिक वीडियो निर्माण की दी जानकारी

कार्यशाला के दूसरे सत्र में डॉ. प्रज्ञा, असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने वीडियो एडिटिंग पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने वीडियो तैयार करने की प्रक्रिया, एडिटिंग के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातों और विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से वीडियो बनाने की जानकारी दी।
सत्र में शिक्षकों को समझाया गया कि शैक्षिक वीडियो को किस प्रकार व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाए, ताकि विद्यार्थी विषयवस्तु को आसानी से समझ सकें।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
उद्गम पोर्टल पर अपलोड होंगे शिक्षकों के शैक्षिक वीडियो

तीसरे सत्र में प्रशिक्षण सह-प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने उद्गम पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षक किस प्रकार शैक्षिक वीडियो तैयार कर सकते हैं और उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया क्या है।
चतुर्थ सत्र में शिक्षकों को शैक्षिक नवाचारों के चयन और वीडियो निर्माण की प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने नवाचारों को वीडियो के रूप में प्रस्तुत करने की जानकारी प्राप्त की।
जापान की शिक्षा पद्धति देखकर लौटीं शिक्षिका मिली जैन का सम्मान
कार्यशाला के दौरान पूर्व माध्यमिक विद्यालय नानपुर, बिचपुरी की शिक्षिका मिली जैन को सम्मानित किया गया। वह जापान की शिक्षा पद्धति का अध्ययन कर वापस लौटी हैं।
वरिष्ठ प्रवक्ता ललित मोहन पाल ने कहा कि यह जनपद के लिए गर्व का विषय है कि यहां की शिक्षिका को जापान की शिक्षा व्यवस्था को देखने और समझने का अवसर मिला। उन्होंने इस अनुभव को शिक्षा के क्षेत्र में उपयोगी बताया।
शिक्षकों और डायट स्टाफ का रहा सहयोग
कार्यशाला में प्रवक्ता लक्ष्मी शर्मा का विशेष सहयोग रहा। इसके अलावा प्रवक्ता यशवीर सिंह, कल्पना सिन्हा, यशपाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, संजीव कुमार सत्यार्थी, अबु मुहम्मद आसिफ, रंजना पाण्डेय, रचना यादव सहित अन्य शिक्षकों एवं डायट स्टाफ ने सहयोग किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया।
कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को अपने शिक्षण अनुभवों और नवाचारों को साझा करने का अवसर मिला। उद्गम पोर्टल पर शैक्षिक वीडियो उपलब्ध होने से आगरा के विद्यालयों में विकसित उपयोगी शिक्षण गतिविधियों को दूसरे जनपदों तक पहुंचाने में मदद मिल सकेगी।


