जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी, 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक घर-घर होगी जनसंख्या गणना; युवाओं से बुजुर्गों को डिजिटल फॉर्म भरने में मदद करने की अपील
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 16 अक्टूबर 2026। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना को लेकर आगरा जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जनगणना की प्रक्रिया, प्रशिक्षण, डिजिटल आंकड़ा संकलन और स्व-गणना की सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। इस कार्य को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से पूरा कराने के लिए फील्ड ट्रेनरों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण आंकड़े संकलित करना सुनिश्चित करें।
16 नवंबर से 30 नवंबर तक घर बैठे कर सकेंगे स्व-गणना

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्व-गणना को जनभागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि निर्धारित अवधि में नागरिक अपने और अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
इसके लिए विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों और वार्डों में स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी कराया जाएगा, ताकि लोग इसे आसानी से समझ सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, लेखपाल, रोजगार सेवक और अन्य स्थानीय कर्मचारियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाएगी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और नगर निकायों की मदद से लोगों को स्व-गणना के बारे में जानकारी दी जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक परिवारों को इस प्रक्रिया से जोड़ना और जनगणना में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
डिजिटल जनगणना में मोबाइल के माध्यम से दर्ज होंगे आंकड़े

जनगणना-2027 के दूसरे चरण में डिजिटल माध्यम से आंकड़े संकलित करने और कार्य की निगरानी की व्यवस्था की गई है। स्व-गणना के दौरान नागरिक ऑनलाइन माध्यम से जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जबकि घर-घर पहुंचने वाले प्रगणक मोबाइल या टैबलेट आधारित व्यवस्था के जरिए आंकड़े दर्ज करेंगे।
प्रेस वार्ता में स्व-गणना की प्रक्रिया समझाते हुए बताया गया कि नागरिकों को भारत सरकार के आधिकारिक जनगणना पोर्टल censusindia.gov.in पर उपलब्ध आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए।
स्व-गणना के लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
- आधिकारिक जनगणना पोर्टल पर जाकर स्व-गणना से संबंधित विकल्प और निर्देश देखें।
- निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लॉगिन या पंजीकरण करें।
- डिजिटल फॉर्म में मांगी गई जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- फॉर्म जमा करने के बाद संदर्भ कोड प्राप्त होने पर उसे सुरक्षित रखें।
- घर पर सरकारी प्रगणक के आने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संदर्भ कोड उपलब्ध कराएं।
यदि कोई नागरिक स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भरने में सक्षम नहीं है, तो घर-घर गणना के दौरान प्रगणक उसकी जानकारी दर्ज करने में मदद करेंगे। ऐसे में परिवार के सदस्यों को मांगी गई जानकारी सही-सही उपलब्ध करानी होगी।
ध्यान दें: ऑनलाइन पंजीकरण, पहचान संबंधी दस्तावेजों और संदर्भ कोड के उपयोग के लिए पोर्टल पर जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। किसी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
युवाओं से बुजुर्गों की मदद करने की अपील
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जनपद के युवाओं से विशेष अपील की कि वे जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं और अपने आसपास रहने वाले बुजुर्गों तथा तकनीकी रूप से असमर्थ लोगों को डिजिटल जनगणना फॉर्म भरने में मदद करें।
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक लोग इसकी जानकारी प्राप्त करें और जरूरतमंद परिवारों का सहयोग करें। युवाओं की भागीदारी से स्व-गणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने और तकनीकी कठिनाइयों को कम करने में मदद मिल सकती है।
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दूसरे चरण में पूछे जाएंगे कुल 40 प्रश्न
जिलाधिकारी ने बताया कि जनसंख्या गणना के दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इन प्रश्नों के माध्यम से व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संकलित की जाएगी।
प्रश्नों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:
- मूलभूत जानकारी (प्रश्न 1-3): नाम, परिवार के सदस्य से संबंध और लिंग।
- जनसांख्यिकीय विशेषताएं (प्रश्न 4-8): जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, पति या पत्नी से संबंधित जानकारी और राष्ट्रीयता।
- सामाजिक विशेषताएं (प्रश्न 9-13): धर्म, अनुसूचित जाति/जनजाति एवं जाति संबंधी जानकारी, माता-पिता से संबंधित विवरण और दिव्यांगता।
- भाषा एवं शिक्षा (प्रश्न 14-17): मातृभाषा, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और शिक्षा।
- आर्थिक गतिविधियां (प्रश्न 18-25): कार्य की स्थिति, गतिविधि की श्रेणी, व्यवसाय, उद्योग, कामगार की श्रेणी और गैर-आर्थिक गतिविधियां।
- प्रवास (प्रश्न 26-30): जन्म स्थान, अंतिम निवास स्थान, प्रवास का कारण, अवधि और स्थायी पता।
- प्रजनन संबंधी जानकारी (प्रश्न 31-33): जीवित बच्चों की संख्या, कभी जन्मे बच्चों की संख्या और पिछले वर्ष जन्मे बच्चों से संबंधित विवरण।
- अन्य विवरण (प्रश्न 34-40): कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित जानकारी।
इन जानकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज किया जाएगा। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे सवालों के जवाब सही-सही दें, ताकि जनगणना के आंकड़े विश्वसनीय और उपयोगी बन सकें।
सटीक आंकड़े भविष्य की योजनाओं के लिए होंगे महत्वपूर्ण
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल लोगों की संख्या जानने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण आधार है। इससे प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भविष्य की नीतियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के नियोजन में किया जाता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गणना के दौरान किसी भी व्यक्ति या परिवार का नाम छूटने न पाए। साथ ही, नागरिकों से प्राप्त सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने और निर्धारित नियमों के अनुसार आंकड़ों का संकलन करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सही और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों से योजनाओं को बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद मिलती है। इसलिए प्रत्येक परिवार को जनगणना के महत्व और इसमें भागीदारी की आवश्यकता के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जानी चाहिए।
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फील्ड ट्रेनरों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण पूरा
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए फील्ड ट्रेनरों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। प्रशासन की ओर से गणना क्षेत्र निर्धारित करने, कार्मिकों की तैनाती, स्व-गणना के प्रचार-प्रसार और डिजिटल माध्यम से आंकड़े संकलित करने की तैयारियां की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे निर्धारित समयसीमा का पालन करते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें। उन्होंने जनगणना के दौरान पारदर्शिता, निष्पक्षता, सटीकता और गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
प्रशासन ने दिया जनभागीदारी का संदेश
प्रेस वार्ता के अंत में जनगणना में आम नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए जागरूकता संदेश दिया गया—
“चलो निभाएं अपनी जिम्मेदारी, करें जनगणना में भागीदारी। हर शहर, हर ग्राम छूटे न कोई नाम।”
प्रशासन की अपील है कि नागरिक स्व-गणना की निर्धारित अवधि में उपलब्ध सुविधा का उपयोग करें, जरूरत पड़ने पर अपने आसपास के लोगों की मदद करें और घर-घर जनसंख्या गणना के दौरान प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं।


