आगरा MLC चुनाव 2026: आगरा विधान परिषद चुनाव 2026: मतदान कार्मिकों को दिया गया प्रशिक्षण, 23 अक्टूबर को होगा मतदान
सूरसदन में पीओ, पी-1 और पी-2 को समझाई गई मतपत्र से मतदान की प्रक्रिया, मतदाता पहचान से लेकर मतपेटिका सील करने तक कराया गया अभ्यास
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 12 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 की तैयारियों के तहत सोमवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में मतदान कार्मिकों का प्रथम प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल की उपस्थिति में मास्टर ट्रेनर्स ने पीठासीन अधिकारी (पीओ), प्रथम मतदान अधिकारी (पी-1) और द्वितीय मतदान अधिकारी (पी-2) को मतदान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान डेमो वीडियो और सजीव प्रदर्शन के माध्यम से मतदाता की पहचान, मतपत्र जारी करने, मतपत्र पर उम्मीदवारों के लिए वरीयता अंकित कराने तथा मतपेटिका तैयार करने और सील करने की प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों ने मतदान कार्मिकों को निर्देश दिए कि वे निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक नियम को गंभीरता से समझें और पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
23 अक्टूबर को होगा आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन का मतदान
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से मतदान निर्धारित है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षित कर रहा है, ताकि मतदान के दिन प्रक्रिया सुचारु और नियमानुसार संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन की प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनावों से अलग होती है। इसमें ईवीएम के स्थान पर मतपत्र और मतपेटिका का इस्तेमाल किया जाता है। मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवारों के सामने निर्धारित तरीके से वरीयता अंकित करते हैं।
उन्होंने मतदान कार्मिकों से कहा कि प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ लें, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि या असमंजस की स्थिति न बने।
मतदाता की पहचान और मतपत्र जारी करने में बरतें सावधानी
प्रशिक्षण में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मतपत्र जारी करने से पहले प्रत्येक मतदाता की पहचान का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए। मतपत्र पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक मुहर और हस्ताक्षर किए जाएं। वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्धारित बैंगनी स्केच पेन का ही प्रयोग कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतपत्र के प्रतिपर्ण पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने चाहिए और मतदान की गोपनीयता हर हाल में बनाए रखी जाए। मतदान शुरू होने से पहले मतपेटिका उम्मीदवारों अथवा उनके मतदान अभिकर्ताओं को खाली दिखाकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सील की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रत्येक चरण में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के लिए अलग-अलग उंगली पर लगेगी स्याही
प्रशिक्षण के दौरान मतदान अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया।
- प्रथम मतदान अधिकारी (पी-1): मतदाता सूची के आधार पर मतदाता की पहचान सुनिश्चित करेगा।
- द्वितीय मतदान अधिकारी (पी-2): मतपत्र वितरण और निर्धारित उंगली पर अमिट स्याही लगाने की प्रक्रिया पूरी करेगा।
- पीठासीन अधिकारी (पीओ): मतदान केंद्र पर संपूर्ण मतदान प्रक्रिया की निगरानी और निर्धारित नियमों के अनुपालन की जिम्मेदारी निभाएगा।
डेमो के माध्यम से बताया गया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता की बाईं तर्जनी उंगली पर और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता की बाईं मध्यमा उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी।
मास्टर ट्रेनर्स ने मतदान प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का अभ्यास कराते हुए कार्मिकों की जिम्मेदारियों और निर्धारित नियमों को स्पष्ट किया।
मतदान केंद्र पर सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की जांच के निर्देश
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि मतदान की पूर्व संध्या पर केंद्र पहुंचने के बाद सभी मतदान कार्मिक वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लें। मतदाताओं के प्रवेश और निकास, मतदान अभिकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि मतदान अभिकर्ताओं को मतदाताओं की पहचान करने का उचित अवसर मिले, लेकिन किसी भी स्थिति में मतदान की गोपनीयता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मतदान केंद्र के आसपास निर्धारित 100 मीटर की परिधि में राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों से संबंधित प्रचार सामग्री मिलने पर उसे हटवाया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को मतदान कक्ष अथवा मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए निर्धारित स्थान में प्रवेश न करने दिया जाए।
मतदान सामग्री प्राप्त करते समय सूची से करें मिलान
जिलाधिकारी ने पीठासीन अधिकारियों को अपनी पोलिंग पार्टी के सदस्यों के साथ उनके दायित्वों और कार्यों पर चर्चा करने के निर्देश दिए। मतदान सामग्री प्राप्त करते समय सूची के अनुसार सभी वस्तुओं का मिलान करना अनिवार्य होगा।
कार्मिकों को मतपत्रों की संख्या और क्रमांक, मतपेटिका, मतदाता सूची की प्रमाणित प्रतियां, उम्मीदवारों की सूची, मतपेटिका सील करने के लिए निर्धारित कागज तथा अन्य जरूरी सामग्री की जांच करने को कहा गया।
यदि किसी सामग्री की कमी मिलती है, तो संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट को तत्काल सूचना देकर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
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हर दो घंटे में दर्ज करनी होगी मतदान की प्रगति
प्रशिक्षण में मतदान के दौरान अभिलेखों के रखरखाव और प्रक्रिया संबंधी नियमों की भी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पीठासीन अधिकारी प्रत्येक दो घंटे में मतदान की प्रगति का विवरण अपनी डायरी में दर्ज करें।
मतदान समाप्ति के निर्धारित समय पर कतार में लगे मतदाताओं को नियमानुसार मतदान का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद मतपेटिका को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सील कर सभी अभिलेखों और निर्वाचन सामग्री को व्यवस्थित ढंग से निर्धारित केंद्र पर जमा कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मतदान सामग्री की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की समस्या या असमंजस होने पर संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट अथवा जोनल मजिस्ट्रेट से संपर्क कर समाधान प्राप्त किया जाए।
मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर ये वैकल्पिक दस्तावेज होंगे मान्य
अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्णय के अनुसार, आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान में प्रतिरूपण रोकने के लिए मतदाताओं को अपनी पहचान सिद्ध करनी होगी।
जिन मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किया गया है, उन्हें मतदान से पहले पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो पहचान स्थापित करने के लिए निम्नलिखित वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर सकता है:
- आधार कार्ड।
- ड्राइविंग लाइसेंस।
- पैन कार्ड।
- भारतीय पासपोर्ट।
- राज्य या केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा अन्य निजी औद्योगिक संस्थानों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान-पत्र।
- सांसदों, विधायकों या पार्षदों को जारी सरकारी पहचान-पत्र।
- संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक के नियोजित होने वाले शैक्षिक संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र।
- विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र।
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड।
मतदान से पहले मतदाता अपनी पहचान से संबंधित मान्य दस्तावेज तैयार रखें, ताकि मतदान केंद्र पर पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी न हो।
17 अक्टूबर को दूसरा प्रशिक्षण, 22 अक्टूबर को रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान कार्मिकों का द्वितीय प्रशिक्षण 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसमें पीठासीन अधिकारी (पीओ), प्रथम मतदान अधिकारी (पी-1), द्वितीय मतदान अधिकारी (पी-2) और तृतीय मतदान अधिकारी (पी-3) प्रतिभाग करेंगे।
पोलिंग पार्टियों की रवानगी 22 अक्टूबर को मंडी समिति, टूंडला रोड, आगरा से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। इसके अगले दिन, यानी 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मतदान शुरू होगा।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्वाचन संबंधी तैयारियां समय से पूरी करने तथा प्रशिक्षण पुस्तिका और उपलब्ध दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नोडल अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी (नगर)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन का जोर मतदान कार्मिकों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी देने, मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने, मतदान की गोपनीयता बनाए रखने और सभी निर्वाचन नियमों का पालन कराते हुए मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर है।


