आगरा में सक्षम मॉड्यूल प्रशिक्षण संपन्न: आगरा में सक्षम मॉड्यूल आधारित प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण संपन्न, निपुण भारत मिशन पर दिया जोर
अकोला और बाह ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने लिया प्रशिक्षण, शैक्षिक नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और विद्यालय विकास योजना की दी गई जानकारी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में विकासखंड अकोला और बाह के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए आयोजित सक्षम मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम उप शिक्षा निदेशक एवं डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशन में संचालित किया गया।
प्रशिक्षण के समापन दिवस पर प्रधानाध्यापकों को शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, विद्यालय प्रबंधन, निपुण भारत मिशन, शैक्षिक तकनीकी और सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। विभिन्न सत्रों में समूह चर्चा और गतिविधियों के माध्यम से विद्यालयों के विकास में प्रधानाध्यापकों की भूमिका को स्पष्ट किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
अंतर विभागीय समन्वय और विभिन्न पोर्टल पर चर्चा
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में संदर्भदाता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने अंतर विभागीय समन्वय और विभिन्न पोर्टल की संकल्पना पर चर्चा की। उन्होंने समूह चर्चा के माध्यम से प्रधानाध्यापकों को इन विषयों की उपयोगिता समझाई।
द्वितीय सत्र में नोडल प्रभारी डॉ. प्रज्ञा शर्मा ने शैक्षिक उन्नयन के लिए नवाचार और शैक्षिक तकनीकी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने गतिविधियों के माध्यम से सत्र का संचालन करते हुए बताया कि शिक्षण प्रक्रिया में नवाचार और तकनीकी का उपयोग विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
निपुण भारत मिशन में प्रधानाध्यापकों की भूमिका समझाई
प्रशिक्षण के तृतीय सत्र में संदर्भदाता यशपाल सिंह ने निपुण भारत मिशन और इसमें प्रधानाध्यापकों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने निपुण भारत अभियान के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए विद्यालय स्तर पर इसकी प्रभावी गतिविधियों और क्रियान्वयन के महत्व पर चर्चा की।
इस सत्र का उद्देश्य प्रधानाध्यापकों को बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने तथा निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना रहा।
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विद्यालय विकास में समुदाय की भागीदारी पर जोर
चतुर्थ सत्र में संदर्भदाता अबु मुहम्मद आसिफ ने विद्यालय विकास में समुदाय की भूमिका और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय के विकास और शैक्षिक गतिविधियों को प्रभावी बनाने में समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसके साथ ही संदर्भदाता रंजना पाण्डेय ने बाल वाटिका और ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) एजुकेटर की भूमिका पर सत्र संचालित किया। इसमें प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।
विंध्यांजलि पोर्टल से विद्यालय विकास योजना की जानकारी
प्रशिक्षण सह प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने विंध्यांजलि पोर्टल और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने पोर्टल के माध्यम से विद्यालय विकास योजना को समझाया और प्रधानाध्यापकों को इसकी उपयोगिता से परिचित कराया।
प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि प्रधानाध्यापक प्राप्त जानकारी को अपने विद्यालयों में लागू कर शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने और विद्यालय विकास की योजनाओं को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास करें।
प्रमाण-पत्र वितरण के साथ प्रशिक्षण का समापन
सभी सत्रों के पूरा होने के बाद प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रज्ञा शर्मा ने किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता विजय सिंह और ललित मोहन पाल के साथ प्रवक्ता यशवीर सिंह, कल्पना सिन्हा, लक्ष्मी शर्मा, रंजना पांडे, यशपाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह सहित संस्थान के समस्त स्टाफ का सहयोग रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से अकोला और बाह विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को शैक्षिक नवाचार, निपुण भारत मिशन, प्रारंभिक शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता और विद्यालय विकास से जुड़े विषयों पर जानकारी प्रदान की गई, ताकि वे इनका उपयोग विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कर सकें।


