World Tourism Day 2026: विश्व पर्यटन दिवस 2026 पर आगरा में कला और पर्यटन का संगम, युवा कलाकारों ने कैनवास पर उकेरी यूपी की विरासत
पर्यटन विभाग ने आयोजित की पेंटिंग प्रतियोगिता, 62 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा; 60 विद्यार्थियों को फतेहपुर सीकरी पर्यटन भ्रमण के लिए किया रवाना
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
दैनिक समाचार, आगरा, 27 सितंबर 2026। विश्व पर्यटन दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से आगरा में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 64 ताज रोड स्थित उत्तर प्रदेश पर्यटन कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन, कला, संस्कृति और डिजिटल तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ प्रदेश के पर्यटन स्थलों को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना और पर्यटन के नए आयामों को सामने लाना रहा। इस वर्ष आयोजन में “पर्यटन को नया रूप देने के लिए डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया।
मंडलायुक्त ने 60 विद्यार्थियों को फतेहपुर सीकरी के लिए किया रवाना

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे उत्तर प्रदेश पर्यटन कार्यालय परिसर में हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आयुक्त आगरा मंडल नगेंद्र प्रताप का क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आगरा शक्ति सिंह ने स्वागत किया।
इसके बाद पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान, डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय तथा दयालबाग विश्वविद्यालय में अध्ययनरत 60 छात्र-छात्राओं को फतेहपुर सीकरी के पर्यटन भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
आयुक्त नगेंद्र प्रताप ने बसों को हरी झंडी दिखाकर विद्यार्थियों को फतेहपुर सीकरी के लिए रवाना किया। इस पर्यटन भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना तथा पर्यटन स्थलों के महत्व को समझने का अवसर देना रहा।
फतेहपुर सीकरी आगरा की ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार का भ्रमण इतिहास, वास्तुकला और पर्यटन को करीब से समझने का अवसर प्रदान करता है।
कैनवास पर उतरी आगरा और यूपी की पर्यटन विरासत

पर्यटन कार्यालय परिसर में इसके बाद पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में ललित कला संस्थान, आगरा के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
प्रतियोगिता का विषय “आगरा एवं उत्तर प्रदेश पर्यटन धरोहर” रखा गया। इस विषय के माध्यम से युवा कलाकारों को उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक इमारतों, सांस्कृतिक परंपराओं, पर्यटन स्थलों और विरासत को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता में ललित कला संस्थान, आगरा के 62 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना और कलात्मक दृष्टि के माध्यम से आगरा और उत्तर प्रदेश की पर्यटन विरासत को कैनवास पर उकेरा।
ताजमहल सहित आगरा और उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े विषयों को कला के माध्यम से प्रस्तुत करने का यह प्रयास कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
कलाकारों को उपलब्ध कराई गई पेंटिंग सामग्री

पेंटिंग प्रतियोगिता शुरू करने से पहले प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। उन्हें कैनवास कलर, पोस्टर कलर, फ्रेम्ड कैनवास बोर्ड और पर्यटन किट वितरित की गई।
इसके बाद प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया गया। प्रतिभागियों ने उपलब्ध सामग्री का उपयोग करते हुए पर्यटन और विरासत से जुड़े विषयों पर अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं था, बल्कि युवा कलाकारों को पर्यटन और विरासत के साथ रचनात्मक रूप से जोड़ना भी रहा।
डिजिटल एजेंडा और AI पर रहा विशेष जोर

इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस की थीम को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पर्यटन क्षेत्र में संभावित भूमिका पर भी चर्चा की गई।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आगरा ने प्रतिभागियों को इस वर्ष की थीम “पर्यटन को नया रूप देने के लिए डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता” के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रतिभागियों को बताया गया कि बदलती तकनीक के दौर में डिजिटल माध्यमों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग पर्यटन को नए तरीके से प्रस्तुत करने, पर्यटन स्थलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में उपयोगी हो सकता है।
युवा कलाकारों को पर्यटन के क्षेत्र में कला, तकनीक और रचनात्मकता के बीच बढ़ते संबंध को समझने के लिए भी प्रेरित किया गया।
पर्यटन की दृष्टि से कला का महत्व समझाया

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पेंटिंग प्रतियोगिता के उद्देश्य और महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कला के माध्यम से किसी क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और विरासत को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
किसी पर्यटन स्थल की तस्वीर या कलात्मक प्रस्तुति लोगों में उसके प्रति जिज्ञासा और आकर्षण पैदा कर सकती है। ऐसे में युवा कलाकार पर्यटन विरासत को नए नजरिए से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं को आगरा और उत्तर प्रदेश की विरासत को अपनी रचनात्मक सोच से देखने और प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
श्रेष्ठ पांच कलाकृतियों को 2 अक्टूबर को किया जाएगा सम्मानित
पेंटिंग प्रतियोगिता में बनाई गई सभी कलाकृतियों में से श्रेष्ठ रचनाओं का चयन किया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से बताया गया कि श्रेष्ठ पांच कलाकृतियों का चयन कर उनके कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा।
इन श्रेष्ठ पांच कलाकृतियों को 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इससे प्रतिभागी युवा कलाकारों को अपनी कला को आगे बढ़ाने और पर्यटन विरासत से जुड़े रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
पर्यटन और युवा प्रतिभाओं को जोड़ने की पहल
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पर्यटन विभाग और युवा कलाकारों के बीच संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराया। एक ओर विद्यार्थियों को फतेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक पर्यटन स्थल को करीब से देखने का अवसर मिला, वहीं दूसरी ओर पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से उन्होंने पर्यटन विरासत को अपनी कला में अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में डिजिटल तकनीक और AI को पर्यटन के नए आयामों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। इससे आयोजन में परंपरागत विरासत और आधुनिक तकनीक दोनों का समावेश देखने को मिला।
अधिकारी, कलाकार और पर्यटन पुलिस रही मौजूद
कार्यक्रम में ललित कला संस्थान के प्रो. शारदोल मिश्रा और श्रीमती ममता शर्मा मौजूद रहे। पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन अधिकारी सुरेश रावत, हेमंत कुमार शर्मा और मोहित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पर्यटन पुलिस बल की भी मौजूदगी रही। अधिकारियों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया तथा आयोजन की गतिविधियों में उनका मार्गदर्शन किया।
पर्यटन विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का संदेश
विश्व पर्यटन दिवस-2026 के अवसर पर आगरा में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पर्यटन केवल ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कला, संस्कृति, शिक्षा और आधुनिक तकनीक से भी जुड़ा व्यापक क्षेत्र है।
फतेहपुर सीकरी भ्रमण और पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को आगरा तथा उत्तर प्रदेश की विरासत को देखने, समझने और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
वहीं डिजिटल एजेंडा और AI पर चर्चा ने यह संकेत दिया कि पर्यटन के क्षेत्र में परंपरागत विरासत के साथ आधुनिक तकनीक और युवा प्रतिभाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।
इस प्रकार विश्व पर्यटन दिवस-2026 का आगरा आयोजन कला, संस्कृति, विरासत, शिक्षा और डिजिटल पर्यटन को एक साथ जोड़ने वाला कार्यक्रम बनकर सामने आया।


