आगरा में आंगनबाड़ी सम्मान समारोह: सूरसदन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सम्मान, नवचयनित को नियुक्ति पत्र; 8 बच्चों को लैपटॉप और 10 मेधावी छात्राओं का हुआ सम्मान
सैम से सामान्य श्रेणी में सुधार करने वाले बच्चों के अभिभावकों को मिली पोषण पोटली, मुख्यमंत्री बाल सेवा और कन्या सुमंगला योजना के लाभार्थी भी सम्मानित
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 08 सितंबर 2026। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक बाल शिक्षा को मजबूत करने के साथ महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाने के प्रयासों को लेकर आगरा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में अयोध्या से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान के साथ नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित कर उन्हें योजनाओं से जुड़ी सहायता और स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया और जिलाधिकारी मनीष बंसल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अयोध्या से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण

कार्यक्रम की शुरुआत अयोध्या में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के सजीव प्रसारण से हुई। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं तथा महिला कल्याण विभाग के लाभार्थियों के सम्मान और नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को सूरसदन प्रेक्षागृह में उपस्थित लोगों ने देखा और सुना।
अयोध्या में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इसके साथ पोषण, शिक्षा और महिला कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं एवं अधीक्षिकाओं तथा मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक बाल शिक्षा तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल तक पहुंचाने में आंगनबाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं जमीनी स्तर पर परिवारों और सरकारी योजनाओं के बीच संपर्क स्थापित करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनके माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और आवश्यक सेवाओं से जोड़ने का काम किया जाता है।
सैम से सामान्य श्रेणी में पहुंचे बच्चों के अभिभावकों को पोषण पोटली

सूरसदन में आयोजित कार्यक्रम में पोषण के क्षेत्र में सुधार की दिशा में आगे बढ़ने वाले बच्चों को भी प्रोत्साहित किया गया। सैम श्रेणी से सामान्य श्रेणी में सुधार करने वाले पांच बच्चों के अभिभावकों को पोषण पोटली प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस पहल के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए परिवारों की भूमिका को प्रोत्साहित किया गया। अभिभावकों को बच्चों के खान-पान और पोषण संबंधी जरूरतों पर निरंतर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सम्मानित
जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली कार्यकत्रियों में किरन, कुसुम शर्मा, ऋचा अग्रवाल, भावना सक्सेना और सुधा यादव शामिल रहीं।
कार्यक्रम में उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। सम्मान से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का उत्साह बढ़ा और उन्हें अपने दायित्वों को और प्रभावी तरीके से निभाने की प्रेरणा मिली।
नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में जनपद की पांच नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नव नियुक्त कार्यकत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्हें यह संदेश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और महिलाओं से जुड़े कार्यों को संवेदनशीलता के साथ पूरा करना जरूरी है। साथ ही पात्र लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के आठ बच्चों को लैपटॉप
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) के अंतर्गत जनपद के आठ लाभार्थी बच्चों को लैपटॉप प्रदान किए गए। लैपटॉप प्राप्त करने वाले बच्चों में डॉली बैजल, अर्थव उपाध्याय, सक्षम चौधरी, लक्ष्य अग्रवाल, धनंजय, पलक बंसल, सार्थक मिश्रा और नव्या मिश्रा शामिल हैं।
लैपटॉप वितरण का उद्देश्य लाभार्थी बच्चों को शिक्षा से जुड़े डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने और उनकी पढ़ाई में तकनीकी सहयोग
प्रदान करना है। कार्यक्रम में बच्चों और उनके परिवारों के लिए यह सम्मान एवं सहायता विशेष अवसर के रूप में सामने आई।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत दो लाभार्थियों अदिति वर्मा और स्नेहा को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आवश्यक दस्तावेज और सहायता उपलब्ध कराने के साथ यह संदेश दिया गया कि पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
कन्या सुमंगला योजना के लाभार्थियों को भी मिला सम्मान
कार्यक्रम में कन्या सुमंगला योजना के दो लाभार्थियों को भी स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इस योजना के माध्यम से पात्र बालिकाओं और परिवारों को सरकार की ओर से निर्धारित सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत 10 मेधावी छात्राओं का सम्मान
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की 10 मेधावी छात्राओं को सम्मान पत्र और डमी चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित छात्राओं में मुस्कान, विग्देश, महिमा वर्मा, अंतरिका राजपूत, आराध्या वर्मा, सपना, राधिका, खुशी जैन, अंजली और याशिका शामिल रहीं।
मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना और अन्य छात्राओं को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं।
उन्होंने उनसे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और परिवारों से जुड़े मामलों में योजनाओं की जानकारी और सेवाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
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पोषण, शिक्षा और महिला कल्याण को जोड़ने की पहल
सूरसदन में आयोजित कार्यक्रम में अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित करने के साथ पोषण, शिक्षा और महिला कल्याण को एक साथ जोड़ने का संदेश भी सामने आया।
एक ओर सैम से सामान्य श्रेणी में सुधार करने वाले बच्चों के अभिभावकों को पोषण पोटली दी गई, तो दूसरी ओर बच्चों को लैपटॉप देकर शिक्षा में डिजिटल सहयोग उपलब्ध कराया गया। वहीं मेधावी छात्राओं को सम्मानित कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया।
इन गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर रहा।
अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्या, जिला परिवीक्षा अधिकारी अतुल सोनी सहित बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग तथा महिला कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी तथा अन्य संबंधित लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
सम्मान और नियुक्ति से बढ़ा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का उत्साह
आगरा के सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के योगदान को सम्मान देने के साथ महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों को प्रोत्साहित करने का अवसर दिया।
पांच उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र, पांच नवचयनित कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता एवं सम्मान प्रदान किया गया। वहीं आठ बच्चों को लैपटॉप और 10 मेधावी छात्राओं को सम्मानित किए जाने से कार्यक्रम का फोकस पोषण, शिक्षा और महिला-बाल कल्याण के तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर रहा।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी प्रभावी रूप से समाज तक पहुंच सकता है, जब जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी और अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं इसी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं को समुदाय तक पहुंचाने में लगातार भूमिका निभाती हैं।


