डिजिटल शिक्षा की ओर बढ़ा कदम, एक दिन में 100 से अधिक शिक्षकों और ईसीसीई एजुकेटर ने डाउनलोड किया पीएम ई-विद्या एप
विद्यालय से हर घर तक पहुंचेगा निःशुल्क डिजिटल ज्ञान, डायट प्राचार्य ने हर बच्चे को योजना से जोड़ने पर दिया जोर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। बच्चों को केवल विद्यालय में ही नहीं, बल्कि घर पर भी गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में जिले में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल तेज हो रही है। इसी क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान एक ही दिन में 100 से अधिक शिक्षकों एवं ईसीसीई एजुकेटर ने पीएम ई-विद्या एप डाउनलोड किया। एप डाउनलोड किए जाने का आंकड़ा सर्वर पर भी दर्ज हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों और ईसीसीई एजुकेटर को पीएम ई-विद्या के माध्यम से उपलब्ध डिजिटल शैक्षणिक सामग्री के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी समझाया गया कि वे इस सुविधा का उपयोग स्वयं करने के साथ विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं।
बच्चों को घर पर भी मिलेगा निःशुल्क डिजिटल शैक्षणिक सहयोग
पीएम ई-विद्या को बच्चों के लिए घर बैठे उपलब्ध निःशुल्क डिजिटल शैक्षणिक सहयोग के रूप में उपयोगी बताते हुए डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह ने शिक्षकों एवं ईसीसीई एजुकेटर से इसके नियमित उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री बच्चों को अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ने और कठिन विषयों को दोबारा समझने का अवसर देती है। यदि विद्यार्थी किसी पाठ या विषय को पहली बार में पूरी तरह नहीं समझ पाता है, तो वह डिजिटल सामग्री के माध्यम से उसे बार-बार देखकर और सुनकर अपनी समझ को बेहतर कर सकता है।
डायट प्राचार्य ने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को पीएम ई-विद्या एप से जोड़ने के साथ उनके अभिभावकों को भी इसकी जानकारी दें, ताकि विद्यालय में होने वाली पढ़ाई को घर पर भी दोहराने में विद्यार्थियों को सहायता मिल सके।
एक दिन में 100 से अधिक डाउनलोड, सर्वर पर भी दर्ज हुआ आंकड़ा
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों और ईसीसीई एजुकेटर के बीच पीएम ई-विद्या एप को लेकर विशेष रुचि दिखाई दी। एक ही दिन में 100 से अधिक शिक्षकों एवं ईसीसीई एजुकेटर द्वारा एप डाउनलोड किया गया। डाउनलोड का आंकड़ा सर्वर पर भी दर्ज हुआ, जिससे जिले में डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में हुई पहल का पता चलता है।
एप डाउनलोड कराने के साथ प्रतिभागियों को केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसके व्यावहारिक उपयोग के बारे में भी बताया गया। इसका उद्देश्य यह है कि शिक्षक स्वयं डिजिटल सामग्री को समझें और विद्यार्थियों तक उसके उपयोग की जानकारी प्रभावी तरीके से पहुंचा सकें।
टीवी चैनलों के माध्यम से भी उपलब्ध है शैक्षणिक सामग्री
प्रशिक्षण में डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने शिक्षकों एवं ईसीसीई एजुकेटर को पीएम ई-विद्या एप के साथ-साथ टीवी चैनलों के माध्यम से उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री की भी जानकारी दी। उन्होंने शैक्षणिक चैनलों की चैनल संख्या और उनके प्रसारण समय के बारे में बताया, ताकि विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार इनका लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि डिजिटल शिक्षा का लाभ केवल उन विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, जिनके पास हर समय इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे क्षेत्रों में जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी सीमित है, वहां फ्री डिश के माध्यम से उपलब्ध शैक्षणिक चैनल बच्चों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
इस तरह मोबाइल एप के साथ टेलीविजन आधारित शैक्षणिक सामग्री भी विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़े रहने का एक अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध कराती है।
इंटरनेट सीमित होने वाले क्षेत्रों के बच्चों के लिए भी उपयोगी
डिजिटल शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए इंटरनेट की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण पहलू है। जिले के ऐसे क्षेत्रों में जहां इंटरनेट सुविधा सीमित हो सकती है, वहां टीवी के माध्यम से उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि पीएम ई-विद्या की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग बच्चों की स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए एक से अधिक माध्यम मिलते हैं।
एप के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार उपलब्ध पाठ्य सामग्री को दोहरा सकते हैं। खासतौर पर ऐसे विषय या पाठ जिन्हें समझने में कठिनाई हो रही हो, उन्हें बार-बार देखकर विद्यार्थी अपनी समझ को मजबूत कर सकते हैं।
एससीईआरटी के निर्देश पर बढ़ाया जा रहा प्रभावी उपयोग
एससीईआरटी के निर्देश पर जिले में पीएम ई-विद्या के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय निभा रहे हैं। उनके प्रयास से शिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं को एप डाउनलोड कराने के साथ-साथ इसके व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी भी दी जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य केवल एप डाउनलोड की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि डिजिटल संसाधनों को वास्तविक पढ़ाई से जोड़ना है। शिक्षक यदि बच्चों को उपलब्ध सामग्री की जानकारी दें और उन्हें नियमित रूप से इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करें, तो डिजिटल माध्यम विद्यालयी शिक्षा के लिए अतिरिक्त सहयोगी संसाधन बन सकता है।
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डायट के शिक्षकों ने भी शुरू किया एप का उपयोग
पीएम ई-विद्या एप के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए डायट के शिक्षकों और अधिकारियों ने भी स्वयं एप डाउनलोड कर इसकी शुरुआत की। वरिष्ठ प्रवक्ता विजय सिंह, प्रवक्ता लक्ष्मी शर्मा, एसआरजी प्रीति सिंह और एआरपी कल्पना छौंकर ने एप डाउनलोड कर इसके इस्तेमाल की शुरुआत की।
इससे प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों और ईसीसीई एजुकेटर को यह संदेश भी मिला कि डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी उपयोगी हो सकता है। शिक्षक पहले स्वयं सामग्री और उसके उपयोग की प्रक्रियाको समझकर विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से मार्गदर्शन दे सकते हैं।
विद्यालय से घर तक शिक्षा पहुंचाने पर जोर
पीएम ई-विद्या जैसी डिजिटल पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी विद्यालय के निर्धारित समय के बाद भी सीखने की प्रक्रिया से जुड़े रह सकें। घर पर उपलब्ध डिजिटल सामग्री के माध्यम से बच्चे कक्षा में पढ़ाए गए पाठ को दोहरा सकते हैं और अपनी गति के अनुसार अध्ययन कर सकते हैं।
शिक्षकों और ईसीसीई एजुकेटर को इसी बात के लिए प्रेरित किया गया कि वे बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी दें। इससे घर का वातावरण भी बच्चों की पढ़ाई के लिए अधिक सहयोगी बनाया जा सकता है।
हर बच्चे तक डिजिटल शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य
डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह ने कहा कि पीएम ई-विद्या बच्चों को घर बैठे निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रयास होना चाहिए कि जनपद के प्रत्येक बच्चे और अभिभावक तक इसकी जानकारी पहुंचे और शिक्षक बच्चों को इसके नियमित उपयोग के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसका उपयोग विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करने में किया जाए। इसलिए शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे बच्चों को डिजिटल सामग्री तक पहुंच बनाने, उसे सही तरीके से इस्तेमाल करने और जरूरत के अनुसार पाठ दोहराने के लिए मार्गदर्शन कर सकते हैं।
डिजिटल संसाधनों से मजबूत होगी सीखने की प्रक्रिया
आगरा में पीएम ई-विद्या एप को लेकर शिक्षकों और ईसीसीई एजुकेटर के बीच बढ़ती भागीदारी डिजिटल शिक्षा को विद्यालयी व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक ही दिन में 100 से अधिक डाउनलोड होना इस बात का संकेत है कि शिक्षक डिजिटल माध्यमों को अपने शैक्षणिक कार्य से जोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं।
एप, टीवी चैनलों और अन्य डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं। विशेष रूप से कठिन विषयों को दोहराने, अपनी सुविधा के अनुसार सामग्री देखने और विद्यालय में सीखी बातों को घर पर मजबूत करने में ये संसाधन सहायक हो सकते हैं।
अब शिक्षकों के सामने चुनौती यही है कि डिजिटल माध्यम को केवल एप डाउनलोड तक सीमित न रखते हुए इसे बच्चों की नियमित सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाए। डायट स्तर से दिए जा रहे प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के माध्यम से इसी दिशा में प्रयास किया जा रहा है, ताकि विद्यालय से निकलकर डिजिटल शिक्षा हर घर और हर बच्चे तक पहुंच सके।




