खंदौली के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पहुंचे DM मनीष बंसल, छात्राओं से पढ़ाई और सुविधाओं का लिया जायजा
क्लासरूम में बच्चों को पढ़ाया, मिड-डे मील चखकर परखी गुणवत्ता; जनपद के 13 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में CSR फंड से सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 18 अगस्त 2026। कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के बाद जिलाधिकारी मनीष बंसल मंगलवार को अचानक खंदौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय उजरई और कंपोजिट विद्यालय उजरई पहुंचे। बिना पूर्व सूचना किए गए इस निरीक्षण में जिलाधिकारी ने छात्राओं से सीधे संवाद कर पढ़ाई, भोजन, दैनिक दिनचर्या, सुरक्षा, स्वास्थ्य और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
डीएम के अचानक विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। जिलाधिकारी ने भी बच्चों के बीच सहज माहौल बनाते हुए उनसे उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि उन्हें समय पर किताबें और ड्रेस मिली हैं या नहीं, भोजन की गुणवत्ता कैसी है, गर्म पानी के लिए गीजर की सुविधा चल रही है या नहीं और विद्यालय में शिक्षक किस तरह पढ़ा रहे हैं।
क्लासरूम में बच्चों से किया संवाद, खुद पढ़ाया

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल व्यवस्थाओं का निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि क्लासरूम में जाकर बच्चों की शैक्षिक स्थिति भी परखी। उन्होंने छात्राओं से अंग्रेजी और गणित से जुड़े सवाल पूछे तथा किताब लेकर उन्हें पढ़ाया।
डीएम ने बच्चों से सवाल-जवाब करते हुए उनके सीखने के स्तर को समझने का प्रयास किया। छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक उनके सवालों के जवाब दिए। बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करें।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि कठिन परिस्थितियां लक्ष्य की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत के माध्यम से विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।
मिड-डे मील की गुणवत्ता खुद चखकर परखी

जिलाधिकारी ने विद्यालय में भोजन व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने रसोईघर और मिड-डे मील की गुणवत्ता की जानकारी लेने के साथ स्वयं भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता परखी।
इसके अलावा छात्राओं से भोजन के संबंध में सीधे फीडबैक लिया गया। उन्होंने छात्राओं से यह भी पूछा कि उन्हें प्रतिदिन क्या भोजन दिया जाता है और भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की समस्या तो नहीं है।
डीएम ने विद्यालय प्रशासन को स्वच्छता और पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालय में लैब और लाइब्रेरी का निरीक्षण

इसके बाद जिलाधिकारी ने उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया, जहां कक्षा 9 और 10 की छात्राएं अध्ययनरत हैं। उन्होंने यहां क्लासरूम के साथ भौतिक विज्ञान एवं जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, रसोईघर, छात्रावास, खेलकूद सामग्री, शौचालय, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने विद्यालय परिसर में स्वच्छता के उच्च मानक बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए प्रायोगिक शिक्षा और नियमित खेलकूद गतिविधियों को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेल, प्रयोग और अन्य गतिविधियां भी जरूरी हैं।
छात्राओं को HPV वैक्सीन के प्रति किया जागरूक

उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं से संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने एचपीवी वैक्सीन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को इसके महत्व के बारे में समझाते हुए अपने अभिभावकों से इस संबंध में बातचीत करने और पात्र होने पर वैक्सीनेशन कराने के लिए जागरूक किया।
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को भी स्वास्थ्य एवं जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
कंपोजिट विद्यालय में बच्चों से पूछे सवाल, ब्लैकबोर्ड पर कराया हल
कस्तूरबा विद्यालयों के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय उजरई (कंपोजिट) पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों से ड्रेस, जूते-मोजे, पाठ्य पुस्तकों और मिड-डे मील के संबंध में जानकारी ली।
डीएम ने बच्चों की शैक्षिक समझ परखने के लिए उन्हें सवाल दिए और कुछ प्रश्न ब्लैकबोर्ड पर हल करने के लिए भी कहा। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति, शिक्षण गुणवत्ता और सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने को कहा।
13 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में CSR फंड से सुधरेंगी सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि जनपद के सभी 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व यानी CSR फंड के माध्यम से आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों की जरूरत के अनुसार प्रस्ताव और एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें विद्यालय भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई, शौचालय एवं वॉशरूम की मरम्मत, चारदीवारी, पेयजल व्यवस्था और हाथ धोने की सुविधा जैसे कार्य शामिल किए जाएंगे।
इसके साथ ही छात्राओं के लिए पर्याप्त कुर्सी-मेज, खेलकूद सामग्री, डिजिटल शिक्षा की सुविधा और स्मार्ट क्लासरूम विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
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स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब को मिलेगा बढ़ावा
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक और आधुनिक शिक्षा का है। ऐसे में आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और उच्चीकृत कंप्यूटर लैब की व्यवस्था के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। खिड़कियों, जालियों और अन्य आवश्यक संरचनात्मक सुविधाओं की मरम्मत के साथ विद्यालय परिसर में सुरक्षित एवं अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
डीएम ने कहा कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित वातावरण और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
CSR फंड के उपयोग में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि CSR फंड से होने वाले सभी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए नोडल अधिकारी नामित करने तथा प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विद्यालय भवन में चल रहे बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी देखी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय ग्रामीण एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए इन विद्यालयों में बेहतर पठन-पाठन के साथ सुरक्षा, स्वच्छता, पोषण, स्वास्थ्य और डिजिटल शिक्षा की सुविधाएं मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां वे सुरक्षित महसूस करते हुए अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार, डीसी बालिका कुलदीप तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
डीएम मनीष बंसल का यह औचक निरीक्षण केवल विद्यालयों की व्यवस्थाओं की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्राओं से सीधे संवाद के जरिए उनकी वास्तविक जरूरतों को समझने की कोशिश भी की गई। वहीं जनपद के सभी 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में CSR फंड से सुविधाएं बढ़ाने की पहल से डिजिटल शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं और छात्राओं के सुरक्षित वातावरण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


