खेरागढ़ के परिषदीय विद्यालय में स्काउट एंड गाइड जांच शिविर, बच्चों ने सीखे प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन के गुर
स्काउट-गाइड शिविर में गांठ-बंधन, स्ट्रेचर निर्माण, फ्लैग सेरेमनी और टेंट पिचिंग का प्रशिक्षण; अंतिम दिन प्रतियोगिताओं के साथ हुआ दीक्षा समारोह
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
खेरागढ़/आगरा। विकास खंड खेरागढ़ के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय सौंन में स्काउट एंड गाइड प्रथम/द्वितीय जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्काउट्स एवं गाइड्स ने अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भरता से जुड़े विभिन्न कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। बच्चों ने शिविर के दौरान गांठ एवं बंधन, प्राथमिक चिकित्सा, स्ट्रेचर निर्माण और फ्लैग सेरेमनी जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्काउट मास्टर अंशुल के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सहयोग की भावना, अनुशासन और विषम परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना रहा।
बच्चों ने सीखे उपयोगी जीवन कौशल

शिविर के दौरान स्काउट्स एवं गाइड्स को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उपयोगी जीवन कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
बच्चों ने विभिन्न प्रकार की गांठों एवं बंधनों को लगाने का अभ्यास किया। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार से संबंधित जरूरी जानकारी दी गई, ताकि किसी आपात स्थिति में वे शुरुआती स्तर पर घायल व्यक्ति की मदद कर सकें।
शिविर में विद्यार्थियों को उपलब्ध संसाधनों की मदद से स्ट्रेचर तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके माध्यम से बच्चों को टीमवर्क और आपातकालीन परिस्थितियों में संयम के साथ काम करने का महत्व समझाया गया।
फ्लैग सेरेमनी ने बढ़ाया अनुशासन का भाव

शिविर में फ्लैग सेरेमनी का भी आयोजन किया गया। स्काउट एंड गाइड गतिविधियों में ध्वज का विशेष महत्व होता है। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, सम्मान, जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
बच्चों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता की।
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अंतिम दिन आयोजित हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएं

शिविर के अंतिम दिन विद्यार्थियों के कौशल और रचनात्मकता को परखने के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें टेंट पिचिंग, नृत्य एवं संगीत और फूड प्लाजा जैसी गतिविधियां प्रमुख रहीं।
टेंट पिचिंग के माध्यम से विद्यार्थियों ने सीमित समय में टीम के साथ मिलकर टेंट तैयार करने का अभ्यास किया। वहीं नृत्य एवं संगीत की गतिविधियों ने शिविर में रचनात्मकता और उत्साह का माहौल बनाया।
फूड प्लाजा के माध्यम से विद्यार्थियों को सामूहिक कार्य, स्वच्छता, प्रबंधन और जिम्मेदारी के साथ काम करने का अवसर मिला।
विद्यार्थियों को दी गई स्काउट-गाइड दीक्षा
शिविर के समापन अवसर पर पात्र विद्यार्थियों को स्काउट एवं गाइड दीक्षा भी प्रदान की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्काउटिंग के मूल सिद्धांतों, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
दीक्षा के साथ विद्यार्थियों ने समाज और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने, अनुशासन का पालन करने तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करने की भावना को मजबूत किया।
शिक्षकों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
शिविर के सफल संचालन में विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक एवं स्काउट मास्टर डॉ. मलय कुमार दास की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने शिविर की विभिन्न गतिविधियों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
इसी क्रम में गाइड कैप्टन वीनू वर्मा ने भी शिविर के संचालन में सक्रिय सहयोग किया। उनके मार्गदर्शन से गाइड्स ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
स्काउटिंग से बच्चों में विकसित होते हैं सेवा और नेतृत्व के संस्कार
स्काउट एंड गाइड जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिविर में बच्चों को टीम भावना, नेतृत्व, अनुशासन, आत्मनिर्भरता, प्राथमिक उपचार और सेवा जैसे व्यावहारिक गुणों से परिचित कराया गया।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सौंन में आयोजित यह शिविर विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपने कौशल को व्यवहारिक रूप से प्रदर्शित करने का उपयोगी अवसर साबित हुआ। प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण और दीक्षा कार्यक्रम के साथ शिविर का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।


