Agra News: आगरा में खुरपका-मुँहपका रोग से बचाव के लिए 45 दिवसीय निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू, 6.22 लाख से अधिक पशुओं को लगेगा टीका
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पशुपालन विभाग के वाहनों को दिखाई हरी झंडी, 49 टीमें गांव-गांव पहुंचकर करेंगी पशुओं का मुफ्त टीकाकरण
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 22 जुलाई 2026। पशुधन को खुरपका-मुँहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आगरा जनपद में 45 दिवसीय निशुल्क टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर दिया गया है। बुधवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट परिसर से पशुपालन विभाग के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
यह अभियान 22 जुलाई से 8 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान पशुपालन विभाग की विशेष टीमें गांव-गांव जाकर पात्र पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगी, ताकि जिले में खुरपका-मुँहपका रोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
49 टीमें गांव-गांव जाकर करेंगी टीकाकरण

पशुपालन विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए 49 विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पशुपालकों के घरों और डेयरियों तक पहुंचेंगी तथा पात्र पशुओं को निःशुल्क टीका लगाएंगी।
विभाग के अनुसार आगरा जनपद को इस अभियान के लिए 6,22,150 डोज (टीके) प्राप्त हो चुके हैं। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक पशुओं को समय पर टीकाकृत कर बीमारी के प्रसार को रोकना है।
खुरपका-मुँहपका रोग से बचाव क्यों है जरूरी?

खुरपका-मुँहपका (Foot and Mouth Disease – FMD) पशुओं में होने वाला एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है। यह मुख्य रूप से गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और अन्य खुर वाले पशुओं को प्रभावित करता है।
इस बीमारी के कारण पशुओं के मुंह और खुरों में छाले पड़ जाते हैं, जिससे उन्हें चलने, चारा खाने और दूध उत्पादन में कठिनाई होती है। समय पर टीकाकरण से इस बीमारी की रोकथाम संभव है और पशुधन की उत्पादकता भी सुरक्षित रहती है।
इन पशुओं का नहीं होगा टीकाकरण
अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. विपिन कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य), ने बताया कि अभियान के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि—
- 4 माह से कम आयु के पशुओं का टीकाकरण नहीं किया जाएगा।
- 6 माह से अधिक अवधि के गर्भित पशुओं को भी इस अभियान में टीका नहीं लगाया जाएगा।
उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे केवल पात्र पशुओं का ही टीकाकरण कराएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
पशुपालकों से सहयोग की अपील
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि पशुधन किसानों और पशुपालकों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि जब पशुपालन विभाग की टीमें गांव में पहुंचें तो वे अपने पशुओं को टीकाकरण के लिए अवश्य प्रस्तुत करें। इससे न केवल उनके पशु सुरक्षित रहेंगे बल्कि पूरे क्षेत्र में बीमारी के फैलने की आशंका भी कम होगी।
डॉ. विपिन कुमार को बनाया गया नोडल अधिकारी
टीकाकरण अभियान के सफल संचालन के लिए डॉ. विपिन कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य), को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वे पूरे अभियान की निगरानी करेंगे तथा टीकाकरण कार्य की नियमित समीक्षा करेंगे।
अभियान के शुभारंभ पर ये अधिकारी रहे मौजूद
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर पशुपालन विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें डॉ. विपिन कुमार, डॉ. अनिल कुमार (उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सदर), डॉ. जयन्त यादव (एत्मादपुर), डॉ. संजय यादव (बिचपुरी), डॉ. राकेश कुमार सिंह (सिकंदरा), डॉ. संजय तोमर (फतेहपुर सीकरी), डॉ. ओम बाबू बाथम (खंदौली) तथा डॉ. विकास सचान (बमरौली कटारा) और डॉ. सुदीप कुमार (अकोला) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बीमारी पर नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि खुरपका-मुँहपका जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए पशुपालकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। यदि सभी पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण कराया जाए, तो बीमारी के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
पशुपालन विभाग ने जनपद के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस 45 दिवसीय निशुल्क टीकाकरण अभियान का पूरा लाभ उठाएं और अपने पशुओं को सुरक्षित रखकर पशुधन एवं दुग्ध उत्पादन को मजबूत बनाने में सहयोग करें।


