डायट आगरा के प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय का बड़ा सम्मान, आईआईएम अहमदाबाद के क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए हुए नामित
शिक्षा एवं शैक्षिक नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मिली नई पहचान, प्रशिक्षण का लाभ प्रदेशभर के शिक्षकों तक पहुंचेगा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 10 जुलाई 2026 |
शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए पहचान बना चुके जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा के प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद में आयोजित होने वाले क्षमता संवर्धन (Capacity Building) प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए नामित किया गया है।
यह चयन न केवल डॉ. वार्ष्णेय की शैक्षणिक दक्षता और नवाचारों का सम्मान है, बल्कि डायट आगरा और उत्तर प्रदेश की शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त अनुभव और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों का लाभ भविष्य में प्रदेश के हजारों शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों तक पहुंच सकेगा।
प्रत्येक डायट से एक प्रवक्ता का हुआ चयन
डायट आगरा के प्राचार्य विजय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से केवल एक प्रवक्ता का चयन इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया जाना था। आगरा डायट से डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारों और प्रशिक्षण अनुभव के आधार पर नामित किया गया है।
उन्होंने कहा कि आईआईएम अहमदाबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद डॉ. वार्ष्णेय आधुनिक शैक्षिक नेतृत्व, प्रबंधन कौशल और प्रशिक्षण तकनीकों को स्थानीय स्तर पर लागू करेंगे, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बन सकेंगे।
शिक्षा एवं शैक्षिक तकनीकी विभाग की संभाल रहे हैं जिम्मेदारी
डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय वर्तमान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, आगरा में प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं और शिक्षा एवं शैक्षिक तकनीकी विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
उन्होंने शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षिक अनुसंधान, डिजिटल शिक्षण और नवाचार आधारित शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी कार्यशैली हमेशा गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और व्यवहारिक शिक्षा पर आधारित रही है।
कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने में निभाई भूमिका
डॉ. वार्ष्णेय ने शिक्षा विभाग के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण मॉड्यूल और हस्तपुस्तिकाओं के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई है।
उन्होंने विशेष रूप से—
- माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्यों के लिए ‘दक्ष’ प्रशिक्षण मॉड्यूल
- उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए ‘समर्थ’ हस्तपुस्तिका
- शिक्षक प्रशिक्षण से संबंधित अन्य शैक्षणिक मॉड्यूल
के लेखन और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इन मॉड्यूलों का उपयोग प्रदेशभर में शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों के प्रशिक्षण के दौरान किया जा रहा है।
पीएम ई-विद्या के लिए तैयार किए डिजिटल शैक्षणिक वीडियो
डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किया है।
उन्होंने पीएम ई-विद्या (PM eVidya) कार्यक्रम के अंतर्गत अनेक शैक्षणिक वीडियो तैयार किए, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई।
डिजिटल माध्यम से शिक्षा को प्रभावी बनाने में उनका योगदान सराहनीय माना जाता है।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
राज्य स्तर पर चयनित हुईं पाठ योजनाएं
डॉ. वार्ष्णेय की तीन पाठ योजनाएं राज्य स्तर पर चयनित हो चुकी हैं। उनकी शिक्षण पद्धति में नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाता है।
उनके द्वारा तैयार की गई पाठ योजनाओं को राज्य स्तर पर उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में स्वीकार किया गया।
राज्य स्तरीय नवाचारों में भी मिली जगह
शिक्षा में नवाचारों के क्षेत्र में भी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
उनका एक शैक्षणिक नवाचार राज्य सरकार की ‘उद्गम’ पुस्तिका में प्रकाशित 30 चयनित नवाचारों में शामिल किया गया है।
विशेष बात यह रही कि पूरे प्रदेश के सभी डायट संस्थानों में से केवल तीन प्रवक्ताओं के नवाचारों को इस प्रतिष्ठित प्रकाशन में स्थान मिला, जिनमें डॉ. वार्ष्णेय का नाम भी शामिल है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका
डॉ. वार्ष्णेय केवल शिक्षक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वे नियमित रूप से—
- इंस्पायर अवार्ड
- राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS)
- श्रेष्ठा योजना
- अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं
के लिए अभ्यास प्रश्नपत्र और अध्ययन सामग्री तैयार कराने में सहयोग करते हैं, जिससे ग्रामीण एवं सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके।
आईआईएम अहमदाबाद का प्रशिक्षण देगा नई दिशा
देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम अहमदाबाद में आयोजित क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों को आधुनिक नेतृत्व, प्रबंधन, नवाचार, प्रशिक्षण तकनीकों तथा संस्थागत विकास के नवीन आयामों से परिचित कराना है।
इस प्रशिक्षण के बाद डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय अपने अनुभवों और सीखी गई नई कार्यप्रणालियों को उत्तर प्रदेश के शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करेंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशिक्षण व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
डायट आगरा के लिए गौरव का क्षण
डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि डायट आगरा के लिए भी गर्व का विषय है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षकों के अनुभव और नवाचार भविष्य में शिक्षकों की क्षमता वृद्धि, डिजिटल शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के बेहतर अधिगम परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
डायट आगरा परिवार ने डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनका प्रशिक्षण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


