Agra News: स्वास्थ्य सेवाओं पर डीएम मनीष बंसल सख्त, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान कार्ड, टीकाकरण और एचपीवी अभियान में तेजी लाने के दिए निर्देश
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में कई स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर नाराजगी, लंबित जननी सुरक्षा भुगतान तत्काल पूरा करने के आदेश, टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित कर दिया स्वास्थ्य का संदेश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 29 जुलाई 2026। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई), संपूर्ण टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, एचपीवी टीकाकरण, संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का बिंदुवार मूल्यांकन किया गया।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कई योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर डीएम की सख्त निगरानी

बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि केवल बैठकें करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि धरातल पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में प्रगति संतोषजनक नहीं है, उनमें तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
कम संस्थागत प्रसव वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर सख्ती

समीक्षा के दौरान यूपीएचसी छत्ता, नगला पदी, विभव नगर, नगला बूढ़ी और लोहामंडी में शून्य डिलीवरी प्रदर्शन तथा बेहद कमजोर प्रगति सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के वेतन पर लगी रोक को यथावत रखने के निर्देश दिए।
वहीं यूपीएचसी नया घेर, लोहामंडी, सेवला और जगदीशपुरा में सुधारात्मक प्रगति मिलने पर संबंधित अधिकारियों का वेतन जारी करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव बढ़ाना मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान तुरंत पूरे करने के आदेश

बैठक में जननी सुरक्षा योजना (JSY) के अंतर्गत लंबित भुगतान की समीक्षा के दौरान कई स्वास्थ्य संस्थानों में बड़ी संख्या में भुगतान लंबित पाए गए।
समीक्षा में सामने आया कि सीएचसी फतेहाबाद में 529, एसएन मेडिकल कॉलेज में 480, जिला महिला चिकित्सालय में 401, सीएचसी खंदौली में 207 और सीएचसी पिनाहट में 206 भुगतान लंबित हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों और एमओआईसी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित भुगतान उसी दिन रात तक पोर्टल पर सत्यापित कर पूरे किए जाएं तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी इसकी व्यक्तिगत निगरानी करें।
उन्होंने यह भी कहा कि आशा कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों को समय पर भुगतान मिलने से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा और स्वास्थ्य योजनाओं पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
70 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र बुजुर्गों के बनें आयुष्मान कार्ड
बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड विशेष अभियान चलाकर बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है और कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
कोई भी बच्चा टीकाकरण से न रहे वंचित
संपूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कई क्षेत्रों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई।
विशेष रूप से फतेहपुर सीकरी, जगनेर, जैतपुर कलां, खेरागढ़, किरावली और शमसाबाद क्षेत्रों की प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक टीकाकरण सत्र समय पर आयोजित किया जाए, एएनएम की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रतिदिन पोर्टल पर प्रगति अपडेट की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए।”
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए तेज होंगे अभियान
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि जून और जुलाई के दौरान जनपद में डेंगू का एक तथा मलेरिया के दस मामले सामने आए हैं।
जिलाधिकारी ने प्रभावित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे, लार्वा खोज अभियान, नियमित फॉगिंग, साफ-सफाई और जनजागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सतर्कता और समय पर रोकथाम ही डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में तेजी लाने के निर्देश
संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा के दौरान पंचायती राज विभाग, आईसीडीएस और नगर निगम की प्रगति अपेक्षा से कम पाई गई।
इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में शत-प्रतिशत घर-घर सर्वे (हाउसहोल्ड सर्वे) पूरा करने और बीमारियों की रोकथाम के लिए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
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गर्भाशय कैंसर-मुक्त आगरा अभियान को मिलेगी नई गति
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव भी रहा।
समीक्षा में बताया गया कि जनपद में अब तक 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 11 हजार से अधिक बालिकाओं को एचपीवी (HPV) वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि को स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, विद्यालयों, अभिभावकों और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया।
हालांकि लक्ष्य के मुकाबले प्रगति अभी भी कम रहने पर उन्होंने जिला प्रतिरक्षण अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया और अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए।
विद्यालयों में नियमित चलेंगे एचपीवी जागरूकता और टीकाकरण सत्र
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रतिदिन विद्यालयों में जाकर छात्राओं और अभिभावकों को सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक करें।
उन्होंने सभी विद्यालयों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम और टीकाकरण सत्र आयोजित कर प्रत्येक पात्र बालिका का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आमजन से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यदि परिवार में 14 से 15 वर्ष आयु की कोई पात्र बालिका है तो उसे समय पर एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं। यह सुरक्षित और प्रभावी टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में सहायक है।
टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित कर दिया जागरूकता का संदेश
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी मनीष बंसल ने टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की।
उन्होंने मरीजों को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि उचित दवा के साथ संतुलित आहार भी टीबी से जल्द स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने समाज से भी अपील की कि टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें पोषण और मानसिक सहयोग प्रदान करें।
ई-संजीवनी, आभा आईडी और अन्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में ई-संजीवनी, ई-कवच, आभा आईडी, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, परिवार नियोजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए और प्रत्येक पात्र नागरिक तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीयूष जैन, डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
जिला स्वास्थ्य समिति की यह समीक्षा बैठक केवल योजनाओं की प्रगति जानने तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट संदेश दिया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान भारत, टीबी उन्मूलन और गर्भाशय कैंसर रोकथाम जैसे कार्यक्रमों को मिशन मोड में लागू कर प्रत्येक पात्र नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


