Agra News: अवैध खनन पर DM मनीष बंसल सख्त, बिना HSRP और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ वाले वाहन होंगे सीज, FIR के निर्देश
बालू, पत्थर और मिट्टी के अवैध खनन पर बढ़ेगी निगरानी; ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चलेगा अभियान, खनन अनुमति से पहले और बाद में ड्रोन सर्वे के निर्देश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 4 अगस्त 2026। आगरा में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बिना वैध परमिट या पट्टे के बालू, पत्थर और मिट्टी का खनन करने वालों के खिलाफ एफआईआर सहित प्रभावी विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बिना एचएसआरपी (High Security Registration Plate), नंबर प्लेट से छेड़छाड़ या नंबर छिपाकर संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सीज, चालान और आवश्यकतानुसार एफआईआर की कार्रवाई करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपद एवं तहसील स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग, वाहनों की नंबर प्लेट में गड़बड़ी और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में खनन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस, राजस्व और वन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त अभियान चलाने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
बिना HSRP और नंबर छिपाकर चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट संचालित होने वाले वाहनों के साथ ही नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने, नंबर को ढकने अथवा वाहन की पहचान छिपाने के उद्देश्य से नंबर प्लेट में बदलाव करने के मामलों पर विशेष नजर रखी जाए।
ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर नियमानुसार चालान और सीज करने की कार्रवाई की जाए। गंभीर अथवा संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले मामलों में एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध खनन और परिवहन रोकना ही नहीं, बल्कि ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को भी कम करना है।
यमुना-चंबल क्षेत्र में अवैध बालू खनन पर विशेष नजर

बैठक में यमुना और चंबल नदी क्षेत्र सहित जनपद के विभिन्न हिस्सों में होने वाले बालू, पत्थर एवं मिट्टी के अवैध खनन की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि बिना वैध परमिट अथवा स्वीकृत पट्टे के खनन करना गैरकानूनी है। अवैध खनन अथवा खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए, जिससे अवैध खनन करने वालों को समय रहते चिह्नित किया जा सके।
24×7 निगरानी, खनन वाहनों का रखा जाएगा रिकॉर्ड
अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनपद एवं तहसील स्तरीय संयुक्त टास्क फोर्स को 24×7 निगरानी और सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान खनन से जुड़े वाहनों का विवरण निर्धारित रजिस्टर में दर्ज किया जाए और प्रवर्तन कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट संबंधित स्तर पर उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध खनन के खिलाफ प्रवर्तन कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
खनन अनुमति से पहले होगा ड्रोन सर्वे
बैठक में खनन गतिविधियों की पारदर्शी निगरानी के लिए तकनीक के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन, ड्रोन सर्वे, विभागीय प्रवर्तन, पर्यावरणीय मानकों तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक खनन अनुमति जारी किए जाने से पहले संबंधित स्थल का ड्रोन सर्वे और फोटोग्राफी अनिवार्य रूप से कराई जाए।
इससे अनुमति जारी होने से पहले स्थल की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और बाद में यह पता लगाने में आसानी होगी कि खनन स्वीकृत सीमा के भीतर किया गया या नहीं।
खनन पूरा होने के बाद दोबारा होगा ड्रोन सर्वे
जिलाधिकारी ने केवल खनन शुरू होने से पहले ही नहीं, बल्कि खनन कार्य पूरा होने के बाद भी संबंधित स्थल का दोबारा ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए।
पोस्ट-माइनिंग ड्रोन सर्वे के माध्यम से यह सत्यापित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था ने निर्धारित क्षेत्र, मात्रा और अनुमति की शर्तों के अनुसार ही खनन किया है।
इसके साथ ही पिछले तीन महीनों में जारी खनन अनुमतियों और उनकी क्लोजर रिपोर्ट की समीक्षा प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
पर्यावरणीय मानकों का करना होगा कड़ाई से पालन
खनन स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर पेड़ मौजूद हैं, वहां पर्यावरण से संबंधित नियमों और निर्धारित मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुमति जारी करने से लेकर खनन समाप्त होने तक हर चरण में स्वीकृत शर्तों की निगरानी की जाए। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
SDM, थाना प्रभारी और ACP तक पहुंचेगी खनन अनुमति की जानकारी
स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक खनन अनुमति की प्रति संबंधित उपजिलाधिकारी (SDM), थाना प्रभारी और एसीपी को भी उपलब्ध कराई जाए।
इस व्यवस्था से संबंधित तहसील और थाना क्षेत्र में अधिकारियों को यह जानकारी रहेगी कि किस स्थान पर वैध खनन की अनुमति दी गई है और उसकी शर्तें क्या हैं। इससे वैध और अवैध खनन की पहचान करने तथा मौके पर प्रभावी कार्रवाई में मदद मिलेगी।
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राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में CCTV से निगरानी की तैयारी
बैठक में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन एवं अवैध परिवहन रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा हुई।
चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम स्थापित करने की प्रगति पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सीसीटीवी निगरानी के जरिए संवेदनशील मार्गों एवं क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों और अवैध खनिज परिवहन पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
खनन, पुलिस, परिवहन, वन और राजस्व विभाग चलाएंगे संयुक्त अभियान
अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने अलग-अलग विभागों के बजाय समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया है। खनन विभाग, पुलिस, परिवहन विभाग, वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को संयुक्त जांच एवं प्रवर्तन अभियान प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान अवैध बालू, पत्थर और मिट्टी खनन के साथ ओवरलोड वाहनों, बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहनों तथा नंबर प्लेट से छेड़छाड़ के मामलों की भी जांच की जाएगी।
प्रशासन का प्रयास है कि सघन निगरानी, ड्रोन सर्वे, सीसीटीवी, संयुक्त प्रवर्तन और स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही के जरिए अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार वर्मा, जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय, डीएफओ राजेश कुमार सहित संबंधित एसीपी, एसडीएम एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


