मिलेट्स बीज उत्पादन: आगरा में कृषक उत्पादक संगठन सदस्यों को बीज उत्पादन का प्रशिक्षण, मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी में दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, किसानों को बीज उत्पादन, प्रमाणीकरण और बीज विधायन की दी गई जानकारी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 21 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम 2026-27 के अंतर्गत कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) से जुड़े किसान सदस्यों के लिए बीज उत्पादन विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, बिचपुरी में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को मिलेट्स के बीज उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना और मोटे अनाजों की खेती एवं उपयोग को बढ़ावा देना रहा।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभागी किसानों को मिलेट्स की उपयोगिता, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन और प्रमाणित बीज के महत्व की जानकारी देते हुए उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मिलेट्स बीज उत्पादन को लेकर किसानों को किया जागरूक

कार्यक्रम में विशेष अतिथि अपर कृषि निदेशक (दलहन एवं तिलहन) डॉ. राजेश कुमार तथा संयुक्त कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने प्रतिभागी कृषकों को संबोधित किया। उन्होंने मिलेट्स यानी मोटे अनाजों के पोषण और कृषि की दृष्टि से महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों ने कहा कि मिलेट्स के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किसानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध होने से किसान उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ अपनी आय के नए अवसर भी विकसित कर सकते हैं।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
बीज उत्पादन से लेकर प्रमाणीकरण तक दी गई जानकारी

दो दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों को केवल बीज उत्पादन की जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि बीज की गुणवत्ता बनाए रखने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान संबंधित विशेषज्ञों ने बीज उत्पादन, बीज प्रमाणीकरण और बीज विधायन से जुड़े विषयों पर किसानों को विस्तार से जानकारी दी। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार करने, निर्धारित मानकों का पालन करने और प्रमाणित बीज के महत्व के बारे में समझाया गया।
कार्यक्रम में किसानों को यह भी बताया गया कि बेहतर बीज उत्पादन के लिए तकनीकी जानकारी और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का पालन करना आवश्यक है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने साझा की तकनीकी जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप निदेशक मृदा संरक्षण नीरज रान कटियार, उप निदेशक पादप रक्षा राजेश कुमार, उप निदेशक बीज प्रमाणीकरण संस्था जगदीश प्रसाद, क्षेत्रीय प्रबंधक राष्ट्रीय बीज निगम सी.पी. सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार तथा सेवानिवृत्त प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. फैज बख्श सैय्यद ने प्रतिभागी किसानों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
विशेषज्ञों ने किसानों को बीज की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया, प्रमाणीकरण तथा कृषि में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग के संबंध में जरूरी जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को अपनी कृषि गतिविधियों में नई तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
मिलेट्स की खेती से किसानों को जोड़ने पर जोर
उत्तर प्रदेश में मिलेट्स के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित कार्यक्रम के तहत किसानों को बीज उत्पादन से जोड़ने की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मिलेट्स को कम लागत और बदलती कृषि परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी फसल विकल्प के रूप में भी देखा जाता है।
प्रशिक्षण में किसानों को मिलेट्स की खेती के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार करने की संभावनाओं से परिचित कराया गया, जिससे वे भविष्य में बीज उत्पादन गतिविधियों से भी जुड़ सकें।
प्रशिक्षण के बाद किसानों में दिखा उत्साह
दो दिवसीय प्रशिक्षण में कृषक उत्पादक संगठनों से जुड़े सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसानों ने विशेषज्ञों से बीज उत्पादन और प्रमाणीकरण से जुड़े सवाल पूछे तथा अपनी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर सहायक निदेशक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला विकास सेठ ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागी किसानों का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में अनिरुद्ध माधव, विषय वस्तु विशेषज्ञ एवं योजना प्रभारी वैभव कुमार, जनपदीय सलाहकार एवं कार्यक्रम संचालक सलीम अली खां, तकनीकी सहायक सचिदानंद दुबे तथा सर्वेश कुमार की उपस्थिति और सहयोग सराहनीय रहा।
किसानों के लिए उपयोगी साबित हुआ प्रशिक्षण
कृषक उत्पादक संगठन के सदस्यों के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण किसानों को पारंपरिक खेती के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन और मिलेट्स आधारित कृषि गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में उपयोगी पहल रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, बीज प्रमाणीकरण और उत्पादन तकनीकों की समझ मिली, जिससे वे अपनी कृषि गतिविधियों में बेहतर तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हुए।
उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत इस तरह के प्रशिक्षण किसानों को नई कृषि तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ मिलेट्स के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


