आगरा के 6 शिक्षक बने मीना मंच मास्टर ट्रेनर: मीना मंच को सशक्त कर बढ़ाएंगे बालिकाओं की नेतृत्व क्षमता, आगरा के छह शिक्षक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण लेकर लौटे
प्रयागराज में दो दिवसीय प्रशिक्षण में जेंडर समानता, बाल संरक्षण और बालिका सशक्तीकरण पर हुआ मंथन
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
दैनिक समाचार, आगरा। विद्यालयों में बालिकाओं के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट), प्रयागराज में मीना मंच के सुदृढ़ीकरण को लेकर दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। स्पेशल प्रोजेक्ट फॉर इक्विटी के अंतर्गत 16 और 17 सितंबर को आयोजित इस प्रशिक्षण में आगरा से चयनित छह मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण में बालिकाओं के सशक्तीकरण के साथ-साथ जेंडर समानता, बाल संरक्षण, रूढ़िवादिता को दूर करने, जेंडर चैंपियन तैयार करने और विद्यालय स्तर पर मीना मंच को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आगरा लौटे मास्टर ट्रेनर्स अब जिले के उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में मीना मंच के सुगमकर्ताओं यानी टीचर फैसिलिटेटर्स को प्रशिक्षित करेंगे। इसके माध्यम से विद्यालय स्तर पर बालिकाओं में आत्मविश्वास, स्वावलंबन, समानता की भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर

दो दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में मीना मंच को अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाना रहा। प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास और उन्हें अपने अधिकारों एवं क्षमताओं के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर्स को बताया गया कि विद्यालय स्तर पर बालिकाओं के लिए ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां वे अपनी बात खुलकर रख सकें, सवाल पूछ सकें और अपनी समस्याओं पर चर्चा कर सकें।
आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी बालिका सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित तरीकों पर चर्चा की गई।
जेंडर समानता और रूढ़िवादिता तोड़ने पर हुई चर्चा

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह के मार्गदर्शन में आगरा से चयनित मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान जेंडर समानता को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
बालिकाओं और बालकों के बीच समान अवसर, समान व्यवहार और समान भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय स्तर पर किए जा सकने वाले प्रयासों पर जानकारी दी गई।
इसके साथ ही समाज में मौजूद विभिन्न प्रकार की रूढ़िवादिताओं को पहचानने और उन्हें दूर करने की दिशा में बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में इस बात पर जोर रहा कि बालिकाओं को उनकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर मिलें और उन्हें पारंपरिक सोच या सामाजिक धारणाओं के कारण किसी अवसर से वंचित न होना पड़े।
मीना मंच के पुनर्गठन और जेंडर चैंपियन पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान मीना मंच के पुनर्गठन से संबंधित जानकारी भी मास्टर ट्रेनर्स को दी गई। विद्यालयों में मीना मंच को बालिकाओं की सहभागिता और नेतृत्व विकास का प्रभावी माध्यम बनाने पर चर्चा हुई।
इसके साथ ही जेंडर चैंपियन की भूमिका को भी समझाया गया। उद्देश्य यह है कि विद्यालयों में विद्यार्थी स्वयं भी जेंडर समानता और सम्मानजनक व्यवहार से जुड़े सकारात्मक संदेशों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएं।
मास्टर ट्रेनर्स को विद्यालय स्तर पर मीना मंच की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने और बालिकाओं को इनमें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के बारे में जानकारी दी गई।
पॉक्सो एक्ट और बाल संरक्षण की मिली जानकारी

प्रशिक्षण में बालिकाओं की सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को भी शामिल किया गया। मास्टर ट्रेनर्स को पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) तथा बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई।
विद्यालय स्तर पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संवेदनशील परिस्थितियों की पहचान करने और आवश्यक स्तर पर उचित कार्रवाई एवं सहयोग की प्रक्रिया को समझने पर भी चर्चा की गई।
बाल संरक्षण से संबंधित जानकारी को विद्यालयों तक पहुंचाने में शिक्षक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया, ताकि विद्यार्थी सुरक्षित वातावरण में अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
‘सम्मान से समानता तक’ के माध्यम से बदलाव का संदेश
प्रशिक्षण में ‘सम्मान से समानता तक’ विषय के माध्यम से बालिका सशक्तीकरण को समझाने का प्रयास किया गया। इसके अंतर्गत बदलाव की प्रेरक कहानियों और कॉमिक्स बुक्स का उपयोग करते हुए बालिकाओं में समानता, आत्मविश्वास और अधिकारों की समझ विकसित करने पर चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि बच्चों तक किसी विषय को केवल व्याख्यान के माध्यम से पहुंचाने के बजाय कहानी, चित्र, गतिविधि और संवाद जैसे माध्यमों का उपयोग किया जाए तो वे विषय को अधिक सहजता से समझ सकते हैं।
इसी उद्देश्य से कॉमिक्स और प्रेरक कहानियों को विद्यालयी गतिविधियों में शामिल करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।
विद्यालयों में एमएचएम कॉर्नर भी होंगे स्थापित
प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों में बालिकाओं की आवश्यकताओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर भी जानकारी दी गई। जिले के उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में एमएचएम कॉर्नर स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई।
एमएचएम कॉर्नर के माध्यम से बालिकाओं को मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में विद्यालय स्तर पर व्यवस्था विकसित करने पर जोर रहेगा।
इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं के लिए विद्यालय में अधिक सहयोगी और संवेदनशील वातावरण तैयार करना है।
प्रशिक्षण के बाद जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे मास्टर ट्रेनर्स
प्रयागराज में दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आगरा की मास्टर ट्रेनर टीम अब जिले में अपनी भूमिका निभाएगी।
मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जिले के उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में मीना मंच के टीचर फैसिलिटेटर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद विद्यालय स्तर पर मीना मंच की गतिविधियों को और प्रभावी तरीके से संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रशिक्षण का लाभ अधिक से अधिक विद्यालयों और विद्यार्थियों तक पहुंचाने की योजना है।
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बालिकाओं को स्वावलंबन और समान अवसर देने की दिशा में पहल
मीना मंच के माध्यम से बालिकाओं को केवल शैक्षिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उनके सामाजिक एवं व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान देने का प्रयास किया जाएगा।
विद्यालय स्तर पर बालिकाओं में आत्मविश्वास, स्वावलंबन, जेंडर समानता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे बालिकाओं को अपनी बात रखने, निर्णय लेने और विभिन्न विद्यालयी गतिविधियों में नेतृत्व की भूमिका निभाने के अवसर मिल सकते हैं।
प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए विद्यालय, शिक्षक और समुदाय के स्तर पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
सीमैट निदेशक डॉ. रामशरण सिंह की मौजूदगी
दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सीमैट के निदेशक डॉ. रामशरण सिंह की मौजूदगी रही। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को मीना मंच के प्रभावी संचालन और बालिका सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अब जिला स्तर पर अन्य शिक्षकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आगरा की मास्टर ट्रेनर टीम निभाएगी।
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आगरा की छह सदस्यीय मास्टर ट्रेनर टीम
प्रयागराज में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में आगरा जिले से छह मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभाग किया। टीम में शामिल रहे—
- अशोक कुमार — ब्लॉक खेरागढ़
- अनिल कुमार — ब्लॉक फतेहाबाद
- मीना पुष्कर — जिला नोडल बालिका शिक्षा, ब्लॉक खेरागढ़
- तेजेन्द्र कुमार — ब्लॉक जैतपुर कलां
- प्रियंका गौतम — ब्लॉक एत्मादपुर
- प्रेमलता शर्मा — ब्लॉक खंदौली
इन सभी मास्टर ट्रेनर्स ने 16 और 17 सितंबर को प्रयागराज में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में भाग लिया और प्रशिक्षण पूर्ण कर आगरा लौटे।
विद्यालयों में बालिका सशक्तीकरण को मिलेगा नया आधार
राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के बाद अब आगरा के विद्यालयों में मीना मंच को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा टीचर फैसिलिटेटर्स को प्रशिक्षित किए जाने के बाद विद्यालय स्तर पर बालिकाओं से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस पूरी पहल का उद्देश्य बालिकाओं को सुरक्षित, समान और अवसरों से भरपूर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनमें नेतृत्व की भावना विकसित करना है। जेंडर समानता, बाल संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मविश्वास जैसे विषयों को विद्यालयी गतिविधियों से जोड़कर बालिकाओं के समग्र विकास की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
प्रयागराज में हुए दो दिवसीय प्रशिक्षण से आगरा की टीम को प्राप्त जानकारी अब जिले के विद्यालयों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे मीना मंच के माध्यम से बालिका सशक्तीकरण की गतिविधियों को और व्यापक स्तर पर संचालित किया जा सके।


