आगरा डायट में सक्षम मॉड्यूल प्रशिक्षण का छठा बैच सम्पन्न, फतेहपुर सीकरी और जगनेर के प्रधानाध्यापकों ने लिया प्रशिक्षण
निपुण भारत मिशन, विद्यालय विकास योजना और सामुदायिक सहभागिता पर हुई चर्चा; समापन समारोह में प्रधानाध्यापकों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता और विद्यालय प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में सक्षम मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण के छठे बैच का समापन हो गया। इस बैच में विकासखंड फतेहपुर सीकरी और जगनेर के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण का संचालन उप शिक्षा निदेशक एवं डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशन में किया गया। समापन दिवस पर विभिन्न सत्रों में विद्यालयों के शैक्षिक उन्नयन, निपुण भारत मिशन, विभागीय समन्वय, सामुदायिक सहभागिता और विद्यालय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
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अंतर विभागीय समन्वय और पोर्टल की उपयोगिता पर चर्चा

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में संदर्भदाता डॉ. प्रज्ञा शर्मा ने अंतर विभागीय समन्वय और विभिन्न पोर्टल की संकल्पना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समूह चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को विषय से जोड़ते हुए आपसी समन्वय के महत्व को समझाया।
द्वितीय सत्र में नोडल प्रभारी रंजना पाण्डेय ने शैक्षिक उन्नयन के लिए नवाचार और शैक्षिक तकनीकी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से सत्र संचालित किया और विद्यालयों में नई शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
निपुण भारत मिशन में प्रधानाध्यापकों की भूमिका समझाई

तृतीय सत्र में संदर्भदाता यशपाल सिंह ने निपुण भारत मिशन में प्रधानाध्यापकों की भूमिका और निपुण भारत अभियान के उद्देश्यों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि विद्यालय स्तर पर शैक्षिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में प्रधानाध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
प्रशिक्षण में प्रधानाध्यापकों को विद्यालय की शैक्षिक प्रगति और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई।
विद्यालय विकास में समुदाय की भागीदारी पर जोर
चतुर्थ एवं अंतिम सत्र में संदर्भदाता अबु मुहम्मद आसिफ ने विद्यालय विकास में समुदाय की भूमिका और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि विद्यालय के विकास और शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने में समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षण के सह-प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने बाल वाटिका और ईसीसीई एजुकेटर की भूमिका पर सत्र संचालित किया। इस दौरान उन्होंने विंध्यांजलि पोर्टल और उसके लाभों की जानकारी देते हुए विद्यालय विकास योजना के विभिन्न पहलुओं को समझाया।
डेंगू और मलेरिया से बचाव की दी जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में नगर निगम की ओर से एंटोमॉलजिस्ट शालिनी सिंह और रितु सिंह ने संक्रामक रोगों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने डेंगू और मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी तथा इन बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया।
प्रमाण पत्र वितरण के साथ प्रशिक्षण का समापन
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता विजय सिंह और ललित मोहन पाल के साथ प्रवक्ता अनिल कुमार, यशवीर सिंह, कल्पना सिन्हा, रंजना पाण्डेय, पुष्पेंद्र सिंह, रचना यादव, संजीव कुमार सत्यार्थी, धर्मेंद्र प्रसाद गौतम सहित डायट के समस्त स्टाफ का सहयोग रहा।
प्रशिक्षण के माध्यम से प्रधानाध्यापकों को विद्यालय प्रबंधन, शैक्षिक नवाचार, निपुण भारत मिशन और सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की गई, ताकि वे अपने विद्यालयों में इनका प्रभावी उपयोग कर सकें।


