राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने नवीन सर्किट हाउस में सुनीं महिलाओं की समस्याएं, लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह में निस्तारण कर रिपोर्ट देने को कहा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 30 अक्टूबर 2026। महिलाओं की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने शुक्रवार को आगरा के नवीन सर्किट हाउस में महिला जनसुनवाई की। इस दौरान कुल 44 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और पेंशन से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
जनसुनवाई के दौरान अध्यक्ष ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विगत जनसुनवाई में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर आयोग को अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश

जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर सुनवाई करते हुए डॉ. बबीता सिंह चौहान ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और पेंशन से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित थानाध्यक्षों से दूरभाष पर वार्ता की और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की जा सके।
लंबित शिकायतों की एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश
बैठक में अध्यक्ष ने पिछली महिला जनसुनवाई और समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी भी मांगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति जानी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विगत जनसुनवाई के लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर एक सप्ताह के भीतर आयोग को अनुपालन आख्या उपलब्ध कराएं। अध्यक्ष ने कहा कि महिला आयोग में प्राप्त प्रत्येक प्रार्थना पत्र का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।
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महिलाओं को स्वरोजगार प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर
जनसुनवाई के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने अधिकारियों से कौशल विकास मिशन के अंतर्गत महिलाओं को दिए जा रहे स्वरोजगार प्रशिक्षण की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें। महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
थानों पर पीड़ित महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो: डॉ. चौहान
पत्रकारों से बातचीत में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिला आयोग में आने वाले प्रत्येक प्रार्थना पत्र का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। इसी कारण वे अपनी समस्याओं को लेकर आयोग और पुलिस तक पहुंच रही हैं।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपील की कि पीड़ित महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना जाए। थानों में महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि पुलिस के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव से पीड़ित महिलाओं को काफी राहत मिल सकती है।
बेटियों की सुरक्षा और भावनाओं को प्राथमिकता दें अभिभावक
घरेलू हिंसा के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. चौहान ने अभिभावकों से बेटियों की सुरक्षा और भावनाओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी बेटी को ससुराल में प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है, तो सामाजिक दबाव में उसे दोबारा उसी स्थिति में भेजने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गलत रिश्ते की सजा किसी बेटी को पूरी जिंदगी नहीं भुगतनी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए परिवार, समाज और पुलिस सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
विवाह से पहले काउंसलिंग पर दिया जोर
अध्यक्ष ने विवाह से पहले युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैवाहिक जीवन में आपसी समझ, संवाद और पारिवारिक सामंजस्य बेहद जरूरी हैं।
उनके अनुसार, विवाह से पहले एक-दूसरे की सोच और जिम्मेदारियों को समझने से कई पारिवारिक समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत
बैठक के प्रारंभ में एसडीएम नरेंद्र गंगवार और जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल सोनी ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद अध्यक्ष ने उपस्थित अधिकारियों का परिचय प्राप्त किया और संबंधित विभागों के कार्यों की समीक्षा की।
महिला जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक में एसडीएम नरेंद्र गंगवार, एसीपी सुनीता चौहान, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, जिला कौशल प्रबंधक अमित धाकरे, सहायक श्रमायुक्त शगुन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त 44 शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश देते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।


