आगरा डायट में एआरपी, एसआरजी, बीईओ और मेंटर्स की मासिक समीक्षा बैठक, नवंबर में निपुण आकलन की तैयारी पर जोर
प्राचार्य विजय प्रताप सिंह ने शत-प्रतिशत विद्यार्थियों का आकलन करने के दिए निर्देश, प्रत्येक ब्लॉक से उत्कृष्ट शैक्षिक नवाचार मांगे गए
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। जनपद में परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को निपुण लक्ष्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में अक्टूबर माह की एआरपी, एसआरजी, बीईओ एवं डायट मेंटर्स की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में करीब 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान नवंबर माह में प्रस्तावित निपुण आकलन की तैयारियों, विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन और शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए उप शिक्षा निदेशक एवं डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को प्रत्येक माह शत-प्रतिशत बच्चों का आकलन सुनिश्चित करना चाहिए। इससे विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति का सही आकलन हो सकेगा और नवंबर माह में होने वाले निपुण आकलन के लिए जनपद के सभी छात्र-छात्राओं को बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकेगा।
नियमित आकलन और प्रभावी शिक्षण पर दिया जोर

बैठक का संचालन करते हुए निपुण प्रभारी धर्मेंद्र प्रसाद गौतम ने एजेंडे के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में व्यवस्थित समय-सारिणी तैयार कर शिक्षकों को शिक्षण कार्य आवंटित करने और उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों का नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने शिक्षकों से राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, शिक्षक डायरी, शिक्षण योजना, टीएलएम, दीक्षा ऐप, रीड अलॉन्ग ऐप और निपुण लक्ष्य ऐप का प्रभावी उपयोग करने की अपील की। इसके साथ ही गणित एवं विज्ञान किट, शिक्षक संदर्शिका और विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई प्रिंट सामग्री के माध्यम से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में निपुण तालिका को अनिवार्य रूप से भरने, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों के साथ गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
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कमजोर विद्यार्थियों के लिए होगी उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था

बैठक में विद्यार्थियों की सीखने संबंधी समस्याओं की पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया। निपुण प्रभारी ने कहा कि शिक्षकों को ऐसे बच्चों को चिह्नित करना चाहिए, जिन्हें पढ़ाई में कठिनाई हो रही है। उनकी समस्याओं को समझकर आवश्यकता के अनुसार उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि कोई भी विद्यार्थी सीखने की प्रक्रिया में पीछे न रहे।
इसके साथ ही शिक्षकों को प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर नियमित नजर रखने और आकलन के आधार पर शिक्षण की रणनीति तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
खेल और गणित के माध्यम से सीखने के नवाचार प्रस्तुत
बैठक में शैक्षिक नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिस को भी साझा किया गया। इस क्रम में प्रवक्ता धर्मेंद्र प्रसाद गौतम ने खेल के माध्यम से सीखने का नवाचार प्रस्तुत किया। वहीं एसआरजी अनुराग शर्मा ने आयत के माध्यम से बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा त्रिज्या ज्ञात करने से संबंधित नवाचार की जानकारी दी।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षण को अधिक रोचक, सरल और विद्यार्थियों की समझ के अनुकूल बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह ने प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक उत्कृष्ट शैक्षिक नवाचार का चयन कर उसे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, आगरा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य जनपद में शिक्षकों के उपयोगी प्रयोगों और बेहतर शिक्षण पद्धतियों को साझा करना है।
नवंबर तक विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए तैयार होगी कार्ययोजना
बैठक में वरिष्ठ प्रवक्ता विजय सिंह ने कहा कि प्रधानाध्यापकों की मासिक समीक्षा बैठक और शिक्षक संकुल स्तर की बैठकों में नवंबर माह तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक निपुण प्लस लक्ष्य ऐप के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी का आकलन करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें। नियमित मूल्यांकन और योजनाबद्ध शिक्षण से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने जनपद को निपुण लक्ष्य प्राप्ति में बेहतर स्थान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
70 प्रतिभागियों ने बैठक में किया प्रतिभाग
मासिक समीक्षा बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी, डायट के समस्त प्रवक्ता, जनपद के सभी एसआरजी और एआरपी उपस्थित रहे। बैठक में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों के नियमित आकलन और नवंबर माह के निपुण आकलन की तैयारियों को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता धर्मेंद्र प्रसाद गौतम ने किया।
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि निपुण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नियमित विद्यार्थी आकलन, प्रभावी शिक्षण, उपचारात्मक कक्षाएं और शिक्षकों के नवाचारों का उपयोग महत्वपूर्ण है।


