मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ: आगरा में शिक्षकों को मिला बड़ा तोहफा, 12 लाख शिक्षकों के परिवारों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 08 जुलाई 2026 |
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। आगरा में इस अवसर पर राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम, आरबीएस कॉलेज, खंदारी में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री के वाराणसी स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल से प्रसारित कार्यक्रम का सभी ने सजीव प्रसारण देखा और सुना।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह तथा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया।
शिक्षकों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा उपहार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत चयनित शिक्षकों एवं लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेशभर में लागू की गई विभिन्न शिक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाइव प्रसारण दिखाया गया, जिसे शिक्षकों, अधिकारियों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक देखा।
योगी सरकार शिक्षकों की सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध: बेबी रानी मौर्य

मुख्य अतिथि मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ शिक्षकों और शिक्षा परिवार से जुड़े सभी कर्मचारियों की सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। इसलिए सरकार उनके हितों की रक्षा और सुविधाओं के विस्तार के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।
आचार्य चाणक्य की तरह संस्कारवान पीढ़ी तैयार करें शिक्षक

अपने प्रेरक संबोधन में मंत्री ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित शिक्षा न दें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्य, अनुशासन, व्यवहारिक ज्ञान और जीवन कौशल भी सिखाएं।
उन्होंने कहा कि—
“आचार्य चाणक्य की तरह ऐसी संस्कारवान, चरित्रवान और राष्ट्रभक्त पीढ़ी तैयार करें जो भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।”
उन्होंने कहा कि जब सरकार शिक्षकों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध करा रही है तो शिक्षकों का भी दायित्व बनता है कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।
12 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को मिलेगा कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों में शामिल हैं—
- बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक
- माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक
- राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक
- अशासकीय एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक
- विशेष शिक्षक (CWSN)
- अनुदेशक
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन
- पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक
- पीएम पोषण योजना के रसोइये
- इन सभी कर्मचारियों के आश्रित
इस योजना के माध्यम से शिक्षकों को गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक राहत मिलेगी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित होगी।
विद्यार्थियों को डीबीटी के जरिए मिलेगा ₹1200

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के लिए भी बड़ी घोषणा को दोहराया गया।
डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रत्येक छात्र-छात्रा को ₹1200 की धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे वे—
- यूनिफॉर्म
- जूते
- मोजे
- स्वेटर
- स्कूल बैग
- स्टेशनरी
जैसी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री खरीद सकेंगे।
10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा होगी मजबूत

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) किया गया है। इससे शिक्षकों को भविष्य में विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर विकसित करने के लिए शिक्षकों एवं विद्यालय प्रशासन को प्रोत्साहित करना है।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम बेहतर बनाना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, संस्कारित और आत्मनिर्भर नागरिक तैयार करना है जो भविष्य में देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।
शिक्षकों से अपील की गई कि वे प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर प्रदान करें, आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण करें तथा शिक्षा को जीवन निर्माण का माध्यम बनाएं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार की बड़ी पहल
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तथा डीबीटी के माध्यम से छात्रों को आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। इससे एक ओर शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षक सम्मान के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित शिक्षकों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इन योजनाओं को शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।


