आगरा में पोषण योजनाओं की समीक्षा: डीएम मनीष बंसल सख्त, 23 बच्चों का गलत वजन मिलने पर जांच के आदेश, लापरवाही पर कार्रवाई तय
जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में डीएम ने दिए कड़े निर्देश, 386 रिक्त आंगनबाड़ी पदों पर जल्द भर्ती, कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 25 जून 2026।
जनपद आगरा में बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य तथा कुपोषण मुक्त समाज के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी सख्ती और बढ़ा दी है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। समीक्षा के दौरान कई मामलों में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
बैठक में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं, कुपोषित बच्चों की स्थिति, आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण वाटिकाओं, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों तथा रिक्त पदों सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
23 बच्चों का गलत वजन दर्ज मिलने पर जताई नाराजगी

बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने पिछली समीक्षा बैठक के अनुपालन की जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि पिछली बैठक में 23 बच्चों का वजन गलत दर्ज पाया गया था।
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों की रेंडम जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का दोबारा वजन कराया जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों में किसी भी प्रकार की त्रुटि स्वीकार नहीं की जाएगी।
कुपोषित बच्चों को समय पर मिले उपचार

बैठक में गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की स्थिति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी परियोजनाओं में ऐसे बच्चों का चिन्हांकन किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सैम (SAM) बच्चों की 100 प्रतिशत भर्ती पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में सुनिश्चित की जाए ताकि समय पर उपचार और पोषण उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि कुपोषण से निपटना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
प्रशिक्षण में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में जब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के प्रशिक्षण की समीक्षा की गई तो कई परियोजनाओं से संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जा सकी।
इस पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) और संबंधित सीडीपीओ की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण कार्य में सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने अगले माह तक सभी प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरे कराने तथा डीपीओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
386 रिक्त आंगनबाड़ी पदों पर जल्द होगी भर्ती
समीक्षा बैठक में बताया गया कि जनपद में वर्तमान समय में 386 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के पद रिक्त हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया को बिना किसी देरी के प्रारंभ किया जाए ताकि सभी केंद्रों पर नियमित रूप से सेवाएं संचालित हो सकें।
उन्होंने कहा कि रिक्त पदों के कारण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
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बिचपुरी और अकोला के सीडीपीओ का स्थानांतरण
बैठक में कार्य प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान बिचपुरी और अकोला परियोजनाओं की प्रगति शून्य पाई गई।
इस पर जिलाधिकारी ने दोनों परियोजनाओं के सीडीपीओ का स्थानांतरण कर उन्हें क्रमशः जैतपुर और जगनेर भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्य में लगातार लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी।
पोषण वाटिकाओं की होगी संयुक्त जांच
पोषण वाटिकाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और डीसी एनआरएलएम को संयुक्त रूप से सभी पोषण वाटिकाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पोषण वाटिकाएं सक्रिय रूप से संचालित हों और उनका लाभ आंगनबाड़ी केंद्रों तथा लाभार्थियों तक पहुंचे।
भवन निर्माण और सक्षम केंद्रों के लंबित कार्य शीघ्र पूरे हों
बैठक में आंगनबाड़ी भवन निर्माण तथा सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा भी की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य हेतु धनराशि पीडब्ल्यूडी को उपलब्ध करा दी गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दो वर्षों से लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बढ़े पंजीकरण
डीएम ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाएं।
डीपीओ की कार्यशैली पर डीएम की सख्त नाराजगी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने विभागीय प्रमुख सचिव एवं निदेशक को पूरी स्थिति से अवगत कराने, शो-कॉज नोटिस जारी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर निलंबन की कार्रवाई तक करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों ने लिया प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्य, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, डीसी मनरेगा रामायण सिंह यादव, डीसी एनआरएलएम राजन राय, सभी सीडीपीओ तथा रॉकेट लर्निंग और प्रथम संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि जनपद में कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न रहे और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक समयबद्ध रूप से पहुंच सके।


