आगरा-अलीगढ़ मंडल में वृक्षारोपण महाअभियान-2026 की तैयारियां तेज, 2.90 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य
1 से 7 जुलाई तक चलेगा वन महोत्सव, जनसहभागिता से वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने पर जोर
राज्य मंत्री के.पी. मलिक बोले— पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण को बनाएं जनभागीदारी का अभियान
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 24 जून 2026।
उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण महाअभियान-2026 को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को आगरा स्थित सर्किट हाउस सभागार में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री के.पी. मलिक की अध्यक्षता में आगरा एवं अलीगढ़ मंडल के वन अधिकारियों की मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आगामी जुलाई माह में प्रस्तावित वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियों, पौधों की उपलब्धता, गड्ढा खुदान, विभागीय समन्वय और जनसहभागिता को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ सकें।
2.90 करोड़ से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य

समीक्षा बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वर्ष 2026 के वृक्षारोपण महाअभियान के तहत आगरा मंडल में 1 करोड़ 65 लाख 44 हजार 800 पौधे तथा अलीगढ़ मंडल में 1 करोड़ 24 लाख 83 हजार 800 पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस प्रकार दोनों मंडलों में कुल मिलाकर 2 करोड़ 90 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। यह अभियान प्रदेश सरकार के हरित उत्तर प्रदेश और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार गड्ढा खुदान का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है तथा विभिन्न पौधशालाओं में पर्याप्त संख्या में पौधे तैयार हैं।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बैठक के शुभारंभ से पहले राज्य मंत्री के.पी. मलिक ने पौधारोपण कर अभियान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता, स्वच्छ वायु और मानव जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वृक्षारोपण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण

राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेष रूप से विधायकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि विधायक निधि के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग वृक्षारोपण स्थलों पर ट्रेंचिंग, ब्रिकगार्ड निर्माण और पौधों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अधिकाधिक पौधारोपण सुनिश्चित कर अभियान को जनभागीदारी से जोड़ना आवश्यक है।
1 से 7 जुलाई तक चलेगा वन महोत्सव
बैठक में बताया गया कि 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक वन महोत्सव सप्ताह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान वन विभाग के साथ-साथ विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि वन महोत्सव के दौरान केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहा जाए, बल्कि लोगों को पौधों के संरक्षण और पर्यावरण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया जाए।
महिला समूहों और युवाओं को जोड़ा जाएगा अभियान से
के.पी. मलिक ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह, स्वयंसेवी संगठन, छात्र-छात्राएं, युवा मंडल और सामाजिक संस्थाएं इस अभियान की सफलता की कुंजी हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव-गांव और शहरों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया जाए। विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाए ताकि अभियान सामाजिक आंदोलन का रूप ले सके।
फलदार पौधों को प्राथमिकता देने के निर्देश
राज्य मंत्री ने पौधशालाओं में अधिक संख्या में फलदार और उपयोगी प्रजातियों के पौधे तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम, अमरूद, जामुन, आंवला, नींबू और अन्य फलदार पौधे न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में भी योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे पौधों के रोपण से स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा और लोग पौधों की देखभाल के प्रति अधिक जिम्मेदार बनेंगे।
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पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील
अपने संबोधन में राज्य मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण केवल सरकारी लक्ष्य पूरा करने का माध्यम नहीं होना चाहिए। यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ वातावरण और जलवायु संतुलन की दिशा में सामूहिक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
विभिन्न जिलों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट टाइगर) एवं मिशन निदेशक राम कुमार, मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी क्षेत्र मेरठ एवं नोडल अधिकारी डॉ. के. इलांगो, वन संरक्षक आगरा वृत्त डॉ. अनिल कुमार पटेल, वन संरक्षक अलीगढ़ वृत्त श्रीमती श्रद्धा यादव, सामाजिक वानिकी प्रभाग आगरा के प्रभागीय निदेशक राजेश कुमार सहित मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज के वन एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी बैठक में शामिल हुए।
हरित भविष्य की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
वृक्षारोपण महाअभियान-2026 को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियां यह संकेत देती हैं कि पर्यावरण संरक्षण को शासन की प्राथमिकताओं में विशेष स्थान दिया जा रहा है।
यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 2.90 करोड़ से अधिक पौधों का सफल रोपण और संरक्षण सुनिश्चित किया जाता है, तो यह अभियान न केवल आगरा और अलीगढ़ मंडल बल्कि पूरे प्रदेश के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
“एक पौधा, एक संकल्प और एक जिम्मेदारी—यही संदेश लेकर वृक्षारोपण महाअभियान-2026 उत्तर प्रदेश को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”


