डीएम मनीष बंसल का स्कूलों पर बड़ा एक्शन: छीपीटोला प्राथमिक विद्यालय की टीम होगी सम्मानित, पीएम श्री स्कूल रोहता की प्रभारी प्रधानाध्यापिका निलंबित
शिक्षा व्यवस्था की हकीकत जानने अचानक पहुंचे जिलाधिकारी, बच्चों से पढ़ाई कराई, मिड-डे मील चखा, स्मार्ट क्लास और लाइब्रेरी का किया निरीक्षण
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 03 जुलाई 2026 |
आगरा में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्कूल चलो अभियान-2026 (द्वितीय चरण) को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शुक्रवार को दो सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए पूरे शिक्षकीय स्टाफ को प्रशस्ति पत्र देने के निर्देश दिए गए, जबकि दूसरे विद्यालय में गंभीर लापरवाही मिलने पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों का भविष्य और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। लापरवाही करने वाले अधिकारियों एवं शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
जनसुनवाई के बाद सीधे स्कूल पहुंचे जिलाधिकारी

कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई समाप्त करने के बाद जिलाधिकारी बिना पूर्व सूचना के सीधे प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला पहुंचे। अचानक जिलाधिकारी को अपने बीच देखकर विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी आश्चर्यचकित रह गए, जबकि छोटे-छोटे बच्चों में उत्साह देखने को मिला।
विद्यालय पहुंचते ही जिलाधिकारी ने सबसे पहले कक्षा-3 का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से सहज बातचीत करते हुए पढ़ाई से जुड़े कई प्रश्न पूछे। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सभी सवालों के सही उत्तर दिए, जिससे जिलाधिकारी काफी संतुष्ट नजर आए।
बच्चों ने सुनाई हिंदी-अंग्रेजी की किताबें, पहाड़े और सामान्य ज्ञान

निरीक्षण के दौरान छात्र बलदेव, तन्वी सहित अन्य बच्चों ने हिंदी और अंग्रेजी की पुस्तकें पढ़कर सुनाईं। कई बच्चों ने ब्लैकबोर्ड पर अपना नाम लिखा, पहाड़े सुनाए तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्नों के भी उत्तर दिए।
बच्चों का उत्साह देखकर जिलाधिकारी स्वयं ब्लैकबोर्ड के सामने पहुंचे और चॉक लेकर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने बच्चों को सरल तरीके से पढ़ाई के महत्व को समझाया तथा मन लगाकर पढ़ने की प्रेरणा दी।
डीएम को अपने बीच पढ़ाते देखकर बच्चे बेहद खुश दिखाई दिए और पूरे विद्यालय का वातावरण उत्साह से भर गया।
स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी और मिड-डे मील की भी जांच

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की स्मार्ट क्लास का निरीक्षण किया। बच्चों से स्वयं स्मार्ट टीवी चलवाकर उसकी कार्यप्रणाली देखी। इसके बाद लाइब्रेरी का निरीक्षण किया और पुस्तक व्यवस्था की सराहना की।
मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचने के लिए जिलाधिकारी ने स्वयं भोजन का स्वाद चखा। भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक मिलने पर उन्होंने विद्यालय की व्यवस्था की प्रशंसा की।
उन्होंने उपस्थिति पंजिका भी देखी। विद्यालय में कुल 146 छात्र-छात्राएं नामांकित, 2 शिक्षक तथा 3 शिक्षा मित्र कार्यरत पाए गए।
पूरे स्टाफ को मिलेगा प्रशस्ति पत्र

विद्यालय की स्वच्छता, अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन, बच्चों की सीखने की क्षमता तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संतुष्ट होकर जिलाधिकारी ने पूरे शैक्षिक स्टाफ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने विद्यालय की लाइब्रेरी में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए गुणवत्तापूर्ण एलईडी लाइट लगाने तथा बच्चों के सामान्य ज्ञान और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष कार्य करने को कहा।
पीएम श्री विद्यालय रोहता में मिली भारी लापरवाही

प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी सीधे पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय रोहता पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं।
विद्यालय में कुल 235 छात्र-छात्राएं नामांकित पाए गए, जबकि निरीक्षण के समय मात्र 108 बच्चे उपस्थित मिले। विद्यालय में 10 शिक्षक, 2 शिक्षामित्र तथा 2 अनुदेशक सहित कुल 14 सदस्यीय शिक्षकीय स्टाफ कार्यरत है।
स्मार्ट टीवी रखा था, लेकिन उपयोग नहीं
जिलाधिकारी ने विद्यालय की कंप्यूटर लैब का निरीक्षण किया तो पाया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया नया स्मार्ट टीवी रखा हुआ है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जा रहा।
उन्होंने बच्चों से पूछा कि नियमित कंप्यूटर कक्षाएं होती हैं या नहीं। बच्चों के जवाब से भी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ गई।
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खेल सामग्री और प्रयोगशाला भी बेकार पड़ी मिली
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि विद्यालय में उपलब्ध खेल सामग्री, स्पोर्ट्स किट, संगीत वाद्ययंत्र, लर्निंग बाय डूइंग प्रयोगशाला और अन्य शैक्षिक संसाधनों का भी बच्चों द्वारा उपयोग नहीं कराया जा रहा था।
जिलाधिकारी ने इसे सरकारी संसाधनों की उपेक्षा बताते हुए गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
रसोईघर में भी मिली अव्यवस्था
मिड-डे मील की व्यवस्था का निरीक्षण करते समय जिलाधिकारी ने रसोईघर में अव्यवस्था पाई। मौके पर पर्याप्त राशन व्यवस्थित रूप से उपलब्ध नहीं मिला।
उन्होंने शिक्षकों से पूछा कि क्या वे बच्चों के साथ भोजन करते हैं?
सभी शिक्षकों ने स्वीकार किया कि वे बच्चों के साथ भोजन नहीं करते बल्कि घर से लाया हुआ भोजन खाते हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि मिड-डे मील योजना केवल बच्चों के भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है।
परिसर में फैली गंदगी, कक्षा समय में बाहर खेलते मिले बच्चे
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में साफ-सफाई का अभाव दिखाई दिया। कई बच्चे कक्षा के समय बाहर खेलते मिले।
विद्यालय में शैक्षणिक अनुशासन भी कमजोर पाया गया।
जब जिलाधिकारी ने इन कमियों पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुनीता सक्सेना से स्पष्टीकरण मांगा तो वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं।
डीएम का बड़ा फैसला: प्रधानाध्यापिका तत्काल निलंबित
निरीक्षण में मिली गंभीर लापरवाही, पीएम श्री विद्यालय में उपलब्ध विशेष सुविधाओं का सही उपयोग न होने, पठन-पाठन की खराब स्थिति तथा प्रशासनिक शिथिलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुनीता सक्सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
इसके साथ ही उनके विरुद्ध चार्जशीट जारी कर शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए।
बीडीओ, एडीओ पंचायत और बीईओ को मौके पर बुलाया
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तत्काल बीडीओ बरौली अहीर, एडीओ पंचायत तथा खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय बुलाया।
उन्होंने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तत्काल कराने, सभी कमियों को निर्धारित समय में दूर करने तथा नामांकन अभियान को तेज करने के निर्देश दिए।
शिक्षकों को दिए स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि—
- प्रत्येक शिक्षक नए बच्चों के नामांकन के लिए अभिभावकों से संपर्क करे।
- बच्चों के साथ नियमित रूप से मिड-डे मील ग्रहण करें।
- समय से विद्यालय पहुंचे।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करें।
- प्रत्येक छात्र की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करें।
दोबारा होगा निरीक्षण
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट कहा कि विद्यालय में सभी कमियों को शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि वे स्वयं पुनः विद्यालय का निरीक्षण करेंगे और यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं मिला तो आगे और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार, डीसी बालिका कुलदीप कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार, बच्चों के बेहतर भविष्य और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी की यह कार्रवाई जिले के सभी विद्यालयों के लिए एक स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि अच्छी कार्यप्रणाली को सम्मान मिलेगा और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई तय है।


