आगरा में 23 देशों के चुनाव अधिकारियों ने देखा भारतीय निर्वाचन मॉडल: 23 देशों के चुनाव अधिकारियों ने आगरा में देखा भारतीय लोकतंत्र का मॉडल, ताजमहल के साथ ईवीएम वेयरहाउस और मतदाता पंजीकरण प्रणाली का किया अध्ययन
विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय निर्वाचन प्रणाली की पारदर्शिता, तकनीक और समावेशी व्यवस्था की सराहना की
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 09 जुलाई 2026 |
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की निर्वाचन प्रणाली को समझने और उसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के उद्देश्य से 23 देशों के 65 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को आगरा का दौरा किया। इस विशेष भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जहां विश्व धरोहर ताजमहल और आगरा किला (लाल किला) का भ्रमण किया, वहीं भारतीय चुनाव व्यवस्था को नजदीक से समझने के लिए मतदाता पंजीकरण केंद्र, ईपीआईसी (EPIC) केंद्र तथा ईवीएम वेयरहाउस का भी विस्तृत निरीक्षण किया।
यह भ्रमण इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM), नई दिल्ली द्वारा आयोजित “Artificial Intelligence and Elections” प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत कराया गया, जिसमें दुनिया के विभिन्न देशों के निर्वाचन आयोगों और चुनाव प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
23 देशों के चुनाव विशेषज्ञों ने समझी भारतीय चुनाव प्रणाली

प्रतिनिधिमंडल में पेरू, अल्बानिया, कजाकिस्तान, नामीबिया, थाईलैंड, फिलीपींस, केन्या, सियरा लियोन, मंगोलिया, भूटान, श्रीलंका, ब्राज़ील, पापुआ न्यू गिनी सहित कुल 23 देशों के चुनाव प्रबंधन से जुड़े अधिकारी शामिल थे।
आगरा पहुंचने पर सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया और इसके बाद उन्हें भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था, निर्वाचन प्रक्रिया तथा तकनीकी रूप से विकसित चुनाव प्रबंधन प्रणाली की जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने दी भारतीय निर्वाचन प्रणाली की विस्तृत जानकारी

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने तहसील सदर सभागार में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधिमंडल को भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
उन्होंने मतदाता पंजीकरण, निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (EPIC), इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), वेयरहाउस सुरक्षा व्यवस्था, मतदान प्रक्रिया, निर्वाचन नामावली के अद्यतन, दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाओं तथा चुनाव संचालन की संपूर्ण व्यवस्था को विस्तार से समझाया।
उन्होंने कहा कि—
“भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां चुनाव प्रक्रिया संविधान तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता के साथ संचालित की जाती है।”
भारत निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र भूमिका से कराया परिचय
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, जो देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि चुनाव संबंधी प्रत्येक प्रक्रिया के लिए स्पष्ट नियम और कानूनी प्रावधान निर्धारित हैं तथा पूरे देश में समान मानकों के अनुसार चुनाव संपन्न कराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीक का उपयोग केवल सुविधा बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए भी किया जाता है।
ऐसे होता है भारत में मतदाता पंजीकरण
विदेशी प्रतिनिधियों को मतदाता सूची तैयार करने और उसे लगातार अद्यतन रखने की पूरी प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि—
- नए मतदाता का नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 का उपयोग किया जाता है।
- मतदाता का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 निर्धारित है।
- नाम, पता अथवा अन्य विवरणों में संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जाता है।
उन्होंने बताया कि भारत की मतदाता सूची पूरी तरह डिजिटल एवं केंद्रीकृत प्रणाली पर आधारित है और इसका नियमित सत्यापन किया जाता है।
ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था की दी जानकारी
विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने ईवीएम वेयरहाउस का भी निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सुरक्षा बहु-स्तरीय व्यवस्था के तहत की जाती है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक ईवीएम पर प्रत्याशी का नाम, चुनाव चिह्न तथा मतदान बटन स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहता है, जबकि दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए ब्रेल लिपि की भी व्यवस्था उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
दिव्यांग और वरिष्ठ मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
प्रस्तुतीकरण के दौरान यह भी बताया गया कि भारत में दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों को मतदान केंद्रों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
मतदाता जागरूकता अभियान (SVEEP) के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों को मतदान के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि लोकतंत्र में जनभागीदारी लगातार बढ़ती रहे।
प्रवासी भारतीय मतदाताओं की प्रक्रिया भी समझाई
विदेशी प्रतिनिधियों ने ओवरसीज वोटर्स (NRI Voters) को लेकर भी प्रश्न पूछे।
इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि विदेशों में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिक ऑनलाइन माध्यम से मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनका नाम निर्वाचन नामावली में जोड़ा जाता है और उन्हें EPIC कार्ड जारी किया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के लिए आवेदक को भारत आकर कार्यालय में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होती।
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बिना जांच किसी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाता
प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर भी सवाल पूछे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि—
- केवल आवेदन मिलने से किसी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाता।
- प्रत्येक मामले में क्षेत्रीय सत्यापन किया जाता है।
- दस्तावेजों की जांच के बाद ही कार्रवाई होती है।
- यदि व्यक्ति उसी पते पर निवास करता पाया जाता है तो उसका नाम सूची में यथावत बना रहता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
भारतीय निर्वाचन प्रणाली की विदेशी प्रतिनिधियों ने की सराहना
संवादात्मक सत्र के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भारतीय चुनाव प्रणाली से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका जिलाधिकारी ने विस्तार से उत्तर दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से—
- निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता
- तकनीक आधारित चुनाव प्रबंधन
- डिजिटल मतदाता सूची
- ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था
- समावेशी मतदान प्रणाली
- दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधाएं
- निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली
की सराहना की।
प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली विश्व की सबसे व्यापक, संगठित और प्रभावी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में शामिल है तथा इससे अन्य देशों को भी सीखने का अवसर मिलता है।
लोकतंत्र के साथ विरासत का भी कराया परिचय
निर्वाचन प्रणाली का अध्ययन करने के साथ-साथ विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने ताजमहल और आगरा किला का भी भ्रमण किया।
इस दौरान उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और पर्यटन की विशेषताओं से भी परिचित कराया गया। इससे प्रतिनिधियों को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ उसकी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को भी नजदीक से देखने का अवसर मिला।
बैठक में रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान, एसडीएम सदर सचिन राजपूत, एसीएम नवोदिता शर्मा सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भारतीय निर्वाचन प्रणाली के अध्ययन के लिए आगरा पहुंचे इस अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा न केवल लोकतांत्रिक सहयोग को मजबूत करने वाला रहा, बल्कि इससे भारत की पारदर्शी, तकनीक-संचालित और समावेशी चुनाव व्यवस्था की वैश्विक स्तर पर एक सकारात्मक छवि भी सामने आई।


