चीनी का रौज़ा-रामबाग की एक नर्सरी में अजगर दिखने से जुटी भीड़; वन विभाग और वाइल्डलाइफ SOS की टीम ने एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित उतारा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 24 अक्टूबर 2026। आगरा के चीनी का रौज़ा, रामबाग क्षेत्र स्थित एक नर्सरी में उस समय लोगों की भीड़ जुट गई, जब पेड़ पर करीब सात फुट लंबा भारतीय रॉक पायथन (अजगर) दिखाई दिया। अजगर जमीन से 20 फुट से अधिक ऊंचाई पर पेड़ की शाखा पर बैठा था। सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश वन विभाग और वाइल्डलाइफ SOS की रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट सक्रिय हुई। टीम ने करीब एक घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के बाद अजगर को सुरक्षित नीचे उतार लिया।
अजगर को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। स्थिति को देखते हुए प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाया, ताकि वन्यजीव और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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20 फुट से अधिक ऊंचाई पर था अजगर, टीम को पेड़ पर चढ़ना पड़ा

वाइल्डलाइफ SOS के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने नर्सरी में पेड़ पर अजगर दिखाई देने की सूचना संगठन की आपातकालीन हेल्पलाइन +91 9917109666 पर दी। इसके बाद दो सदस्यीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
अजगर काफी ऊंचाई पर बैठा था, इसलिए उसे सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम को सावधानीपूर्वक पेड़ पर चढ़ना पड़ा। उचित उपकरणों और प्रशिक्षित तकनीकों की मदद से टीम ने अजगर को नियंत्रित किया और सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा।
करीब एक घंटे तक चले इस अभियान के दौरान मौके पर जुटी भीड़ को भी संभाला गया, ताकि रेस्क्यू में किसी तरह की बाधा न आए और लोगों तथा वन्यजीव को नुकसान पहुंचने का खतरा कम रहे।
भारतीय रॉक पायथन जहरीला नहीं, लेकिन इसे पकड़ना जोखिम भरा

वाइल्डलाइफ SOS में संरक्षण परियोजनाओं के निदेशक और सरीसृप विशेषज्ञ बैजू राज एम.वी. ने बताया कि भारतीय रॉक पायथन शक्तिशाली और गैर-विषैले सांप होते हैं। ये मुख्य रूप से जमीन पर रहते हैं, लेकिन पेड़ों पर चढ़ने में भी सक्षम होते हैं।
उन्होंने बताया कि अजगर की ताकत के कारण उसे संभालना आसान नहीं होता। उचित प्रशिक्षण और जरूरी उपकरणों के बिना उसे पकड़ने का प्रयास खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए यदि किसी को अजगर दिखाई दे, तो उसे घेरने, छेड़ने, पीछा करने या खुद पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाकर प्रशिक्षित वन्यजीव रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना देना सबसे उचित कदम है।
वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने के बजाय अपनाएं जिम्मेदार व्यवहार
वाइल्डलाइफ SOS की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि ने कहा कि सात फुट लंबे अजगर को देखकर लोगों का घबराना स्वाभाविक है, लेकिन डर के कारण किसी वन्यजीव को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में दिखाई देते हैं, तो ऐसी परिस्थितियों में प्रशिक्षित टीम की मदद और लोगों की जिम्मेदार प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने अजगर को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया में सहयोग और समन्वय के लिए उत्तर प्रदेश वन विभाग का आभार भी जताया।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाओं में लोगों को संयम बनाए रखना चाहिए और वन्यजीव को सुरक्षित निकालने का काम प्रशिक्षित कर्मियों पर छोड़ना चाहिए।
भारतीय रॉक पायथन को मिलता है उच्च स्तर का कानूनी संरक्षण
भारतीय रॉक पायथन का वैज्ञानिक नाम Python molurus है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाने वाली बड़ी सांप प्रजातियों में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट में इसे निकट संकटग्रस्त यानी Near Threatened श्रेणी में रखा गया है।
इसके अलावा, यह प्रजाति वन्य जीवों एवं वनस्पतियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार से संबंधित कन्वेंशन (CITES) के परिशिष्ट-I में शामिल है। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत इसे अनुसूची-I में उच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
यह संरक्षण इस प्रजाति और इसके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के महत्व को दर्शाता है।
अजगर या अन्य वन्यजीव दिखे तो क्या करें?
वाइल्डलाइफ SOS ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी घर, नर्सरी, खेत या आबादी वाले क्षेत्र में अजगर अथवा कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो घबराने के बजाय सावधानी बरतें।
- वन्यजीव से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- उसे घेरने, छूने, पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें।
- मौके पर भीड़ जमा न होने दें और रेस्क्यू टीम के काम में बाधा न डालें।
- सहायता के लिए प्रशिक्षित वन्यजीव उद्धारकर्ताओं या संबंधित वन विभाग से संपर्क करें।
आगरा के रामबाग क्षेत्र में चलाया गया यह रेस्क्यू अभियान बताता है कि वन्यजीवों से जुड़ी ऐसी परिस्थितियों में सही जानकारी, सतर्कता और प्रशिक्षित टीम की मदद से लोगों और वन्यजीवों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।


