आगरा में 12 जुलाई को होगा 61.88 लाख पौधों का महावृक्षारोपण, डीएम मनीष बंसल ने कहा— इसे जनआंदोलन और पर्यावरण महोत्सव बनाएं
‘एक स्कूल-एक गांव’ थीम पर चलेगा वृक्षारोपण महायज्ञ, सरकारी और निजी विद्यालयों सहित एनजीओ, महिला समूह, एनसीसी, रोटरी क्लब और आमजन की होगी व्यापक भागीदारी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 07 जुलाई 2026 |
पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से आगरा जनपद में 12 जुलाई 2026 को एक विशाल वृक्षारोपण महायज्ञ अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत पूरे जिले में 61 लाख 88 हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की तैयारियों, विभागवार जिम्मेदारियों, पौधों की उपलब्धता, गड्ढों की खुदाई, पौधारोपण स्थलों, जनभागीदारी और अभियान की निगरानी को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप होगी व्यापक तैयारी

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का सामाजिक अभियान है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिए कि 12 जुलाई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक सभी विभाग अपने-अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पौधारोपण कार्य पूर्ण करें और पूरे अभियान को उत्सव एवं जनभागीदारी के साथ संपन्न कराया जाए।
आगरा को मिला 61.88 लाख पौधारोपण का लक्ष्य

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 के महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत आगरा जनपद को कुल 61 लाख 88 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसमें—
- वन विभाग को 19 लाख 68 हजार पौधे
- अन्य विभागों को 42 लाख 20 हजार पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि पौधों के उठान, गड्ढों की खुदाई और स्थल चयन का कार्य समय से पूर्ण कर लिया जाए ताकि अभियान के दिन किसी प्रकार की बाधा न आए।
विश्व पर्यावरण दिवस पर पहले ही लग चुके हैं 7.94 लाख पौधे
बैठक में बताया गया कि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित विशेष अभियान के दौरान जिले में कुल 7 लाख 94 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं।
इनमें प्रमुख योगदान—
- वन विभाग – 68 हजार
- ग्राम्य विकास विभाग – 4.65 लाख
- कृषि विभाग – 1.17 लाख
- उद्यान विभाग – 77 हजार
- नगर विकास विभाग – 37 हजार
- पंचायती राज विभाग – 30 हजार पौधों का रहा।
प्रशासन का लक्ष्य है कि अब 12 जुलाई के अभियान के माध्यम से निर्धारित लक्ष्य को पूरी गुणवत्ता और जनसहभागिता के साथ पूरा किया जाए।
‘एक स्कूल-एक गांव’ बनेगा अभियान की विशेष पहचान
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इस वर्ष अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘एक स्कूल-एक गांव’ थीम पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक सरकारी और निजी विद्यालय किसी एक गांव से जुड़कर वहां विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के साथ सामूहिक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है और विद्यालयों की भागीदारी से यह अभियान सामाजिक आंदोलन का स्वरूप ले सकेगा।
सभी गांवों और कॉलोनियों में चलेगा जन अभियान
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केवल सरकारी कार्यालयों तक ही अभियान सीमित न रहे बल्कि—
- सभी ग्राम पंचायतों,
- नगर पंचायतों,
- कॉलोनियों,
- विद्यालयों,
- महाविद्यालयों,
- सार्वजनिक स्थलों
पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाए।
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एनजीओ, महिला समूह और युवाओं की होगी अहम भूमिका
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अभियान में एनजीओ, एनसीसी, रोटरी क्लब, लॉयन्स क्लब, स्वयं सहायता समूह, स्कूली विद्यार्थी, सेवानिवृत्त कर्मचारी, सामाजिक संगठन और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जितनी अधिक जनसहभागिता होगी, अभियान उतना ही सफल और स्थायी परिणाम देने वाला होगा।
अधिकारी केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित न रहें
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे केवल अभिलेखों तक सीमित न रहें बल्कि स्वयं फील्ड में जाकर तैयारियों का निरीक्षण करें।
उन्होंने बताया कि शनिवार को सभी अधिकारी निर्धारित पौधारोपण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण (साइट विजिट) करेंगे और प्रत्येक स्थल की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेंगे।
उन्होंने कहा कि बिना फील्ड निरीक्षण के किसी भी कार्य को पूर्ण नहीं माना जाएगा।
पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए गोबर की खाद पर जोर
बैठक में पौधारोपण के बाद पौधों के संरक्षण पर भी विशेष चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पौधों की अच्छी वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए गोबर की खाद का प्राथमिकता से उपयोग किया जाए।
उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया कि पौधशालाओं में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रहे और आवश्यकता अनुसार समय पर सभी विभागों को उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और विकास भी उतना ही आवश्यक है।
नियमित मॉनिटरिंग और सत्यापन के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अभियान से संबंधित प्रत्येक गतिविधि का नियमित फीडबैक लिया जाए और प्रत्येक कार्य का सत्यापन किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के दौरान पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि लगाए गए पौधों का जीवित रहने का प्रतिशत अधिक से अधिक हो।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) आजाद भगत सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रभागीय वनाधिकारी राजेश कुमार, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, जिला विकास अधिकारी भावना यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्रपाल, डीसी मनरेगा रामायण सिंह यादव, डीपीआरओ मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बैठक के अंत में कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और हरित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि आगरा को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है।


