मंडल में पहला, प्रदेश में चौथा और देश में 21वां स्थान हासिल; पिछले वर्ष के 4998 पंजीकरण का रिकॉर्ड टूटा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने वाली इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में आगरा जनपद ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की इस योजना के अंतर्गत जिले के 1030 विद्यालयों से कुल 5116 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण किया गया है। इस उपलब्धि के साथ आगरा ने मंडल में प्रथम, उत्तर प्रदेश में चौथा और देशभर में 21वां स्थान प्राप्त किया है।
जिला समन्वयक विज्ञान क्लब डॉ. निखिल जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक, परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों ने योजना में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। आवेदन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित थी। इसके तहत जिले से 5116 विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ है।
पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया कीर्तिमान
आगरा ने इंस्पायर अवार्ड योजना में पिछले वर्ष के पंजीकरण रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। वर्ष 2025 में जिले से 4998 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 170 विद्यार्थियों के आइडिया चयनित हुए थे। वहीं, वर्ष 2026 में पंजीकरण की संख्या बढ़कर 5116 हो गई है।
इस तरह जिले में पिछले वर्ष की तुलना में 118 अधिक पंजीकरण हुए हैं। यह उपलब्धि विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों को दर्शाती है।
चयनित विद्यार्थियों को मिलती है 10 हजार रुपये की सहायता
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उनके नए विचारों को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नवाचार और आइडिया प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार, एक विद्यालय से अधिकतम पांच छात्र-छात्राओं के आइडिया अपलोड किए जा सकते हैं। चयनित विद्यार्थी को अपने विचार पर आधारित प्रोटोटाइप तैयार करने और उसे प्रस्तुत करने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से 10,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
इससे विद्यार्थियों को अपने वैज्ञानिक विचारों को वास्तविक रूप देने और समाज की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरणा मिलती है।
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परिषदीय विद्यालयों की भागीदारी से मिली सफलता
डॉ. निखिल जैन ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के लिए नामित जनपदीय मोटिवेटर डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय के प्रयासों से इस उपलब्धि को हासिल करने में मदद मिली। उनके अनुसार, बेसिक शिक्षा के लगभग 99 प्रतिशत परिषदीय विद्यालयों द्वारा पंजीकरण किए जाने से जिले का प्रदर्शन बेहतर हुआ।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने और विद्यालयों में अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के लिए लगातार प्रयास किए गए। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को अपने नए विचारों और नवाचारों को प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास की सराहना
डायट प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र पाल सिंह तोमर और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जनपद ने यह उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, डायट मेंटर्स, माध्यमिक शिक्षा के ब्लॉक नोडल अधिकारियों, जिला समन्वयकों, एसआरजी, एआरपी टीम और शिक्षकों के सहयोग से पंजीकरण का नया रिकॉर्ड बना है।
डॉ. वार्ष्णेय के अनुसार, पूरे शिक्षा विभाग ने समन्वय के साथ काम किया, जिसके परिणामस्वरूप आगरा ने वर्ष 2025 के 4998 पंजीकरण के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 2026 में 5116 पंजीकरण का नया कीर्तिमान स्थापित किया।
इंस्पायर अवार्ड योजना में पंजीकरण की स्थिति
- वर्ष 2025: 4998 विद्यार्थियों का पंजीकरण, 170 आइडिया चयनित।
- वर्ष 2026: 5116 विद्यार्थियों का पंजीकरण।
आगरा में पंजीकरण की बढ़ी संख्या से विद्यार्थियों के बीच विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति रुचि को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इस उपलब्धि ने जिले को मंडल, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्थान दिलाया है।


