खेरागढ़ में स्काउट-गाइड बिगिनर प्रशिक्षण आयोजित, 80 शिक्षकों ने सीखे सेवा और अनुशासन के गुर
शिक्षकों को स्काउटिंग के उद्देश्य, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में भूमिका की दी गई जानकारी; विद्यालयों तक आंदोलन पहुंचाने पर जोर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
खेरागढ़/आगरा। शिक्षकों में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने के उद्देश्य से गुरुवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी), खेरागढ़ में स्काउट एवं गाइड बिगिनर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में कुल 80 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के उद्देश्यों, मूल सिद्धांतों, कार्यप्रणाली और सामाजिक जीवन में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह के निर्देशन, खंड शिक्षा अधिकारी विकासखंड खेरागढ़ महेश चंद्र के मार्गदर्शन तथा DIET प्रवक्ता एवं ब्लॉक मेंटर डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय के समन्वय से किया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। वक्ताओं ने कहा कि स्काउटिंग केवल एक प्रशिक्षण गतिविधि नहीं, बल्कि जिम्मेदार और सेवाभावी नागरिक तैयार करने की प्रक्रिया है।
स्काउटिंग के उद्देश्य और कार्यप्रणाली से परिचित हुए शिक्षक

प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के उद्देश्यों और इसकी कार्यप्रणाली से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि स्काउटिंग के माध्यम से बच्चों और युवाओं में अनुशासन, सेवा भावना, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, सहयोग और राष्ट्रभक्ति जैसे गुण विकसित किए जा सकते हैं।
प्रशिक्षकों ने स्काउट-गाइड के मूल सिद्धांतों को दैनिक जीवन और विद्यालयी गतिविधियों से जोड़कर समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक इन मूल्यों को अपने व्यवहार और शिक्षण कार्य के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचा सकते हैं।
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प्रशिक्षकों ने बताए सेवा, अनुशासन और आत्मनिर्भरता के महत्व

कार्यक्रम में डॉ. दिग्विजय पचौरी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट, आगरा; श्रीमती कुसुम वर्मा, जिला संगठन आयुक्त गाइड, आगरा; डॉ. मनोज कुमार पाठक, ब्लॉक स्काउट मास्टर, सैयाँ तथा अशोक कुमार, ब्लॉक स्काउट मास्टर, खेरागढ़ ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया।
उन्होंने बताया कि स्काउटिंग का उद्देश्य केवल किसी विशेष गतिविधि में दक्षता हासिल करना नहीं है, बल्कि व्यक्ति के भीतर सेवा, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व जैसे गुणों का विकास करना भी है। इन गुणों के माध्यम से विद्यार्थी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरों की सहायता के लिए आगे आते हैं।
वक्ताओं ने शिक्षकों से अपील की कि वे स्काउट-गाइड के सिद्धांतों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करें, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जीवनोपयोगी मूल्य भी सीखने का अवसर मिले।
सहयोग और टीम भावना से मिलते हैं बेहतर परिणाम
प्रशिक्षण के दौरान अकादमिक रिसोर्स पर्सन सौरभ शर्मा और अजय सिकरवार ने सहयोग एवं टीम भावना के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सामूहिक प्रयास से कठिन कार्यों को भी बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। विद्यालयों में भी टीम भावना विकसित होने से शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलती है।
डॉ. सतीश कुमार सिकरवार, इंचार्ज प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय कछपुरा, सरेंडा, खेरागढ़ एवं यूनिट लीडर, तथा मलय कुमार दास, इंचार्ज प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोन एवं यूनिट लीडर ने भी शिक्षकों के साथ भारतीय स्काउट एवं गाइड के विभिन्न पहलुओं पर सार्थक चर्चा की।
80 शिक्षकों ने उत्साह के साथ किया प्रतिभाग
बीआरसी खेरागढ़ में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 80 शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने स्काउटिंग से जुड़ी जानकारी प्राप्त की और विद्यालयों में इसके उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर विचार किया।
वक्ताओं ने कहा कि स्काउटिंग का उद्देश्य केवल एक कुशल विद्यार्थी तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसा जिम्मेदार नागरिक बनाना है, जो आवश्यकता पड़ने पर समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए तत्पर रहे। इसके लिए विद्यार्थियों में छोटी उम्र से ही अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व और सेवा के संस्कार विकसित करना जरूरी है।
विद्यालयों तक स्काउट-गाइड आंदोलन पहुंचाने का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर शिक्षकों को स्काउट-गाइड के मूल्यों को विद्यालयी गतिविधियों से जोड़ने और विद्यार्थियों को सेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। प्रशिक्षण ने शिक्षकों के भीतर सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण से शिक्षकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए अवसर और गतिविधियां समझने में मदद मिलती है। कार्यक्रम ने स्काउट-गाइड आंदोलन को विद्यालयों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने और बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।


