डायट आगरा में एफएलएन प्रशिक्षण का समापन: ‘10 प्वाइंट टूल किट’ से बच्चों की सीखने की क्षमता होगी मजबूत, निपुण जनपद बनाने पर जोर
पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमैरेसी (FLN) प्रशिक्षण में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों का दिया गया प्रशिक्षण, ब्लॉक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 03 जुलाई 2026 |
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) आगरा में 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी (FLN) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, विद्यार्थियों की भाषा एवं गणितीय दक्षता को सुदृढ़ करना तथा शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से प्रशिक्षित करना रहा।
समापन अवसर पर डायट के प्राचार्य अनिरुद्ध यादव ने कहा कि यदि विद्यालयों में ‘10 प्वाइंट टूल किट’ का प्रभावी उपयोग किया जाए तो बच्चों की सीखने की क्षमता, समझ और शैक्षणिक उपलब्धियों में उल्लेखनीय सुधार संभव है। उन्होंने प्रशिक्षित शिक्षकों से आग्रह किया कि वे ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पूरे समर्पण और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं ताकि जनपद के प्रत्येक प्राथमिक शिक्षक तक इस प्रशिक्षण का लाभ पहुंच सके।
भाषा और गणित को मजबूत बनाने पर विशेष जोर

पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अनुराग शर्मा, हेमलता यादव, प्रीति पाराशर एवं कल्पना छोकर ने प्रतिभागियों को कक्षा 1 से 4 तक की संदर्शिकाओं के आधार पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण में उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching), समूह चर्चा, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा प्रयोगात्मक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से यह बताया गया कि किस प्रकार छोटे बच्चों की बुनियादी भाषा एवं गणितीय क्षमता को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकता है।
10 प्वाइंट टूल किट से बच्चों की क्षमता में होगा विस्तार

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को ऐसी 10 प्रमुख शिक्षण रणनीतियों (10 Point Toolkit) से परिचित कराया गया जिनका उद्देश्य बच्चों के समग्र सीखने के स्तर में सुधार करना है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- भाषा एवं गणित आधारित साप्ताहिक शिक्षण चक्र
- मासिक एवं वार्षिक कार्य योजना का प्रभावी संचालन
- कैच-अप प्लान के माध्यम से पुनरावृत्ति शिक्षण
- प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का नियमित कैच-अप शिक्षण
- विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान एवं अनुभवों से जोड़कर शिक्षण
- टीएलएम (Teaching Learning Material) एवं प्रिंट-रिच सामग्री का प्रभावी उपयोग
- शिक्षक डायरी का नियमित उपयोग
- सरल से जटिल शिक्षण रणनीति अपनाना
- त्रुटि विश्लेषण एवं रचनात्मक प्रतिपुष्टि
- खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति
प्रशिक्षकों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि किसी भी विद्यार्थी को कमजोर महसूस कराए बिना उसकी व्यक्तिगत सीखने की गति के अनुसार शिक्षण किया जाए।
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निपुण भारत मिशन को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी वास्तविक सफलता तब होगी जब प्रशिक्षित शिक्षक ब्लॉक स्तर पर अन्य शिक्षकों को भी इसी गुणवत्ता के साथ प्रशिक्षण देंगे।
उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने विकासखंडों में प्रशिक्षण को प्रभावी ढंग से संचालित करें ताकि प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रत्येक शिक्षक नई शिक्षण तकनीकों को अपनाकर निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को सफल बना सके।
प्रतिभागियों ने किया प्रस्तुतीकरण
प्रशिक्षण के अंतिम दिन विभिन्न विकासखंडों से आए 37 प्रतिभागियों ने उन्हें दिए गए विषयों पर गतिविधि आधारित प्रस्तुतीकरण किया। प्रतिभागियों ने समूह कार्य, शिक्षण सामग्री, खेल आधारित गतिविधियों एवं नवाचारों के माध्यम से अपने सीखने का प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित विशेषज्ञों ने सराहना की।
शिक्षकों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण
पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि शिक्षक केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहें बल्कि विद्यालयों में सीधे उपयोग किए जा सकने वाले व्यवहारिक मॉडल सीखें। गतिविधि आधारित शिक्षण, बच्चों की सीखने की कठिनाइयों की पहचान, बेसलाइन एवं एंडलाइन मूल्यांकन तथा संकुल बैठकों के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
सभी के सहयोग से सफल हुआ प्रशिक्षण
कार्यक्रम के सफल संचालन में नोडल प्रभारी धर्मेंद्र प्रसाद गौतम एवं एसआरजी मीना पुष्कर का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर कल्पना सिन्हा, यशवीर सिंह, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, रंजना पांडे, पुष्पेंद्र सिंह, अबु मुहम्मद आसिफ, रचना यादव सहित डायट के प्रवक्ता एवं प्रशिक्षण से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र प्रसाद गौतम ने किया।
गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
डायट आगरा द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक शिक्षा को अधिक प्रभावी, रोचक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से तैयार किए गए मास्टर ट्रेनर अब ब्लॉक स्तर पर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे जिले के सरकारी विद्यालयों में बच्चों की बुनियादी भाषा एवं गणितीय दक्षता को मजबूत करने के साथ-साथ निपुण जनपद बनाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।


