आगरा में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 2026 का शुभारंभ: सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को किया रवाना
1 से 31 जुलाई तक चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान, 11 जुलाई से शुरू होगा दस्तक अभियान; 11 विभाग मिलकर करेंगे जनजागरूकता और बचाव कार्य
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 01 जुलाई 2026 |
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के क्रम में जनपद आगरा में संचारी रोग नियंत्रण अभियान-2026 का विधिवत शुभारंभ मंगलवार को किया गया। अभियान के तहत 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक पूरे जिले में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता, साफ-सफाई, मच्छरजनित रोगों की रोकथाम तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच, जागरूकता और रोगों की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
अभियान की शुरुआत जनपद स्तरीय विशाल अंतरविभागीय जागरूकता रैली से हुई, जिसे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का उद्देश्य आमजन को संचारी रोगों से बचाव, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करना था।
11 विभाग मिलकर चलाएंगे विशेष अभियान

रैली में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर विकास, पंचायती राज, पशुपालन, समाज कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कृषि, सिंचाई, शिक्षा, सूचना विभाग सहित कुल 11 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। इसके अलावा बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, स्वास्थ्य कर्मचारी और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
सीएमओ ने दिए अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सभी विभागों और समाज की साझा भागीदारी से ही संभव है।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक क्षेत्र में विशेष रूप से—
- सार्वजनिक स्थानों एवं मोहल्लों की नियमित साफ-सफाई,
- जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान,
- झाड़ियों की कटाई,
- तालाबों एवं नालों की सफाई,
- एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव,
- फॉगिंग अभियान,
- स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता,
- बच्चों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी शिक्षा,
- कुपोषित बच्चों पर विशेष निगरानी,
- दिव्यांग बच्चों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराना,
- तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक संचालन सुनिश्चित किया जाए।
दस्तक अभियान के तहत घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम

सीएमओ ने बताया कि 11 जुलाई से प्रारंभ होने वाला दस्तक अभियान विशेष रूप से उन परिवारों तक पहुंचेगा जहां छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और संवेदनशील वर्ग के लोग रहते हैं।
इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बुखार, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, एईएस सहित अन्य संचारी रोगों के संभावित लक्षणों की जानकारी देंगे तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
मच्छरजनित रोगों से बचाव पर विशेष जोर
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमलों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें तथा मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं।
अधिकारियों ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होते ही डेंगू, मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जनसहभागिता ही इस अभियान की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
रैली में दिखा उत्साह
जागरूकता रैली में नोडल अधिकारी (वीबीडी) डॉ. धर्मेश्वर श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीयूष जैन, डब्ल्यूएचओ (WHO) की एसएमओ टीम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जिला मलेरिया विभाग के कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तथा अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
रैली के दौरान संचारी रोगों से बचाव, स्वच्छता, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े संदेशों वाले बैनर एवं स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
जनसहभागिता से ही मिलेगा संचारी रोगों पर नियंत्रण
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, स्वच्छ वातावरण बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार के बुखार या संचारी रोग के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
प्रशासन का मानना है कि यदि सभी विभाग और आमजन मिलकर इस अभियान को सफल बनाएंगे तो डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा तथा जनपद को स्वस्थ और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।


