आगरा में बेसिक शिक्षा की समीक्षा: बेसिक शिक्षा विभाग की जिला टास्क फोर्स बैठक में DM मनीष बंसल के सख्त निर्देश, बोले- बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सर्वोच्च प्राथमिकता
सभी BEO को नियमित विद्यालय निरीक्षण और ARP-डायट मेंटर्स को गुणवत्तापूर्ण विजिट के निर्देश, निपुण आकलन, DBT, APAAR ID और पीएम पोषण की भी हुई समीक्षा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
दैनिक समाचार, आगरा, 10 सितंबर 2026। बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं और परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कैंप कार्यालय सभागार में हुई बैठक में जिले में बेसिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निपुण भारत मिशन, विद्यालय निरीक्षण, पाठ्यपुस्तक एवं वर्कबुक वितरण, पीएम पोषण, डीबीटी, आरटीई, APAAR ID, निर्माण कार्य, ऑपरेशन कायाकल्प और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों सहित विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विद्यालय निरीक्षण और अनुश्रवण केवल औपचारिक प्रक्रिया बनकर नहीं रहना चाहिए। इसका वास्तविक उद्देश्य शिक्षण व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों को शैक्षिक सहयोग और बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाना होना चाहिए।
“बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालय निरीक्षण और अनुश्रवण केवल औपचारिकता न होकर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार का प्रभावी माध्यम बने।” — जिलाधिकारी मनीष बंसल
निपुण भारत मिशन और बच्चों के सीखने के स्तर पर जोर
बैठक की शुरुआत में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत किए जा रहे निपुण आकलन की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आकलन प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केवल आकलन पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आकलन से सामने आने वाले परिणामों के आधार पर बच्चों की सीखने की क्षमता में लगातार सुधार लाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास होने चाहिए।
जिलाधिकारी ने निपुण ऐप के माध्यम से किए जा रहे आकलन की भी समीक्षा की और विद्यालय स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आकलन की प्रक्रिया सही ढंग से हो और उसके परिणामों का उपयोग बच्चों की शैक्षिक प्रगति के लिए किया जा सके।
ARP, SRG और डायट मेंटर्स की विजिट को बनाया जाए प्रभावी
बैठक में एआरपी, एसआरजी एवं डायट मेंटर्स द्वारा विद्यालयों में किए जा रहे भ्रमण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय विजिट केवल उपस्थिति दर्ज करने या औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय भ्रमण का वास्तविक उद्देश्य शिक्षकों को शैक्षिक सहयोग प्रदान करना और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाना होना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय विजिट से संबंधित प्रविष्टियां और कार्यवृत्त समय से पोर्टल पर अपडेट किए जाएं। इससे विद्यालय भ्रमण की गतिविधियों का प्रभावी अनुश्रवण किया जा सकेगा।
सभी BEO को नियमित विद्यालय निरीक्षण के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को नियमित रूप से विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान केवल विद्यालय भवन या अभिलेखों की स्थिति देखना पर्याप्त नहीं होगा। अधिकारियों को पठन-पाठन, छात्र उपस्थिति, शैक्षिक वातावरण, पीएम पोषण, मूलभूत सुविधाओं और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लेना होगा।
निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने और विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
DBT के लंबित कार्य जल्द पूरे कराने के निर्देश
परिषदीय विद्यालयों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पात्र अभिभावकों के खातों में निर्धारित लाभ समय से पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने लंबित मामलों को शीघ्र पूरा कराने और पात्र विद्यार्थियों से संबंधित प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होने देने को कहा। संबंधित अधिकारियों को DBT से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।
APAAR ID बनाने की गति बढ़ाने पर जोर
बैठक में विद्यार्थियों की APAAR ID की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने शेष कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर लगातार अनुश्रवण करते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों की APAAR ID तैयार कराई जाए। संबंधित अधिकारियों को इस कार्य की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पीएम पोषण योजना में भोजन की गुणवत्ता पर विशेष नजर
पीएम पोषण योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ स्वच्छता और निर्धारित व्यवस्था की भी नियमित निगरानी होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय निरीक्षण के दौरान पीएम पोषण की व्यवस्था का अनिवार्य रूप से जायजा लिया जाए। भोजन की गुणवत्ता या स्वच्छता से संबंधित किसी भी कमी को नजरअंदाज न किया जाए।
निर्माण कार्यों में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय एवं मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के साथ गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करने और संबंधित अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण एवं सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया या अनावश्यक विलंब हुआ तो संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों के विरुद्ध ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ऑपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों की सुविधाएं हों बेहतर
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों का भौतिक और शैक्षिक वातावरण बच्चों के अनुकूल, सुरक्षित और आकर्षक होना चाहिए। मूलभूत सुविधाओं से संबंधित जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
विद्यालयों में बेहतर वातावरण बच्चों की नियमित उपस्थिति और सीखने की प्रक्रिया के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने भौतिक सुविधाओं में लगातार सुधार करने पर जोर दिया।
KGBV में छात्राओं के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में निर्माण, फर्नीचर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षिक एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों की स्थिति और आवश्यकताओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
बाल वाटिका और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत
बैठक में बाल वाटिका और विद्यालयों में खेल सामग्री की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बच्चों के समग्र विकास के लिए खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि बच्चों का विकास केवल किताबों और कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं है। खेल, रचनात्मक गतिविधियां और सीखने के अलग-अलग अवसर बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसलिए विद्यालयों में उपलब्ध खेल सामग्री का बेहतर उपयोग कराने और बच्चों को सीखने के साथ खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों के लिए पर्याप्त अवसर देने पर जोर दिया गया।
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बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं
विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षण व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई खुले स्थान या असुविधाजनक स्थिति में नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने आवश्यकता के अनुसार विद्यालय परिसर तथा निकटवर्ती सरकारी भूमि का उपयोग करते हुए अतिरिक्त कक्षाकक्ष और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण में शिक्षा मिल सके।
अच्छे नवाचार करने वाले स्कूल और शिक्षक होंगे प्रेरणा
जिलाधिकारी ने जिले में बेहतर कार्यप्रणाली और नवाचार करने वाले विद्यालयों एवं शिक्षकों को चिन्हित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों और शिक्षकों ने शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रभावी तरीके अपनाए हैं, उनके नवाचार और अच्छी कार्यप्रणाली को अन्य विद्यालयों के साथ साझा किया जाए।
इससे दूसरे विद्यालयों के शिक्षक भी सफल प्रयोगों से सीख सकेंगे और अपने स्तर पर उन्हें अपनाकर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार ला सकेंगे।
शिक्षा से जुड़े सभी संकेतकों की होगी नियमित मॉनिटरिंग
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को शिक्षा विभाग के प्रमुख संकेतकों की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्यालय निरीक्षण, निपुण आकलन, नामांकन, DBT, APAAR ID, पाठ्यपुस्तक वितरण, पीएम पोषण, निर्माण कार्य समेत अन्य विभागीय कार्यों की प्रगति निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि योजनाओं और कार्यक्रमों का वास्तविक लाभ बच्चों तक पहुंचे और विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं में भी निरंतर सुधार दिखाई दे।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
जिला टास्क फोर्स की बैठक में बीएसए डॉ. राकेश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक बालिका विश्वप्रताप सिंह, डीपीआरओ मनीष कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्या, जिला परिवीक्षा अधिकारी अतुल सोनी, एसआरजी मीना पुष्कर, डिप्टी सीएमओ डॉ. जितेंद्र लवानिया, खंड शिक्षा अधिकारी सुमित सिंह, सौरभ आनंद सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी, डीसी बालिका और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर प्रशासन का फोकस
बेसिक शिक्षा विभाग की इस समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि विद्यालयों में केवल योजनाओं के क्रियान्वयन पर ही नहीं, बल्कि उनके जमीनी प्रभाव और बच्चों के सीखने के स्तर पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विद्यालय निरीक्षण को प्रभावी बनाने, निपुण आकलन के परिणामों के आधार पर सुधार करने, शिक्षकों को शैक्षिक सहयोग देने और विद्यालयों में सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
प्रशासन की प्राथमिकता यही है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर सुविधाएं और सीखने के पर्याप्त अवसर मिलें। इसके लिए अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

