खेरागढ़ संपूर्ण समाधान दिवस में 101 शिकायतें, 11 का मौके पर निस्तारण; लेखपालों को गांव में रोज बैठने के निर्देश
गांव में न बैठने और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही करने वाले लेखपाल होंगे चिह्नित, निलंबन की कार्रवाई के निर्देश
जीवित महिला को मृत दिखाकर जमीन पर फर्जी ऋण के मामले में जिलाधिकारी ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 05 सितंबर 2026। आम लोगों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए तहसील खेरागढ़ में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में फरियादियों ने बिजली, पेंशन, राशन, भूमि विवाद, चकरोड, अतिक्रमण, नाली निर्माण सहित विभिन्न समस्याओं से जुड़े प्रार्थना पत्र दिए।
समाधान दिवस में कुल 101 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11 शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही तत्काल निस्तारण कराया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए। प्रत्येक शिकायत का स्थलीय एवं अभिलेखीय परीक्षण कर निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
101 शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से जुड़े
संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से संबंधित रहे। कुल 101 शिकायतों में 65 शिकायतें राजस्व विभाग, 15 पुलिस विभाग, 7 विकास विभाग, 5 समाज कल्याण विभाग, 3 विद्युत विभाग, 2 नगर पंचायत, 3 जल निगम तथा 1 शिकायत अन्य विभाग से संबंधित रही।
फरियादियों ने मुख्य रूप से विद्युत, पेंशन, राशन, भूमि विवाद, चकरोड निर्माण एवं अतिक्रमण, नाली निर्माण और अवैध कब्जे से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतें हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में समय सीमा का पालन किया जाए और निस्तारण की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
लेखपालों को रोज गांव में बैठने के आदेश
भूमि पैमाइश, चक मार्ग और तालाबों पर कब्जे से जुड़े मामलों में शिथिलता सामने आने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने संबंधित लेखपालों को तलब कर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने सभी लेखपालों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन गांव में बैठें और ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण की कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने कहा कि लेखपालों की ग्रामीण स्तर पर मौजूदगी से लोगों को छोटी-छोटी राजस्व समस्याओं के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो लेखपाल गांव में नहीं बैठते हैं या प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतते हैं, उन्हें चिह्नित किया जाए। ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
पुराने समाधान दिवस की शिकायतों का भी लिया हिसाब
जिलाधिकारी ने केवल शनिवार को प्राप्त शिकायतों की ही समीक्षा नहीं की, बल्कि 18 अगस्त 2026 को आयोजित पिछले संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति भी जानी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूर्व समाधान दिवस की शिकायतों के निस्तारण की आख्या तलब की। जिलाधिकारी ने मौके पर ही जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह को शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क कर निस्तारण की वास्तविक स्थिति और फीडबैक प्राप्त करने के निर्देश दिए।
फोन पर प्राप्त फीडबैक में जहां शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी नहीं पाया गया, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तलब कर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि किसी शिकायत का केवल कागजी निस्तारण पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की समस्या वास्तव में हल हुई है या नहीं, इसकी भी पुष्टि जरूरी है।
राजस्व संहिता की धारा-24 के लंबित मामलों की समीक्षा
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व संहिता की धारा-24 के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित प्रकरणों से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यकता पड़ने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रतिस्थानी भेजने वाले अधिकारियों पर नाराज हुए DM
संपूर्ण समाधान दिवस में कुछ विभागीय अधिकारियों के स्वयं उपस्थित न होकर अपने स्थान पर प्रतिस्थानी भेजने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, पीओ डूडा, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई तथा अधिशासी अधिकारी खेरागढ़ द्वारा स्वयं उपस्थित न होकर अपने स्थान पर प्रतिस्थानी भेजे जाने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण समाधान दिवस में संबंधित अधिकारियों की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य है, क्योंकि फरियादियों की समस्याओं पर मौके पर ही निर्णय लेने और संबंधित विभाग को प्रभावी निर्देश देने की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पेंशन आवेदनों के लिए मौके पर ही लगाया गया कैंप
संपूर्ण समाधान दिवस में वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन सहित अन्य पेंशन से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने इन मामलों को लंबित रखने के बजाय जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेन्द्र पाल सिंह को मौके पर तलब किया।
उन्होंने तहसील परिसर में ही कैंप लगाकर प्राप्त पेंशन आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय से मिलना चाहिए और आवेदन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
इस पहल से पेंशन से संबंधित आवेदकों को संबंधित विभाग तक अपनी समस्या पहुंचाने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में सुविधा मिली।
जीवित महिला को मृत दिखाकर जमीन पर फर्जी ऋण का मामला पहुंचा समाधान दिवस में
संपूर्ण समाधान दिवस में ग्राम रोहता, तहसील खेरागढ़ निवासी श्रीमती गीता देवी पत्नी परषोत्तम ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गंभीर मामला सामने रखा।
गीता देवी ने आरोप लगाया कि उन्हें जीवित होने के बावजूद अभिलेखों में मृत दिखाकर फर्जी वारिसी की गई और किसी अन्य महिला को संबंधित भूमि पर बैंक से ऋण दिलाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने नकल खतौनी से फर्जी ऋण की प्रविष्टि तत्काल हटवाने तथा संबंधित राजस्व अभिलेखों की जांच कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने संबंधित राजस्व निरीक्षक चुन्नीलाल एवं लेखपाल मधुरेश तिवारी के विरुद्ध प्राप्त शिकायत के संबंध में विभागीय जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
गरीब और असहाय लोगों की जमीन के मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और असहाय लोगों की जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि संबंधी शिकायतों में अभिलेखों की सावधानीपूर्वक जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेखों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश
समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।
उन्होंने कहा कि फरियादी अपनी समस्या लेकर उम्मीद के साथ प्रशासन के पास आता है। इसलिए शिकायत का समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण की लगातार समीक्षा करने और आवश्यक होने पर मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करने को भी कहा।
ग्रामीण स्तर पर प्रशासन की पहुंच बढ़ाने पर जोर
खेरागढ़ में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी के निर्देशों में ग्रामीण स्तर पर प्रशासन की पहुंच मजबूत करने पर विशेष जोर दिखाई दिया। लेखपालों को गांव में प्रतिदिन बैठने के निर्देश इसी दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
राजस्व से जुड़े अधिकांश छोटे-बड़े मामलों में ग्रामीणों का सीधा संपर्क लेखपाल स्तर पर होता है। ऐसे में गांव में नियमित उपस्थिति और शिकायतों की समय पर सुनवाई से समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी संदेश दिया कि जनता से सीधे जुड़े कार्यक्रमों में जिम्मेदारी के साथ उपस्थित रहना और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
समाधान दिवस में ये अधिकारी रहे मौजूद
संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम नरेंद्र गंगवार, एसडीएम न्यायिक विनोद चौधरी, तहसीलदार सुरभि राय, नायब तहसीलदार अनुज दीक्षित, एसीपी सुनीता चौहान, प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत, पीडी डीआरडीए रेनू कुमारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेन्द्र पाल सिंह, उपनिदेशक कृषि मुकेश कुमार, डीपीआरओ मनीष कुमार, सहायक श्रमायुक्त सुश्री शगुन, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ऋषिकेश बनर्जी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान पर प्रशासन का फोकस
खेरागढ़ तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक ओर जहां 101 शिकायतें प्रशासन के सामने पहुंचीं, वहीं 11 मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया। भूमि विवाद, कब्जे, पेंशन और राजस्व संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी की सख्ती से यह स्पष्ट संदेश गया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
लेखपालों को गांव में नियमित रूप से बैठने, पुराने मामलों की समीक्षा करने, पेंशन आवेदनों के लिए मौके पर कैंप लगाने और अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति जैसे निर्देशों के जरिए प्रशासन ने शिकायत निस्तारण व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर दिया।
संपूर्ण समाधान दिवस का मूल उद्देश्य यही है कि आम नागरिक अपनी समस्या प्रशासन के सामने रख सके और उसे समयबद्ध, निष्पक्ष तथा प्रभावी समाधान मिले। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशों के बाद अब संबंधित विभागों पर इन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की जिम्मेदारी है।

