Agra Breaking: आगरा में दिवाली पर नर्सिंग अधिकारियों ने मनाया काला दिवस, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले जिला महिला अस्पताल में जुटे नर्सिंग अधिकारी, मांगें पूरी न होने पर दिवाली के बाद हड़ताल की चेतावनी
आगरा। अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आगरा जनपद के नर्सिंग अधिकारियों ने दिवाली पर काला दिवस मनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जिला महिला अस्पताल में राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में नर्सिंग अधिकारियों ने काले वस्त्र पहनकर शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश त्यागी और मंडल अध्यक्ष श्रीराम शर्मा ने किया।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश त्यागी ने कहा कि नर्सेज की 13 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पहले आयोजित संघ के अधिवेशन में 13 मांगों में से पांच को स्वीकार करने की घोषणा की थी। इसके बाद 2 फरवरी 2026 को अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के साथ संघ की बैठक में भी मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद अभी तक न तो संबंधित शासनादेश जारी हुआ और न ही मांगों को लागू करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए।
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13 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी है आंदोलन

सतीश त्यागी ने बताया कि नर्सिंग अधिकारियों की प्रमुख मांगों में गृह जनपद में तैनाती और स्थानांतरण की सुविधा, उच्च रिक्त पदों पर पदोन्नति, समय से एसीपी का लाभ, अस्पतालों में पालना घर की व्यवस्था, सवेतन उच्च शिक्षा की अनुमति और केंद्र सरकार के समान भत्ते शामिल हैं। उनका कहना है कि इन मांगों को लंबे समय से उठाया जा रहा है, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग सेवा में लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। इसके बावजूद महिला कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नर्सिंग अधिकारी लगातार मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं देना चाहते।
मरीजों के हित में हड़ताल से बचना चाहते हैं नर्सिंग अधिकारी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल नहीं करना चाहते, लेकिन लंबे समय से मांगों की अनदेखी के कारण आंदोलन तेज करने की स्थिति बन रही है। सतीश त्यागी के अनुसार, आंदोलन करते हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो दिवाली के बाद नर्सिंग अधिकारी हड़ताल करने का कदम उठा सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान पूर्व में दिए गए आश्वासनों से संबंधित प्रतियों को जलाकर भी विरोध जताया गया।
कई अस्पतालों के नर्सिंग अधिकारी रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े नर्सिंग अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रदर्शन में सतीश त्यागी, श्रीराम शर्मा, ममता सिंह, जैनवती केसरी, ऊषा शंखवार, सुमन केसरी, प्रकाश शर्मा, प्रवेश त्यागी, राना विनी जैकी, हेमलता, मंजुला, सविता, रेखा गुप्ता, नीरज, बिंदु, सुषमा, मंजरी, शिवानी, प्रियंका, नीलम, रजत कुमार, नीतू, सुलेखा, मनीषा, प्रतिज्ञा और सुमित्रा सहित अन्य नर्सिंग अधिकारी मौजूद रहे।
नर्सिंग अधिकारियों ने शासन-प्रशासन से 13 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने और पूर्व में बनी सहमति के अनुरूप शासनादेश जारी करने की मांग की।


