जनगणना 2027: आगरा में फील्ड ट्रेनर्स के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
जनगणना 2027: आगरा में फील्ड ट्रेनर्स के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
40 सवालों की बारीकियों से लेकर मोबाइल ऐप के संचालन तक कराया गया अभ्यास, जनगणना की शुद्धता और गोपनीयता पर दिया गया जोर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। जनगणना 2027 की तैयारियों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए जनपद आगरा में फील्ड ट्रेनर्स के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। 28 से 30 सितंबर 2026 तक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), आगरा में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना के द्वितीय चरण यानी ‘जनसंख्या गणना’ के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान जनसंख्या गणना में पूछे जाने वाले 40 प्रश्नों की बारीकियों, उनके उद्देश्य, सही तरीके से जानकारी दर्ज करने और मोबाइल ऐप के संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को उदाहरणों के माध्यम से प्रक्रिया समझाने के साथ ऐप पर स्वयं अभ्यास भी कराया गया, ताकि वे फील्ड में आने वाली परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
जिला जनगणना अधिकारी के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। जनपद के मास्टर ट्रेनर्स सौरभ शर्मा, अजय कुमार शर्मा, राजीव कौशिक, संजय शर्मा और आलोक जैन ने फील्ड ट्रेनर्स को जनसंख्या गणना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षकों ने बताया कि जनगणना का कार्य सटीक जानकारी के संकलन और निर्धारित प्रक्रिया के पालन पर आधारित होता है। इसलिए फील्ड ट्रेनर्स के लिए प्रश्नों की स्पष्ट समझ, सही अभिलेखन और तकनीकी उपकरणों का उचित उपयोग जानना जरूरी है।
जनसंख्या गणना के सभी 40 प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान जनसंख्या गणना के समय पूछे जाने वाले सभी 40 प्रश्नों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रत्येक प्रश्न का उद्देश्य, उसे पूछने का सही तरीका और प्राप्त उत्तरों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज करने की जानकारी उदाहरणों के साथ दी गई।
फील्ड ट्रेनर्स को यह भी समझाया गया कि प्रश्न पूछते समय स्पष्टता और सावधानी बनाए रखना आवश्यक है। किसी उत्तर को समझने या दर्ज करने में भ्रम की स्थिति बनने पर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी शंकाएं भी रखीं। मास्टर ट्रेनर्स ने उनका समाधान करते हुए वास्तविक फील्ड कार्य में सामने आ सकने वाली संभावित परिस्थितियों पर चर्चा की। इससे प्रतिभागियों को जनगणना प्रक्रिया को व्यावहारिक नजरिए से समझने का अवसर मिला।
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मोबाइल ऐप के संचालन का कराया गया अभ्यास
जनसंख्या गणना के लिए उपयोग किए जाने वाले मोबाइल ऐप के संचालन को भी प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बनाया गया। प्रतिभागियों को ऐप की विभिन्न सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। इसके बाद उनसे स्वयं मोबाइल ऐप पर अलग-अलग प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया।
इस अभ्यास का उद्देश्य फील्ड ट्रेनर्स को तकनीकी प्रक्रिया से परिचित कराना और डिजिटल माध्यम से जानकारी दर्ज करने में सहज बनाना रहा। प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रखकर व्यावहारिक और फील्ड-ओरिएंटेड बनाया गया।
गोपनीयता, शुद्धता और दिशा-निर्देशों के पालन पर जोर
प्रशिक्षण में जनगणना निदेशालय, लखनऊ के सहायक निदेशक एवं जनपद के प्रभारी गोविंद सोनी तथा जिला प्रभारी दिव्या गौतम ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
उन्होंने जनगणना कार्य में गुणवत्ता, गोपनीयता और शुद्धता के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जिम्मेदारी से कार्य करने की आवश्यकता बताई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना से जुड़ी जानकारी के संकलन और अभिलेखन में सावधानी बरतना आवश्यक है।
फील्ड कार्य के लिए तैयार किए गए प्रशिक्षक
28 से 30 सितंबर तक चले प्रशिक्षण में फील्ड ट्रेनर्स को जनसंख्या गणना की प्रक्रिया से जुड़े जरूरी तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और व्यावहारिक बताते हुए अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर्स के प्रति आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगामी जनगणना कार्य में प्राप्त जानकारी और कौशल का प्रभावी उपयोग करेंगे। उनसे अपेक्षा की गई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा, सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करेंगे।
जनगणना 2027 की तैयारियों के क्रम में आयोजित यह प्रशिक्षण फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले प्रशिक्षकों को प्रक्रिया की स्पष्ट समझ देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रश्नों की सही समझ, मोबाइल ऐप का अभ्यास और गोपनीयता के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।


