छात्राओं ने शिक्षिका, जिलाधिकारी, आईपीएस अधिकारी, डॉक्टर और वकील की भूमिकाएं निभाकर शिक्षा, सुरक्षा, समानता और न्याय के अधिकारों को समझाया
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा/फतेहाबाद। जनपद आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय गंगोरा में मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने महिला रोल मॉडल और बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। छात्राओं ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाकर समाज को बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने शिक्षिका, जिलाधिकारी, आईपीएस अधिकारी, डॉक्टर, वकील, नारी और मां की भूमिकाएं निभाईं। इन भूमिकाओं के माध्यम से उन्होंने बताया कि समाज में महिलाओं और बालिकाओं को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और आगे बढ़ने का अधिकार मिलना कितना आवश्यक है।
संवादों के माध्यम से बताए बाल अधिकार
छात्राओं ने अपने प्रभावशाली संवादों और प्रस्तुतियों के जरिए बाल अधिकारों के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। उन्होंने शिक्षा, समानता, सुरक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, विकास और जीवन के अधिकारों का संदेश देते हुए बताया कि प्रत्येक बच्चे को सम्मानपूर्वक जीवन जीने और अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी रहा। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि बालिकाओं को शिक्षा और सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
‘बेटी बढ़ेगी, देश बढ़ेगा’ का दिया संदेश
मिशन शक्ति के संदेश को आगे बढ़ाते हुए छात्राओं ने ‘बेटी बढ़ेगी, देश बढ़ेगा’ का नारा दिया। इसके साथ ही ‘सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन, यही है मिशन शक्ति का संकल्प’ के माध्यम से बालिकाओं की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं को जागरूक, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर ही एक सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए परिवार, विद्यालय और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
शिक्षकों ने छात्राओं की प्रस्तुति की सराहना की
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक वरुण कुमार, संजय, दिनेश शर्मा, मीना मंच समन्वयक चंचल जैन तथा विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने छात्राओं की प्रस्तुति की सराहना की और बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, समानता एवं सशक्तीकरण पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को अपने अधिकारों को समझने, आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया।


