आगरा में सनातनी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन, वैदिक शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर हुई चर्चा
गुरुकुल क्रांति और सुरक्षा क्रांति से जुड़कर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान, वैदिक यज्ञ और भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। वैदिक शिक्षा, संस्कारों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से कम्युनिटी हॉल, अशोक नगर, आगरा में गुरुकुल क्रांति (ऑनलाइन गुरुकुल) के तत्वावधान में सनातनी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न शहरों से आए वक्ताओं और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान वैदिक शिक्षा के महत्व, संगठन की आवश्यकता और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए गए।
शिविर का शुभारंभ सुबह 9 बजे वैदिक यज्ञ के साथ हुआ। इसके बाद मुख्य वक्ता एवं मार्गदर्शक दर्शनाचार्य आचार्य विवेक वरुण जी ने गुरुकुल क्रांति और सुरक्षा क्रांति की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित लोगों से इन दोनों प्रकल्पों से जुड़कर सनातनी कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
वैदिक शिक्षा और संस्कारों पर दिया जोर
रुद्रपुर, उत्तराखंड से पधारे दर्शनाचार्य आचार्य विवेक वरुण जी ने अपने संबोधन में वैदिक शिक्षा, संस्कारों और संगठन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन में अच्छे संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
उन्होंने उपस्थित जनसमूह को सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही गुरुकुल क्रांति एवं सुरक्षा क्रांति के उद्देश्यों से जुड़कर सामूहिक रूप से कार्य करने का संदेश दिया।
वैदिक यज्ञ के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे वैदिक यज्ञ के साथ हुई। इस दौरान वैदिक परंपरा के अनुरूप वातावरण में आध्यात्मिकता और अनुशासन का संदेश दिया गया।
बदायूं से पधारे आचार्य प्रणव जी और प्रयागराज से आईं बहन मंजू तिवारी ने भी अपने विचार रखे। दोनों वक्ताओं ने गुरुकुल व्यवस्था के महत्व और सनातन संस्कृति के संरक्षण से जुड़े विषयों पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि सांस्कृतिक परंपराओं और वैदिक ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए शिक्षा, संवाद और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
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भजनों की प्रस्तुति से भक्तिमय हुआ वातावरण
शिविर में ग्वालियर, मध्य प्रदेश से पधारीं बहन शारदा जी तथा गांधीनगर, गुजरात से आईं बहन निर्मला जी ने भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय हो गया।
भजनों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने आध्यात्मिक भावों का अनुभव किया। कार्यक्रम में वक्तव्य, वैदिक यज्ञ और भजन प्रस्तुतियों ने अलग-अलग आयामों को एक साथ जोड़ते हुए आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
देश के विभिन्न शहरों से पहुंचे प्रतिभागी
सनातनी प्रशिक्षण शिविर में देश के अलग-अलग स्थानों से आए लोगों ने सहभागिता की। मुंबई से शालिनी जोशी, प्रयागराज से राजेन्द्र कपूर, शामली से डॉ. विकास पंवार और दिल्ली से बहन पुष्पा जी सहित अन्य प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
विभिन्न शहरों से आए प्रतिभागियों की उपस्थिति ने शिविर को व्यापक सहभागिता प्रदान की। कार्यक्रम में वैदिक शिक्षा, संस्कृति और संगठन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
आर्या प्रीति, नीरज आर्य और कैलाश जी ने किया संयोजन
कार्यक्रम का संयोजन आर्या प्रीति, नीरज आर्य और कैलाश जी द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संयोजकों और उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।
शिविर में राजा मंडी, आगरा की पूर्व पार्षद श्रीमती प्रेमा वर्मा भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा अशोक नगर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
गुरुकुल क्रांति और सुरक्षा क्रांति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प
शिविर के समापन पर उपस्थित लोगों ने गुरुकुल क्रांति एवं सुरक्षा क्रांति के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वैदिक शिक्षा, संस्कारों और सांस्कृतिक जागरूकता के महत्व को प्रमुखता से रखा गया।
आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षा और संस्कारों के प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। विभिन्न शहरों से आए वक्ताओं और प्रतिभागियों ने अपने विचारों और सहभागिता के जरिए इस दिशा में संवाद को आगे बढ़ाया।
अशोक नगर स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित यह शिविर वैदिक यज्ञ, विचार-विमर्श और भजन प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ।

