आगरा में 530 से अधिक शिक्षक संकुलों की त्रैमासिक समीक्षा, निपुण आकलन और निपुण विद्यालय पर जोर
डायट आगरा में दो दिवसीय बैठक में अक्टूबर तक छात्रों को निपुण बनाने की कार्ययोजना पर मंथन, हर महीने बच्चों का आकलन करने के निर्देश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) आगरा में 24 और 25 अगस्त 2026 को जनपद की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। दो दिवसीय बैठक में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से 530 से अधिक शिक्षक संकुलों ने सहभागिता की। बैठक में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता, निपुण भारत मिशन, विद्यार्थियों के नियमित आकलन और उपचारात्मक शिक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य फोकस विद्यार्थियों को निर्धारित समय-सीमा में निपुण बनाने तथा आगामी निपुण आकलन के लिए बच्चों को बेहतर तरीके से तैयार करने पर रहा। अधिकारियों ने शिक्षकों से विद्यालयों में नियमित आकलन, गतिविधि आधारित शिक्षण और कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष उपचारात्मक शिक्षण अपनाने का आह्वान किया।
नवंबर के निपुण आकलन की तैयारी पर जोर

बैठक को संबोधित करते हुए उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य डायट आगरा विजय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को हर महीने सभी बच्चों का आकलन करना चाहिए। नियमित आकलन से बच्चों के सीखने के स्तर की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और समय रहते उनकी कमियों को दूर किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि नवंबर में होने वाले निपुण आकलन को ध्यान में रखते हुए अभी से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रत्येक बच्चे की सीखने की प्रगति पर नजर रखते हुए शिक्षकों को आवश्यकतानुसार शिक्षण रणनीति में बदलाव करना चाहिए।
दो दिनों में सभी ब्लॉकों के शिक्षक संकुलों ने किया प्रतिभाग

दो दिवसीय समीक्षा बैठक में जनपद के सभी विकासखंडों के शिक्षक संकुलों को अलग-अलग दिवस पर शामिल किया गया।
पहले दिन फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी, सैंया, खेरागढ़, अछनेरा, एत्मादपुर, अकोला और बिचपुरी के शिक्षक संकुलों ने प्रतिभाग किया।
वहीं दूसरे दिन पिनाहट, बाह, जगनेर, जैतपुर कला, खंदौली, शमशाबाद, नगर क्षेत्र और बरौली अहीर के शिक्षक संकुल बैठक में शामिल हुए।
इस दौरान विद्यालय स्तर पर निपुण लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनाई जा रही गतिविधियों और सामने आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग की सलाह
बैठक का संचालन करते हुए निपुण प्रभारी धर्मेंद्र प्रसाद गौतम ने समीक्षा बैठक के विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने शिक्षकों को विद्यालय में समुचित समय-सारिणी तैयार कर शिक्षण कार्य के प्रभावी आवंटन पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, शिक्षक डायरी, शिक्षण योजना, टीएलएम, दीक्षा ऐप, रीड अलॉन्ग ऐप और निपुण लक्ष्य ऐप जैसे संसाधनों का नियमित एवं प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अलावा गणित एवं विज्ञान किट, शिक्षक-संदर्शिका तथा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रिंट सामग्री के माध्यम से बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
निपुण तालिका भरना होगा जरूरी
बैठक में निर्देश दिए गए कि विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति को दर्ज करने के लिए निपुण तालिका को अनिवार्य रूप से भरा जाए। इससे प्रत्येक बच्चे के सीखने के स्तर की पहचान करने और उसके अनुसार आगे की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
शिक्षकों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे अभिभावकों और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) के सदस्यों के साथ गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक बैठकें आयोजित करें। इन बैठकों में बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति, सीखने की प्रगति और विद्यालय से जुड़ी आवश्यकताओं पर चर्चा की जाए।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण पर जोर
बैठक में ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया, जिन्हें सीखने में अपेक्षाकृत अधिक कठिनाई हो रही है। शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि समस्यात्मक छात्रों की पहचान कर उनकी सीखने की जरूरत के अनुसार उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) की व्यवस्था की जाए।
बैठक के दौरान प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक उत्कृष्ट नवाचार प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। इन नवाचारों को उपचारात्मक शिक्षण में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रभावी तरीकों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
अक्टूबर तक विद्यार्थियों को निपुण बनाने की कार्ययोजना
कार्यक्रम में प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि शिक्षक संकुल स्तर पर अक्टूबर तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक विद्यालय अपने बच्चों की वर्तमान शैक्षिक स्थिति को समझकर लक्ष्य आधारित योजना के साथ काम करे, तो जनपद की शैक्षिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
उन्होंने सभी शिक्षकों को निपुण प्लस लक्ष्य ऐप के माध्यम से प्रत्येक छात्र का नियमित आकलन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
शिक्षक संकुलों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील
समीक्षा बैठक को वरिष्ठ प्रवक्ता ललित मोहन पाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने शिक्षक संकुलों से विद्यालयों में शैक्षिक गतिविधियों को बेहतर बनाने और शिक्षकों के बीच प्रभावी अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि निपुण भारत मिशन की सफलता के लिए केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे के सीखने के स्तर में वास्तविक सुधार लाना जरूरी है।
शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से बनेगा निपुण आगरा
दो दिवसीय बैठक में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, बच्चों के नियमित आकलन, डिजिटल संसाधनों के उपयोग, उपचारात्मक शिक्षण और अभिभावकों की सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक का उद्देश्य विद्यालयों में ऐसी शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना रहा, जिसमें प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप सीखने का अवसर मिल सके। नियमित आकलन और समयबद्ध उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से बच्चों को निपुण बनाने की दिशा में शिक्षकों को लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रवक्ता अनिल कुमार, यशवीर सिंह, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, संजीव कुमार सत्यार्थी, रचना यादव, लक्ष्मी शर्मा, यशपाल सिंह, अबु मोहम्मद आसिफ, पुष्पेंद्र सिंह, हिमांशु सिंह, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता और रंजना पांडे सहित समस्त प्रवक्ताओं का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता धर्मेंद्र प्रसाद गौतम ने किया।


