आगरा वोटर लिस्ट 2027: आगरा में मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारी तेज, 12 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप सूची
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने राजनीतिक दलों के साथ की बैठक, 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों की होगी समीक्षा; 4 जनवरी 2027 को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 16 अक्टूबर 2026। आगामी विधानसभा निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए आगरा जिले में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) और मतदान स्थलों के पुनर्गठन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें मतदाता सूची को अद्यतन बनाने, पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने, महिला एवं युवा मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने और मतदाताओं की सुविधा के लिए नए मतदान केंद्रों की संभावनाएं तलाशने पर चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित समयसीमा में सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने, गलत प्रविष्टियों में सुधार करने और मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
12 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची

अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बैठक में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारिणी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
इसके बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में संशोधन के लिए दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
- 12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
- 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि।
- 28 दिसंबर 2026 तक: दावों और आपत्तियों का निस्तारण।
- 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों की जांच कर नियमानुसार समय से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या व्यक्तिगत विवरण में सुधार कराने के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित हैं। बैठक में इनके बारे में भी जानकारी दी गई।
- फॉर्म-6: मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए।
- फॉर्म-7: मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत।
- फॉर्म-8: नाम या अन्य विवरण में सुधार कराने के लिए।
पात्र नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने विवरण की जांच करें और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें।
18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं के पंजीकरण पर जोर
बैठक में महिला और युवा मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि बूथ स्तर पर पात्र महिलाओं और युवाओं की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2027 में युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर की चार अर्हता तिथियां निर्धारित हैं। इन तिथियों के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवा मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आगामी विधानसभा निर्वाचन को देखते हुए 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। अन्य निर्धारित अर्हता तिथियों के लिए पात्र होने वाले युवा भी पहले से आवेदन कर सकते हैं। उनके आवेदनों पर नियमानुसार संबंधित अर्हता तिथि के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
17 अक्टूबर को सभी मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे बीएलओ
जिलाधिकारी ने बताया कि 17 अक्टूबर 2026 को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस दौरान वे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम हटवाने और विवरण में सुधार से संबंधित आवेदन प्राप्त करेंगे। साथ ही पात्र नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी देंगे।
जिलाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने और उनकी अद्यतन सूची जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा। इसका उद्देश्य बीएलओ और बीएलए के बीच समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची की जांच और संशोधन की प्रक्रिया को सुचारु बनाना है।
1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों की होगी समीक्षा
मतदाताओं को मतदान के दौरान असुविधा से बचाने के लिए मतदान केंद्रों के पुनर्गठन पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी मतदान केंद्रों का मौके पर निरीक्षण किया जाए और विशेष रूप से उन केंद्रों की समीक्षा हो, जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है।
नई विकसित कॉलोनियों, मल्टीस्टोरी बिल्डिंग और बड़े आवासीय परिसरों में नए मतदान केंद्र बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके लिए उपयुक्त भवनों की पहचान कर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि सामान्यतः एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की व्यवस्था रखी जाए। मतदान केंद्र इस तरह निर्धारित किए जाएं कि नागरिकों को मतदान करने के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े। परिवार के सदस्यों को अनावश्यक रूप से अलग-अलग मतदान केंद्रों पर आवंटित न किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मतदान केंद्र संबंधित विधानसभा क्षेत्र में ही बनाया जाए और जहां संभव हो, भूतल पर स्थित उपयुक्त भवनों को प्राथमिकता दी जाए। सामुदायिक भवनों एवं सामुदायिक केंद्रों में मतदान केंद्र बनाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। अस्थायी भवनों में संचालित मतदान केंद्रों के लिए उपयुक्त स्थायी भवन तलाशने को कहा गया।
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26 अक्टूबर तक अंतिम रूप दी जाएगी मतदान केंद्रों की सूची
बैठक में मतदान केंद्रों के निरीक्षण और नए केंद्रों के लिए भवनों की पहचान से संबंधित कार्यवाही की समयसीमा भी निर्धारित की गई।
- 16 से 18 अक्टूबर 2026: मतदान केंद्रों का निरीक्षण, भवनों की पहचान और प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया।
- 19 अक्टूबर 2026: मतदान केंद्रों की प्रारंभिक सूची प्रकाशित कर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
- 26 अक्टूबर 2026 तक: सांसदों, विधायकों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सुझावों एवं शिकायतों पर विचार के बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- 27 अक्टूबर 2026 तक: आवश्यक दस्तावेजों सहित नए मतदान केंद्रों के प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजने के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान, सहायक निर्वाचन अधिकारी नर सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भाजपा की ओर से महेश शर्मा और लोकेश शास्त्री, समाजवादी पार्टी से समीर अब्बास, संतोष पाल और नरेंद्र सिंह, आम आदमी पार्टी से सिद्धार्थ तथा कांग्रेस से अजहर वारसी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए।
बैठक में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने, पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया।


