आगरा में आलू B2B मीट शुरू: आगरा में दो दिवसीय आलू क्रेता-विक्रेता B2B मीट का शुभारंभ, किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने पर मंथन
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया उद्घाटन, देशभर के व्यापारी और 31 जिलों के किसान हुए शामिल; एक्सपोर्ट कंपनियों ने किसानों के साथ किए MOU
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
दैनिक समाचार, आगरा, 12 सितंबर 2026। आलू उत्पादक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, निजी शीतगृहों में भंडारित आलू की शत-प्रतिशत निकासी सुनिश्चित करने और किसानों को देश-विदेश के बाजारों से जोड़ने की दिशा में आगरा में दो दिवसीय आलू क्रेता-विक्रेता (B2B Meet) सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।
फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्रैंड मर्क्योर में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि निवेश व्यापार तथा कृषि निर्यात दिनेश प्रताप सिंह ने विधायक फतेहाबाद छोटे लाल वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों के साथ देशभर से व्यापारी, एक्सपोर्टर, कोल्ड स्टोरेज से जुड़े प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में आलू की खेती से लेकर भंडारण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, निर्यात और विश्व बाजार तक पहुंच जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों को बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ना और निजी शीतगृहों में भंडारित आलू की समय से निकासी सुनिश्चित करना है।
आलू की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव किसानों की आय पर पड़ता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों को एक मंच पर लाकर संभावित बाजारों, खरीद, प्रसंस्करण और निर्यात की संभावनाओं पर संवाद किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन के माध्यम से किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें विभिन्न खरीदारों और एक्सपोर्ट कंपनियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
31 जिलों के किसान और देशभर के व्यापारी हुए शामिल

आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के 31 जनपदों के किसान शामिल हुए। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से व्यापारी और एक्सपोर्टर भी कार्यक्रम में पहुंचे।
इस दौरान किसानों और बाजार से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद का अवसर मिला। आलू उत्पादन की गुणवत्ता, भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार की मांग को लेकर किसानों तथा व्यापारियों ने अपने अनुभव और आवश्यकताओं को साझा किया।
सम्मेलन का उद्देश्य खेती और बाजार के बीच की दूरी को कम करना तथा किसानों को संभावित खरीदारों और निर्यात बाजारों से जोड़ने की दिशा में अवसर उपलब्ध कराना रहा।
एक्सपोर्ट कंपनियों ने किसानों के साथ किए MOU

कार्यक्रम में विभिन्न एक्सपोर्टर कंपनियों और आलू उत्पादक किसानों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद संबंधित पक्षों के बीच समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हुआ।
किसानों और एक्सपोर्ट कंपनियों के बीच इस तरह के समझौते भविष्य में आलू की खरीद और बाजार से जुड़ाव को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।
सम्मेलन में आलू को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में संभावनाएं तलाशने पर भी जोर दिया गया।
भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के तहत राहत पर चर्चा

सम्मेलन में किसानों को बाजार में आलू की कीमतों में गिरावट से होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान से राहत देने के लिए संचालित भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना पर भी चर्चा हुई।
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य बाजार भाव में गिरावट की स्थिति में आलू उत्पादक किसानों को राहत देना है। उन्होंने कहा कि यदि आलू का बाजार भाव उत्पादन लागत से कम होता है तो लागत और बिक्री दर के अंतर के आधार पर किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंत्री के अनुसार, इस योजना के लिए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का भावांतर भुगतान कोष तैयार किया है।
कोल्ड स्टोरेज के किराए पर ₹100 प्रति क्विंटल अनुदान
आलू किसानों को राहत देने के लिए निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना की भी जानकारी दी गई।
मंत्री ने बताया कि योजना के तहत किसानों को निजी कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के भंडारण प्रभार पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा है।
सरकार की ओर से भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की व्यवस्था की गई है। योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन के बाद राहत राशि किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजने का प्रावधान किया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है।
गुणवत्तापूर्ण आलू बीज की खरीद पर भी सहायता
सम्मेलन में आलू किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता के विषय पर भी चर्चा हुई। उद्यान मंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से गुणवत्तापूर्ण आलू बीज की खरीद पर किसानों को सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
विभागीय या प्रमाणित आधारीय आलू बीज खरीदने वाले किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई।
मंत्री ने किसानों से आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा बेहतर गुणवत्ता वाली उपज की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
जेवर एयरपोर्ट पर आलू निर्यात के लिए बनेगा भवन
उद्यान मंत्री ने कहा कि आलू के निर्यात को आसान बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जेवर एयरपोर्ट पर आलू एक्सपोर्ट की सरल प्रक्रिया और सर्टिफिकेशन से संबंधित भवन जल्द तैयार होगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य आलू के निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाना और किसानों की उपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद करना है।
मंत्री ने कहा कि निर्यात की संभावनाएं बढ़ने से किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार और मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं।
आगरा में अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र की शाखा का प्रस्तावित शुभारंभ
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आगरा में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र, पेरु-लीमा की शाखा का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से होने की बात कही।
उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आलू उत्पादन से जुड़ी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मंत्री के अनुसार, इसके साथ ही क्षेत्र में विभिन्न आलू प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं भी विकसित होंगी, जिससे किसानों को उनकी उपज के बेहतर उपयोग और बाजार से जुड़ाव का अवसर मिल सकता है।
विश्व बाजार में यूपी के आलू की पहुंच बढ़ाने पर जोर
सम्मेलन में आलू को राष्ट्रीय बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आलू किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न राज्यों और दूसरे देशों में निर्यात की संभावनाएं तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ओडिशा सरकार के साथ बैठक के अलावा रूस और मलेशिया जैसे देशों में आलू निर्यात की संभावनाओं को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्यात की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई।
मंडी शुल्क माफ करने पर भी सरकार कर रही विचार
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आलू उत्पादक किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सरकार किसानों के मंडी शुल्क को माफ करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने आलू उत्पादक किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी और उनके साथ खड़ी है।
मंत्री ने कहा कि आलू आम आदमी के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव किसान और उपभोक्ता दोनों पर पड़ता है। इसलिए किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से राहत दिलाने के लिए योजनाओं और बाजार विस्तार पर काम किया जा रहा है।
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किसानों को फूल, फल और सब्जियों की ओर बढ़ने की सलाह
उद्यान मंत्री ने किसानों से पारंपरिक फसलों के साथ फूल, फल, सब्जी और मसाला फसलों की ओर भी बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि औद्यानिक फसलों में किसानों के लिए आय के बेहतर अवसर विकसित हो सकते हैं। किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप फसल विविधीकरण पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने किसानों से विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ उठाने और उपलब्ध तकनीकी मार्गदर्शन का उपयोग करने की अपील की।
भंडारण से लेकर प्रसंस्करण तक हुई चर्चा
B2B मीट के पहले दिन आयोजित विभिन्न सत्रों में प्रदेश में आलू विकास की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। किसानों को उपलब्ध सुविधाओं और बाजार की चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन, एक्सपोर्टर और आलू उत्पादक किसानों ने एक साथ बैठकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया।
इनमें आलू भंडारण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, उत्पादन तकनीक, विश्व बाजार तक पहुंच और मूल्य संवर्धन जैसे प्रमुख विषय शामिल रहे।
इस चर्चा का उद्देश्य उत्पादन के बाद आलू के बेहतर प्रबंधन और किसानों को बाजार से अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ने की संभावनाओं पर काम करना रहा।
लाभार्थियों को वितरित किए गए चेक
कार्यक्रम में भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना और कोल्ड स्टोरेज के किराए/भंडारण शुल्क में राहत से संबंधित लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए गए।
इस दौरान किसानों को सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही राहत योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
अधिकारियों और किसानों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में निदेशक भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक राजीव वर्मा, उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती तृप्ति सिंह, उपनिदेशक नीरज कौशल, धर्मपाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी और अधीक्षक उद्यान रजनीश पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में एक्सपोर्टर, व्यापारी और आलू उत्पादक किसान सम्मेलन में शामिल हुए।
किसानों के लिए बाजार और निर्यात के नए अवसर तलाशने की पहल
आगरा में आयोजित दो दिवसीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन को प्रदेश के आलू उत्पादकों को बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन में एक ओर किसानों को सरकारी राहत योजनाओं की जानकारी दी गई, वहीं दूसरी ओर एक्सपोर्टर और व्यापारियों के साथ सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराया गया।
भंडारण शुल्क में राहत, भाव स्थिरता योजना, गुणवत्तापूर्ण बीज, प्रसंस्करण इकाइयों की संभावनाएं और निर्यात बाजार तक पहुंच जैसे विषयों पर हुई चर्चा का केंद्र किसानों की उपज के लिए बेहतर बाजार तलाशना रहा।
सरकार की ओर से निर्यात और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ यदि किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन, गुणवत्ता और तकनीकी जानकारी उपलब्ध होती है, तो आलू क्षेत्र में मूल्य संवर्धन और बाजार विस्तार की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं। सम्मेलन इसी दिशा में किसानों, व्यापारियों, निर्यातकों और सरकारी विभागों को एक मंच पर लाने का प्रयास है।


