Agra News: “साहब, पैमाइश हो गई…” जंगली ककोड़े लेकर डीएम मनीष बंसल का धन्यवाद करने पहुंचा किसान, 3 साल पुराना मामला सुलझा
जनता दर्शन में सुनवाई से मिली राहत, बाह तहसील के किसान ने अनोखे अंदाज में जताया आभार; तीन वर्षों से लंबित भूमि पैमाइश का हुआ समाधान
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 7 अगस्त 2026। सरकारी दफ्तरों में अक्सर शिकायतों और लंबित मामलों की चर्चा होती है, लेकिन आगरा कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने मौजूद अधिकारियों और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक किसान अपने हाथ में जंगली ककोड़े (कंटोला) लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल से मिलने पहुंचा। यह कोई शिकायत लेकर नहीं आया था, बल्कि अपनी तीन साल पुरानी समस्या का समाधान होने पर धन्यवाद देने आया था।
किसान के चेहरे पर संतोष और हाथ में ककोड़ों की छोटी-सी भेंट प्रशासनिक व्यवस्था पर उसके भरोसे की कहानी बयां कर रही थी। उसने जिलाधिकारी से मिलते ही कहा—“साहब, पैमाइश हो गई…”। यह सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए और जिलाधिकारी के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।
तीन वर्षों से लंबित थी भूमि पैमाइश

बाह तहसील के बसई अरेला निवासी किसान रामप्रकाश पुत्र रोशनलाल पिछले लगभग तीन वर्षों से अपनी भूमि की पैमाइश कराने के लिए राजस्व विभाग के चक्कर लगा रहे थे। किसान का आरोप था कि कई बार आवेदन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा था।
राजस्व निरीक्षक और लेखपाल द्वारा पैमाइश नहीं किए जाने के कारण वह लगातार परेशान था। कई बार शिकायत करने के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा और उसे केवल आश्वासन ही मिलता रहा।
संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची थी किसान की फरियाद

बीते 6 जुलाई 2026 को बाह तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान किसान ने अपनी समस्या सीधे जिलाधिकारी मनीष बंसल के सामने रखी।
किसान ने बताया कि तीन वर्षों से उसकी भूमि की पैमाइश लंबित है और संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय टालमटोल कर रहे हैं। शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर ही संबंधित राजस्व निरीक्षक से जवाब-तलब किया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि पैमाइश में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित समय में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनता दर्शन में धन्यवाद देने पहुंचा किसान

जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद राजस्व विभाग ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए किसान की भूमि की पैमाइश पूरी कराई। समस्या का समाधान होने के बाद किसान शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन में विशेष रूप से जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करने पहुंचा।
किसान अपने साथ गांव से जंगली ककोड़े लेकर आया था। उसने कहा कि उसकी समस्या का समाधान होने से उसे बड़ी राहत मिली है और वह धन्यवाद स्वरूप अपने खेत की यह छोटी-सी भेंट देना चाहता है।
किसान की सादगी और आत्मीयता देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। जिलाधिकारी ने भी मुस्कुराते हुए किसान की भावना का सम्मान किया और उसे शुभकामनाएं दीं।
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जनता दर्शन बना आम लोगों की उम्मीद

आगरा प्रशासन के अनुसार जिलाधिकारी मनीष बंसल नियमित रूप से जनता दर्शन और तहसील समाधान दिवस के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतें सुन रहे हैं।
भूमि पैमाइश, चकरोड पर अतिक्रमण, सार्वजनिक भूमि विवाद, खाद-बीज की उपलब्धता, पेंशन, राजस्व संबंधी मामलों और अन्य जनसमस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।
प्रशासन का कहना है कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राजस्व अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवस और दैनिक जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि भूमि पैमाइश, चकरोड अतिक्रमण तथा सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और जनता के बीच बढ़ा भरोसा
बसई अरेला के किसान रामप्रकाश की यह कहानी केवल एक व्यक्ति की समस्या के समाधान की नहीं, बल्कि प्रशासन और आम नागरिक के बीच बढ़ते विश्वास की भी मिसाल बन गई है।
जिलाधिकारी से सीधे मिलकर अपनी बात रखने और समय पर समाधान मिलने के बाद किसान का जंगली ककोड़े लेकर धन्यवाद देने पहुंचना इस बात का प्रतीक है कि प्रभावी जनसुनवाई व्यवस्था लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती है।
यह घटना यह भी संदेश देती है कि यदि शिकायतों पर समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई हो, तो प्रशासन के प्रति आम नागरिकों का विश्वास और मजबूत होता है।


