आगरा में डीएम मनीष बंसल की बैंकिंग एवं वित्तीय योजनाओं पर सख्त समीक्षा, साइबर फ्रॉड रोकने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान के निर्देश
जिला परामर्शदात्री समिति एवं डीएलआरसी बैठक में मुद्रा लोन, स्वयं सहायता समूह, शिक्षा ऋण, जनधन खाते, पीएम स्वनिधि और विभिन्न रोजगार योजनाओं की समीक्षा; कम ऋण-जमा अनुपात वाले बैंकों को चेतावनी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 29 जून 2026।
जनपद आगरा में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिसंबर 2025 तिमाही की बैंकिंग प्रगति, विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं, वित्तीय समावेशन, जनधन योजना, शिक्षा ऋण, स्वरोजगार योजनाओं तथा साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बैंकिंग सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड जैसी बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है। विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, नकली लिंक, ओटीपी और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से आम नागरिकों को बचाने के लिए निरंतर जागरूकता आवश्यक है।
उन्होंने सभी बैंकों, वित्तीय संस्थानों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव और वार्ड स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएं। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी साझा न करने और संदिग्ध कॉल आने पर तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए।
वित्तीय समावेशन को मिलेगी नई गति

बैठक में वित्तीय समावेशन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद में 20 लाख से अधिक जनधन खाते खोले जा चुके हैं तथा बड़ी संख्या में खातों की आधार सीडिंग भी पूरी की जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने निजी बैंकों को भी जनधन खाते खोलने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं से अभी भी वंचित लोगों को बैंक खाता, बीमा, पेंशन और ऋण जैसी योजनाओं से जोड़ा जाए।
उन्होंने बैंक मित्रों, वित्तीय साक्षरता सलाहकारों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित कर लोगों को सरकारी बैंकिंग योजनाओं की जानकारी दी जाए।
ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

बैठक में आरसेटी (RSETI) और रुडसेट प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सैकड़ों युवाओं के ऋण आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें अधिकांश स्वीकृत हो चुके हैं जबकि कुछ लंबित हैं।
जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
उन्होंने मशरूम उत्पादन, मोमबत्ती निर्माण, अचार पैकेजिंग, सिलाई, घरेलू उद्योग और महिला उद्यमिता से जुड़े लघु उद्योगों को प्राथमिकता देते हुए प्रशिक्षण एवं बैंक ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने पर विशेष जोर
बैठक में जनपद के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जनपद का ऋण-जमा अनुपात लगभग 71 प्रतिशत है। हालांकि कई निजी और कुछ राष्ट्रीयकृत बैंक अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक के निर्धारित मानकों से पीछे हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक प्रबंधकों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि वे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्वयं सहायता समूहों, व्यापारियों, लघु उद्यमियों और अन्य पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराएं ताकि जनपद का सीडी रेशियो और बेहतर हो सके।
उन्होंने कहा कि बैंक केवल जमा स्वीकार करने तक सीमित न रहें बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऋण वितरण में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।
शिक्षा ऋण वितरण की हुई समीक्षा
बैठक में शिक्षा ऋण योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है।
जिलाधिकारी ने उन बैंकों की सराहना की जिन्होंने शिक्षा ऋण वितरण में अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि खराब प्रदर्शन करने वाले निजी बैंकों के प्रतिनिधियों को बैठक में तलब कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना पर विशेष फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि हजारों आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि बैंक समय पर ऋण स्वीकृत नहीं करेंगे तो संबंधित प्रबंधकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामोद्योग और माटीकला से जुड़े कारीगरों को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पारंपरिक मिट्टी शिल्प, कुम्हार कला और अन्य ग्रामीण उद्योगों से जुड़े कारीगरों को आसान ऋण उपलब्ध कराया जाए ताकि उनकी पारंपरिक आजीविका को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ा जा सके।
उन्होंने जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी को भी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
स्वयं सहायता समूह और महिला उद्यमिता को बढ़ावा
बैठक में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को अधिक से अधिक बैंक ऋण उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिला समूहों को उत्पादन, पैकेजिंग, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और सूक्ष्म उद्योगों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
उन्होंने बैंकों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि महिला समूहों के लंबित ऋण प्रस्तावों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), मत्स्य पालन ऋण, पशुपालन ऋण, पीएमएफएमई योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, एनआरएलएम और अन्य सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रस्ताव निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित किए जाएं तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराया जाए।
विशेष रूप से पशुपालन ऋण योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को अधिक ऋण उपलब्ध कराने तथा दुग्ध समितियों के साथ समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
वित्तीय साक्षरता अभियान होगा और मजबूत
बैठक में बताया गया कि विभिन्न वित्तीय साक्षरता शिविरों के माध्यम से हजारों लोगों को बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यह अभियान लगातार जारी रखा जाए ताकि प्रत्येक नागरिक बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, बीमा, पेंशन, बचत और सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन के प्रति जागरूक हो सके।
बैंकिंग व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर
बैठक के अंत में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे शासन की योजनाओं को गंभीरता से लागू करें, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करें और पात्र लाभार्थियों को समय पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक ऋषिकेश बनर्जी, भारतीय रिजर्व बैंक के जिला विकास प्रबंधक संदीप मिश्रा, विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक, प्रशासन और संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से ही वित्तीय समावेशन, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर आगरा के लक्ष्य को प्रभावी रूप से हासिल किया जा सकता है।


