आगरा में सीएम योगी की बड़ी समीक्षा बैठक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा के विकास कार्यों की की व्यापक समीक्षा, गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा; लापरवाही पर इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर के निर्देश
पीडब्ल्यूडी की नई कार्ययोजना, मेट्रो सिटी के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं, एयरपोर्ट विस्तार, सड़क चौड़ीकरण, सेतु निर्माण, जल जीवन मिशन, अवैध खनन और कानून व्यवस्था पर हुई विस्तृत समीक्षा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 28 जून 2026।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा दौरे के दौरान मंडलायुक्त सभागार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की प्रस्तावित एवं प्रगति पर चल रही परियोजनाओं के साथ-साथ जनपद एवं मंडल के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी मिले, वहां संबंधित कार्यदायी संस्था, इंजीनियर और ठेकेदार की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाए और आवश्यक होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, मंत्री जयवीर सिंह, चौधरी लक्ष्मी नारायण, योगेंद्र उपाध्याय, बेबी रानी मौर्य, ब्रजेश सिंह, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सदस्य नवीन जैन, महापौर हेमलता दिवाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, विभिन्न विधायक, एमएलसी तथा आगरा मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
खेरिया एयरपोर्ट पर हुआ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा पहुंचने पर खेरिया एयरपोर्ट पर भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल तथा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे मंडलायुक्त सभागार पहुंचे, जहां विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना पर जनप्रतिनिधियों से मांगी प्राथमिकताएं

बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत नई कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री को बताया गया कि ई-विश्वकर्मा 2.0 पोर्टल के माध्यम से जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त किए गए हैं।
केवल आगरा जनपद में ही 495 विकास कार्य, लगभग 1138 किलोमीटर सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण, सेतु निर्माण, रोड सेफ्टी, हेलीपैड और भवन निर्माण जैसी परियोजनाओं को कार्ययोजना में शामिल किया गया है, जिनकी अनुमानित लागत लगभग ₹2791 करोड़ है।
मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और अन्य जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की प्राथमिकताएं शीघ्र निर्धारित करें। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन या सुझाव देना हो तो तत्काल उपलब्ध कराया जाए ताकि कार्ययोजना को अंतिम स्वीकृति देकर धनराशि जारी की जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि स्वीकृत परियोजनाओं पर बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो और प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, दोषी इंजीनियर और ठेकेदार जाएंगे जेल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में सबसे अधिक जोर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर दिया।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण, पुल निर्माण, सीवर लाइन, जल जीवन मिशन, अमृत योजना अथवा अन्य किसी भी परियोजना में गुणवत्ता की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कहीं सड़क निर्माण या रोड कटिंग के बाद पुनः सड़क निर्माण (रीस्टोरेशन) मानकों के अनुरूप नहीं किया जाता है तो संबंधित इंजीनियर, कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाले विकास कार्य टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही सामने आने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आगरा अब मेट्रो सिटी, सुविधाएं भी उसी स्तर की हों

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा अब केवल एक पर्यटन नगरी नहीं बल्कि मेट्रो सिटी के रूप में विकसित हो रहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में पेयजल, सीवर, सड़क, ड्रेनेज, ट्रैफिक प्रबंधन, हरित क्षेत्र, सौंदर्यीकरण और अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं का विकास मेट्रो शहरों के मानकों के अनुरूप किया जाए।
उन्होंने कहा कि आगरा देश और दुनिया के लाखों पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण है, इसलिए यहां की आधारभूत संरचना विश्वस्तरीय होनी चाहिए।
एयरपोर्ट विस्तार और प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में आगरा एयरपोर्ट विस्तार, सड़क चौड़ीकरण, सेतु निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एयरपोर्ट विस्तार का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है।
रनवे विस्तार के लिए कुछ पेड़ों को हटाने संबंधी अनुमति सुप्रीम कोर्ट से लंबित होने की जानकारी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में सुप्रीम कोर्ट अथवा एनजीटी के स्तर पर कानूनी बाधाएं हैं, उनके समाधान के लिए अनुभवी और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का विशेष पैनल बनाया जाए ताकि प्रभावी पैरवी कर विकास कार्यों में आने वाली रुकावटों को शीघ्र दूर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि विकास कार्य किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक रूप से बाधित नहीं होने चाहिए।
पेड़ों की सुरक्षा और विकास कार्यों में संतुलन पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जहां सड़क चौड़ीकरण के दौरान पुराने और बड़े पेड़ आ रहे हों, वहां वैकल्पिक डिजाइन तैयार की जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर सड़क की चौड़ाई में तकनीकी परिवर्तन कर पेड़ों का संरक्षण किया जाए, जिससे विकास और पर्यावरण दोनों के बीच संतुलन बना रहे।
अवैध खनन और छुट्टा पशुओं पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
बैठक में राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले अवैध खनन से जुड़े वाहनों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए और अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने छुट्टा पशुओं की समस्या पर भी गंभीरता व्यक्त करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों के प्रशासन से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि किसानों की फसलों को नुकसान न पहुंचे।
ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले भारी वाहनों से होगी वसूली
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में भारी ट्रकों और डंपरों के आवागमन पर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण संपर्क मार्ग भारी वाहनों के लिए नहीं बनाए जाते और लगातार भारी वाहनों के संचालन से सड़कें समय से पहले खराब हो जाती हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे वाहनों पर रोक लगाई जाए तथा जिन वाहनों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनसे मरम्मत की लागत की क्षतिपूर्ति भी वसूली जाए।
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मेट्रो, बाईपास और सड़क परियोजनाओं को मिली प्राथमिकता
बैठक के दौरान आगरा मेट्रो के दूसरे चरण, एयरपोर्ट विस्तार, दयालबाग से खंदौली को जोड़ने वाले यमुना पुल, एत्मादपुर बाईपास, विभिन्न धार्मिक स्थलों के संपर्क मार्ग, सड़क चौड़ीकरण और नए पुल निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल कर समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को लेकर विशेष निर्देश
बैठक में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की खराब स्थिति का मुद्दा भी उठाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु नंगे पैर परिक्रमा करते हैं, इसलिए सड़क निर्माण में ऐसी तकनीक अपनाई जाए जिससे श्रद्धालुओं को चलने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था और विकास दोनों पर समान जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में कहा कि विकास और कानून व्यवस्था दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निवेश, पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए मजबूत कानून व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। इसलिए विकास परियोजनाओं के साथ-साथ कानून व्यवस्था को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरुणमोली, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य सहित लोक निर्माण विभाग, नगर विकास, सिंचाई, जल निगम, पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विकास कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगा सरकार का विशेष फोकस
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्यों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि आगरा प्रदेश की पहचान है और यहां के विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा होगी और गुणवत्ता से समझौता करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


