आगरा में शिक्षा व्यवस्था पर डीएम मनीष बंसल सख्त, कम नामांकन वाले बीईओ से जवाब तलब, ड्रॉपआउट बच्चों के दोबारा प्रवेश और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की समीक्षा बैठक में निपुण भारत मिशन, आरटीई, पाठ्यपुस्तक वितरण और मॉडल विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा, रिक्त पद जल्द भरने के निर्देश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 25 जून 2026।
जनपद आगरा में परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निपुण भारत मिशन, विद्यालयों में नामांकन, ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी, पाठ्यपुस्तकों का वितरण, आरटीई के तहत प्रवेश, मुख्यमंत्री अभ्युदय एवं मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के विकास कार्य तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबी) निर्माण सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निपुण भारत मिशन को लेकर डीएम ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निपुण भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी पढ़ाई और सीखने की क्षमता को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने निर्देश दिए कि एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) विद्यालयों का अधिक से अधिक भ्रमण करें और शिक्षण व्यवस्था की नियमित निगरानी करें। साथ ही जिला एवं ब्लॉक स्तर पर रिक्त पड़े एआरपी सहित अन्य पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि मिशन की गति प्रभावित न हो।
कम नामांकन पर तीन बीईओ से जवाब तलब

बैठक में जब विद्यालयों में नए नामांकन की समीक्षा की गई तो नगर क्षेत्र, बरौली अहीर एवं फतेहाबाद ब्लॉक में अपेक्षाकृत कम नामांकन पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) से स्पष्टीकरण मांगते हुए निर्देश दिए कि अगले दो दिनों के भीतर नामांकन अभियान में सुधार सुनिश्चित करें तथा अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय से जोड़ना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में बताया गया कि जनपद में 338 ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान की गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इनमें से अधिकतम बच्चों को शीघ्र विद्यालयों में दोबारा प्रवेश दिलाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
सभी स्कूलों में समय पर पहुंचें पाठ्यपुस्तकें
बैठक में विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी बीईओ को निर्देश दिए कि वे स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण कर शत-प्रतिशत पाठ्यपुस्तक वितरण सुनिश्चित करें ताकि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के प्रारंभ हो सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी विद्यालय में पुस्तक वितरण लंबित नहीं रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री अभ्युदय एवं मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय एवं मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा सुविधाओं से सुसज्जित करना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केजीबी निर्माण कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
आरटीई के तहत शेष बच्चों का जल्द हो प्रवेश
बैठक में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE-2009) के तहत प्रवेश प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 8,112 बच्चों को विभिन्न निजी विद्यालयों में सीटें आवंटित की गई हैं।
इनमें से अब तक 6,753 बच्चों का प्रवेश पूरा हो चुका है जबकि शेष बच्चों का प्रवेश अभी लंबित है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी शेष पात्र बच्चों का शीघ्र प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रह जाए।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल भवन निर्माण या योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित उपस्थिति, पर्याप्त संसाधन और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नियमित निरीक्षण, प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से शिक्षा विभाग की योजनाओं को सफल बनाएं।
अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य, डीसी मनरेगा रामायण सिंह यादव, पीडीडीआरडीए श्रीमती रेनू, सभी खंड शिक्षा अधिकारी तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर नामांकन, समय पर पाठ्यपुस्तक वितरण और प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।


