आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम मनीष बंसल, कई अधिकारियों से मांगा जवाब, वेतन रोकने के दिए निर्देश
जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर, असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर विभागों की कार्यप्रणाली की हुई गहन समीक्षा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। 15 जून 2026।
जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों और नागरिकों द्वारा दिए गए फीडबैक की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और अपलोड की गई आख्या का गहन परीक्षण किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जन समस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वास्तविक धरातल पर शिकायतकर्ता को राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिकायतों का निस्तारण सही तरीके से नहीं किया गया और इससे जनपद की आईजीआरएस रैंकिंग प्रभावित हुई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
असंतोषजनक फीडबैक वाले मामलों की हुई विशेष समीक्षा
बैठक में उन शिकायतों की विशेष समीक्षा की गई, जिनमें शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण के बाद असंतोष व्यक्त किया था। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई विभागों द्वारा अपलोड की गई आख्या स्पष्ट नहीं थी और शिकायत के वास्तविक समाधान का उल्लेख भी नहीं किया गया था।
जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग, नगर निगम, संभागीय परिवहन विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग सहित कई विभागों की आख्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में प्रत्येक शिकायत का निस्तारण तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।
आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन की रैंकिंग पर फोकस
जिलाधिकारी ने बैठक में आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने पिछले दो महीनों की विभागवार रैंकिंग, संतुष्टि प्रतिशत, शिकायतकर्ताओं से की गई टेलीफोनिक वार्ता तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त ‘सी’ श्रेणी के संदर्भों का पूरा विवरण तलब किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता से सीधे संवाद स्थापित कर उसकी समस्या को समझें और समाधान के बाद उसकी संतुष्टि भी सुनिश्चित करें।
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विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान विद्युत विभाग की समीक्षा में सामने आया कि विभाग से संबंधित 17 शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं ने असंतोष व्यक्त किया है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिशासी अभियंता को 48 घंटे के भीतर सभी मामलों की जांच कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत पर फील्ड विजिट कर वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए और उसके बाद ही आख्या प्रस्तुत की जाए। साथ ही जर्जर विद्युत लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने तथा विद्युत शिकायतों पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के निर्देश भी दिए।
सिंचाई विभाग पर कार्रवाई के निर्देश
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज नाला निर्माण संबंधी शिकायत के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता (एई) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और अधिकारियों को वास्तविक स्थिति के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
स्वास्थ्य विभाग को भी मिला नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एक शिकायत के निस्तारण में त्रुटिपूर्ण आख्या मिलने पर संबंधित डिप्टी सीएमओ को कारण बताओ नोटिस (शो कॉज नोटिस) जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अनुपस्थित अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश
बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकों में उपस्थित रहना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वृक्षारोपण अभियान की भी हुई समीक्षा
आईजीआरएस समीक्षा बैठक के साथ-साथ वृक्षारोपण अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बरौली अहीर के खंड विकास अधिकारी द्वारा वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत तार फेंसिंग कार्य में शिथिलता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उनके वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने मियावाकी पद्धति से किए गए वृक्षारोपण स्थलों पर एक सप्ताह के भीतर तार फेंसिंग सुनिश्चित करने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
शिकायतों के वास्तविक समाधान पर दिया जोर
बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि आईजीआरएस केवल एक पोर्टल नहीं बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का माध्यम है। यदि किसी नागरिक ने अपनी समस्या दर्ज की है तो उसका समाधान पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न निभाई जाए बल्कि वास्तविक और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनपद की रैंकिंग सुधारने के लिए दिए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद की आईजीआरएस रैंकिंग में सुधार लाना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, गलत आख्या अथवा भ्रामक रिपोर्ट किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही से जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बड़ी संख्या में अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) अमरेंद्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्रपाल सिंह, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, डीसी मनरेगा रामायण सिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि आमजन को समयबद्ध न्याय मिल सके और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो।


