आगरा में अनुदेशक सम्मान समारोह: मानदेय बढ़कर ₹17 हजार होने पर खुशी की लहर, 226 अनुदेशकों को मिला सम्मान
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 17 मई 2026।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि किए जाने के उपलक्ष्य में आगरा के जेपी सभागार में भव्य “अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया।
प्रदेश सरकार द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के बाद अनुदेशकों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में जनपद के 226 अनुदेशकों को प्रतीकात्मक चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश तथा मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।
मानदेय वृद्धि से अनुदेशकों में नई ऊर्जा

कार्यक्रम में जैसे ही अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए, सभागार तालियों से गूंज उठा।
अनुदेशकों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
अनुदेशकों का कहना था कि वर्षों से मानदेय वृद्धि की मांग की जा रही थी और अब सरकार के इस फैसले से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लाइव संबोधन देखा गया
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ से आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम” का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया।
जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का संबोधन बड़े ध्यान से सुना। मुख्यमंत्री के संदेश ने अनुदेशकों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
“शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है” — यह संदेश कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
“अनुदेशक ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से निरंतर जोड़े रखने में अंशकालिक अनुदेशकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों ने सराहनीय योगदान दिया है।
“अनुदेशक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि बच्चों को विद्यालय से जोड़कर उनके भविष्य को दिशा देने का काम करते हैं।”
उन्होंने कहा कि मानदेय में वृद्धि सरकार द्वारा अनुदेशकों के समर्पण और परिश्रम का सम्मान है।
“शिक्षक राष्ट्र निर्माण का आधार हैं” — धर्मवीर प्रजापति

होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल नौकरी करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार होता है।
उन्होंने अपने छात्र जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार गांव से कई किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय जाना पड़ता था, लेकिन उस समय के शिक्षक निस्वार्थ भाव से बच्चों को शिक्षा देते थे।
“सरकारी विद्यालयों को आत्ममंथन की जरूरत है, ताकि अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को वहां पढ़ाने के लिए प्रेरित हों।”
उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक विद्यार्थियों को परिवार की तरह समझकर पढ़ाएंगे, तो वही बच्चे आगे चलकर देश का नाम रोशन करेंगे।
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नैतिक मूल्यों और शिक्षा पर दिया जोर
धर्मवीर प्रजापति ने अपने संबोधन में नैतिक मूल्यों और कर्म के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने कर्मों से पहचाना जाता है और अच्छे कार्य ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।
भगवान श्रीराम और रावण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति का सम्मान उसके आचरण और संस्कारों से तय होता है।
“अनुदेशक सेवा भाव और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।”
विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने सरकार की नीतियों को सराहा
विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के हित में कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में अनुदेशकों को केवल ₹7,000 मानदेय मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है।
“यह निर्णय हजारों अनुदेशकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।”
अब मिलेगी ₹5 लाख तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि अब शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को ₹5 लाख तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही महिला अंशकालिक अनुदेशकों को मानदेय सहित 6 माह का मातृत्व अवकाश भी मिलेगा।
इस घोषणा से महिला अनुदेशकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अनुदेशकों ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन रीनेश मित्तल द्वारा किया गया।
बड़ी संख्या में रहे अधिकारी और अनुदेशक उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गौड, डीसी मनरेगा रामायण सिंह यादव, डीसी एनआरएलएम राजन राय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक और अनुदेशक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
जेपी सभागार में आयोजित यह सम्मान समारोह केवल चेक वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह अनुदेशकों के वर्षों के संघर्ष, समर्पण और शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान का सम्मान था।
प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि, चिकित्सा सुविधा और मातृत्व अवकाश जैसी घोषणाओं ने अनुदेशकों में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार किया है।


