आगरा में माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा, डीएम मनीष बंसल ने निर्माण कार्यों में देरी पर जताई कड़ी नाराजगी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 24 अप्रैल 2026।
आगरा जनपद में माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक केवल आंकड़ों की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयों की आधारभूत संरचना, निर्माण कार्यों की प्रगति, छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट संकेत दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में अब केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी।
जनपद में माध्यमिक शिक्षा का व्यापक नेटवर्क

बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन में बताया गया कि आगरा जनपद में माध्यमिक शिक्षा का दायरा काफी व्यापक है।
- 40 राजकीय माध्यमिक विद्यालय
- 109 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय
- 02 संस्कृत माध्यमिक विद्यालय
- 796 वित्तविहीन विद्यालय
इसके अतिरिक्त 165 सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड के विद्यालयों सहित कुल 1112 माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में शिक्षा का ढांचा मजबूत है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और सुविधाओं को और बेहतर करने की आवश्यकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा—नए इंटर कॉलेज स्वीकृत

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 में राजकीय हाईस्कूल नौनी (खेरागढ़) और राजकीय हाईस्कूल गंगरोआ को उच्चीकृत कर इंटर कॉलेज का दर्जा दिया गया है।
यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे ड्रॉपआउट दर में कमी आने और शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
प्रोजेक्ट अलंकार से बदली विद्यालयों की तस्वीर
विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए “प्रोजेक्ट अलंकार” के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण
- मरम्मत और अनुरक्षण कार्य
- प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों का विकास
- अतिरिक्त कक्षों का निर्माण
- पेयजल और शौचालय सुविधाओं का विस्तार
इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक शिक्षण वातावरण प्रदान करना है।
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निर्माण कार्यों में देरी पर सख्त रुख

जिलाधिकारी ने बाउंड्री वॉल, पेयजल, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, अतिरिक्त कक्ष और शौचालय निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की।
25 राजकीय विद्यालयों में बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए दूसरी किस्त जारी होने के बावजूद कार्य अधूरा रहने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
“धनराशि मिलने के बाद भी कार्य अधूरा रहना गंभीर लापरवाही है”
उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि वे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। साथ ही अगली बैठक में कार्यदायी संस्थाओं को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए।
पीएम श्री इंटर कॉलेज शाहगंज में मिनी स्टेडियम—काम शुरू न होने पर नाराजगी
बैठक में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, शाहगंज में प्रस्तावित मिनी स्टेडियम निर्माण की समीक्षा की गई।
- कुल स्वीकृत बजट: ₹492 लाख
- पहली किस्त: ₹216 लाख जारी
इसके बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर तत्काल कार्य शुरू किया जाए।
“योजनाएं कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए”
शिक्षा संकुल भवन निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लिए नए शिक्षा संकुल भवन के निर्माण को लेकर भी चर्चा की गई।
- कुल स्वीकृत बजट: ₹1609.19 लाख
- पहली किस्त: ₹300 लाख जारी
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि तकनीकी स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया में देरी न हो और जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयसीमा पर जोर
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट कहा कि सभी निर्माण कार्य समयसीमा के भीतर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरे होने चाहिए।
“शिक्षा के साथ-साथ विद्यालयों का बुनियादी ढांचा भी उतना ही मजबूत होना चाहिए”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा और विकास—दोनों पर समान ध्यान
जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर भवन, सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे समन्वय के साथ कार्य करें और जनपद में शिक्षा व्यवस्था को एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने का प्रयास करें।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर, राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्यों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निभाने के निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष
आगरा में आयोजित यह समीक्षा बैठक माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की सक्रियता और सख्त निर्देशों से यह स्पष्ट हो गया है कि अब शिक्षा के क्षेत्र में केवल योजनाएं नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह पहल निश्चित रूप से छात्रों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे आगरा शिक्षा के क्षेत्र में एक नया उदाहरण स्थापित कर सकता है।
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