खानपुर विद्यालय में शिक्षा की नई क्रांति: ICT और LBD लैब से बदलेगी गांव के बच्चों की पढ़ाई, आधुनिक तकनीक से जुड़ेगा भविष्य
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
खेरागढ़/आगरा। 11 मई 2026।
आगरा जनपद के खेरागढ़ ब्लॉक में स्थित पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय खानपुर ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और प्रेरणादायक शुरुआत करते हुए आधुनिक तकनीकी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विद्यालय में आईसीटी (ICT) एवं लर्निंग बाय डूइंग (LBD) लैब का भव्य उद्घाटन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल पैदा कर दिया।
यह पहल न केवल ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि यदि सरकारी विद्यालयों में संसाधन, समर्पण और नवाचार का समन्वय हो तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।
विद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी बदलाव, डिजिटल लर्निंग और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया।
ग्रामीण शिक्षा में तकनीकी बदलाव की नई शुरुआत

खंड शिक्षा अधिकारी महेश चंद्र के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में डायट मेंटर डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय एवं ग्राम प्रधान गोविंद सिंह द्वारा लैब के दो नवीन कक्षों का उद्घाटन किया गया।
विद्यालय में स्थापित ICT लैब बच्चों को स्मार्ट शिक्षा, डिजिटल कंटेंट और आधुनिक तकनीकी संसाधनों से जोड़ने का कार्य करेगी। वहीं LBD (Learning By Doing) लैब बच्चों को गतिविधि आधारित और प्रयोगात्मक शिक्षा का अनुभव प्रदान करेगी।
“अब गांव के बच्चों को भी वही तकनीकी शिक्षा मिलेगी, जो बड़े शहरों के आधुनिक स्कूलों में उपलब्ध होती है”
यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP) के उस उद्देश्य को भी मजबूत करती है, जिसमें बच्चों को रटने के बजाय समझने और प्रयोग के माध्यम से सीखने पर जोर दिया गया है।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायट मेंटर डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को राष्ट्रीय आय आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS) तथा श्रेष्ठा परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास की है।
“यदि बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएं और शिक्षकों के निर्देशन में तैयारी करें, तो वे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं”
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।
ICT लैब से स्मार्ट बनेगी पढ़ाई

विद्यालय में स्थापित ICT लैब के माध्यम से अब बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।
इस लैब के जरिए छात्र:
- स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ सकेंगे
- प्रोजेक्टर और डिजिटल स्क्रीन का उपयोग सीखेंगे
- ऑनलाइन शैक्षिक सामग्री देख सकेंगे
- विज्ञान और गणित को दृश्य माध्यम से बेहतर समझ सकेंगे
- कंप्यूटर आधारित शिक्षा प्राप्त करेंगे
इससे बच्चों की सीखने की क्षमता, आत्मविश्वास और तकनीकी समझ में वृद्धि होगी।
Learning By Doing: सीखने का नया तरीका

विद्यालय में शुरू की गई LBD लैब बच्चों को “करके सीखने” की अवधारणा से जोड़ने का कार्य करेगी।
इस लैब में छात्र:
- विज्ञान प्रयोग करेंगे
- मॉडल और प्रोजेक्ट तैयार करेंगे
- गणितीय गतिविधियों में भाग लेंगे
- समूह कार्य और नवाचार आधारित गतिविधियों से सीखेंगे
“जब बच्चा स्वयं प्रयोग करता है, तभी वास्तविक सीख विकसित होती है”
शिक्षकों ने बताया कि इससे बच्चों की रचनात्मकता और तार्किक क्षमता का विकास होगा।
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विद्यालय में सुविधाओं का और होगा विस्तार
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं।
प्रमुख घोषणाएं:
- एसबीआई बैंक मैनेजर हरीश द्वारा विद्यालय को 2 एयर कंडीशनर उपलब्ध कराने की घोषणा
- ग्राम प्रधान गोविंद सिंह द्वारा विद्यालय में 5 किलोवाट सोलर पैनल लगवाने का आश्वासन
सोलर पैनल लगने से विद्यालय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ेगा।
माताओं की सहभागिता ने बढ़ाया कार्यक्रम का आकर्षण
कार्यक्रम में केवल बच्चों को ही नहीं, बल्कि अभिभावकों विशेषकर माताओं को भी सक्रिय रूप से जोड़ा गया।
श्रीमती रेनू द्वारा बच्चों की माताओं के लिए विशेष प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विजेता माताओं को सम्मानित किया गया।
इस पहल का उद्देश्य यह संदेश देना था कि बच्चों की शिक्षा में परिवार और विशेषकर माताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
विद्यालय में प्रत्येक कक्षा के टॉप-5 विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया।
“सम्मान और प्रोत्साहन बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है”
गांव में खुशी और गर्व का माहौल
विद्यालय में आधुनिक लैब की शुरुआत के बाद पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने कहा कि अब उनके बच्चों को गांव में ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उन्हें शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
शिक्षा और समाज के सहयोग का अनूठा उदाहरण
यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग, ग्राम पंचायत, बैंक और समाज के सामूहिक सहयोग का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया।
“जब समाज और विद्यालय साथ आते हैं, तभी शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है”
कार्यक्रम में रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम का संचालन राकेश कुमार सिंह सिकरवार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर एआरपी सौरभ शर्मा, धर्मेंद्र सिंह, अजय कुमार, संतोष कुमार, प्रधानाध्यापिका श्रीमती पुष्पा कुमारी सहित विद्यालय स्टाफ—श्रीमती रेनू, राकेश कुमार, श्रीमती मीनाक्षी, सोनू बघेल, धीरेन्द्र, रामकुमार शर्मा, श्रीमती गीतांजलि तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय खानपुर में ICT और LBD लैब का उद्घाटन केवल एक शैक्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा में तकनीकी क्रांति की शुरुआत माना जा रहा है।
यह पहल आने वाले समय में गांव के बच्चों को आधुनिक शिक्षा, डिजिटल ज्ञान और प्रतियोगी दुनिया के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
“तकनीक, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का यह संगम गांव के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देगा” — इसी संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


