ड्रॉपआउट रोकने के लिए बनाई जाए रणनीति
बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि कई बार बच्चे प्रारंभिक कक्षाओं के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं।
इसे रोकने के लिए सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- ड्रॉपआउट बच्चों की सूची तैयार की जाए
- घर-घर जाकर संपर्क किया जाए
- अभिभावकों को समझाया जाए कि शिक्षा क्यों जरूरी है
विशेष रूप से कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर फोकस करने के निर्देश दिए गए।
रैली, प्रभात फेरी और जनजागरूकता अभियान होंगे तेज
सीडीओ ने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाए।
इसके लिए ब्लॉक स्तर पर—
- रैली और प्रभात फेरी
- गांव-गांव जागरूकता अभियान
- जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
- पंचायत स्तर पर बैठकों का आयोजन
जैसी गतिविधियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अभिभावकों को जोड़ना होगा सबसे जरूरी
बैठक में यह भी कहा गया कि जब तक अभिभावकों की सोच नहीं बदलेगी, तब तक बच्चों की शिक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो सकती।
इसलिए शिक्षकों और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अभिभावकों से सीधे संवाद करें और उन्हें शिक्षा के लाभ समझाएं।
शिक्षा के साथ गुणवत्ता पर भी जोर
सीडीओ प्रतिभा सिंह ने केवल नामांकन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल में केवल लाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना भी उतना ही जरूरी है।
सभी विभागों की भागीदारी से बनेगा अभियान सफल
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि ‘स्कूल चलो अभियान’ केवल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें पंचायत, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी है।
जब सभी मिलकर प्रयास करेंगे, तभी इस अभियान को सफल बनाया जा सकेगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष रणनीति
बैठक में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाने पर भी चर्चा की गई।
- ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर संपर्क और पंचायतों की भूमिका बढ़ाई जाएगी
- शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान और स्कूल स्तर पर विशेष गतिविधियां चलाई जाएंगी
शिक्षा से ही बनेगा सशक्त समाज
बैठक के दौरान यह संदेश दिया गया कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है।
यदि हर बच्चा शिक्षित होगा, तो समाज में जागरूकता, आत्मनिर्भरता और प्रगति का मार्ग स्वतः प्रशस्त होगा।
निष्कर्ष: अभियान को मिलेगा नया गति और परिणाम
विकास भवन में आयोजित यह बैठक ‘स्कूल चलो अभियान’ को नई दिशा और गति देने वाली साबित हुई।
सीडीओ प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में लिए गए निर्णय यह सुनिश्चित करेंगे कि जनपद आगरा में अधिक से अधिक बच्चे स्कूलों से जुड़ें और शिक्षा के अधिकार का लाभ उठा सकें।
यह पहल न केवल बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी, बल्कि एक सशक्त और शिक्षित समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।