“सुरक्षित नारी, सक्षम नारी, स्वावलंबी नारी” – बदलते उत्तर प्रदेश की नई पहचान: बेबीरानी मौर्य ने 9 वर्षों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड किया पेश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) |
आगरा | 22 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब केवल एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि समाज में दिखाई देने वाला वास्तविक परिवर्तन बन चुका है। आगरा के बालूगंज स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित एक विस्तृत प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की कैबिनेट मंत्री (महिला एवं बाल विकास) श्रीमती बेबीरानी मौर्य ने योगी सरकार के ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पूरे होने पर महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में हुए व्यापक बदलावों और उपलब्धियों का विस्तार से ब्यौरा प्रस्तुत किया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“जब नीयत साफ होती है, तो नीतियां समाज बदल देती हैं। आज उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण जमीनी हकीकत बन चुका है, जहां महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और अवसर—तीनों मिल रहे हैं।”
महिला सशक्तिकरण का समग्र और मजबूत मॉडल
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिला एवं बाल विकास की अवधारणा अब केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक समेकित मॉडल बन चुका है, जिसमें सुरक्षा, पोषण, शिक्षा, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक न्याय सभी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, सुरक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता तक एक मजबूत तंत्र विकसित किया है।
बेटियों के लिए सुरक्षा से अवसर तक की पूरी व्यवस्था

मंत्री ने बताया कि
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक 26.81 लाख बेटियां लाभान्वित हुई हैं
- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड एवं सामान्य) से 1.05 लाख बच्चों को संरक्षण और सहायता
- मिशन वात्सल्य के तहत 1 लाख से अधिक बच्चों को परिवारों से जोड़ा गया
उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार ने बाल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए बच्चों को असुरक्षा और अभाव से बाहर निकालने का काम किया है।
मातृ स्वास्थ्य में ऐतिहासिक सुधार

प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने विशेष फोकस किया है:
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित
- जननी सुरक्षा योजना के तहत आर्थिक सहायता
- संस्थागत प्रसव दर 84% से अधिक
- एनीमिया में 5.1% की कमी
मंत्री ने कहा कि यह परिवर्तन दिखाता है कि अब उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछड़ा नहीं, बल्कि आगे बढ़ता राज्य बन रहा है।
कुपोषण के खिलाफ डेटा आधारित अभियान
मंत्री ने बताया कि पोषण के क्षेत्र में सरकार ने ठोस परिणाम दिए हैं:
- 2.12 करोड़ लाभार्थियों को पुष्टाहार
- 35.46 लाख बच्चों को हॉट कुक्ड मील
- स्टंटिंग में 6.6% सुधार, अंडरवेट में 7.5% सुधार
इसके अलावा
- 1.7 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग
- 2.5 लाख SAM बच्चों का पंजीकरण
यह दर्शाता है कि कुपोषण के खिलाफ तकनीक और निगरानी आधारित मजबूत प्रणाली बनाई गई है।
आंगनबाड़ी व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव
प्रदेश में
- 1.90 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित
- 23,697 केंद्र सक्षम आंगनबाड़ी में परिवर्तित
- बायोमैट्रिक वितरण प्रणाली लागू
- हजारों केंद्रों को जनप्रतिनिधियों द्वारा गोद लिया गया
साथ ही कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का निर्णय भी लिया गया है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और मनोबल बढ़ेगा।
महिला सुरक्षा में मजबूत तंत्र
मंत्री ने कहा कि सरकार ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था विकसित की है:
- 181 हेल्पलाइन से 8.42 लाख महिलाएं लाभान्वित
- वन स्टॉप सेंटर से 2.39 लाख महिलाओं को सहायता
- रानी लक्ष्मीबाई कोष से ₹511 करोड़ की सहायता
इसके अलावा
- यूपी-112 का रिस्पांस टाइम घटकर 6 मिनट 41 सेकंड
- महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी
- ITSSO पोर्टल पर 98.90% निस्तारण दर, देश में प्रथम स्थान
आर्थिक सशक्तिकरण: महिलाएं बनीं भागीदार
मंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक व्यवस्था की भागीदार बनाया है:
- 39,885 बीसी सखियों द्वारा ₹42,711 करोड़ का लेनदेन
- 15,409 विद्युत सखियों द्वारा ₹3,207 करोड़ का कलेक्शन
- पीएम स्वनिधि योजना से 2 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित
नाइट शिफ्ट और रोजगार के नए अवसर
महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्र में नाइट शिफ्ट की अनुमति एक ऐतिहासिक कदम बताया गया।
- महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36%
- महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मंत्री ने कहा कि अब महिलाएं नौकरी नहीं ढूंढ रहीं, बल्कि स्वयं अवसर बना रही हैं।
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महिला उद्यमिता को नई उड़ान
सरकार द्वारा
- महिला उत्पादों के लिए विशेष शोरूम
- न्याय पंचायत स्तर पर कॉम्प्लेक्स
- महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना
जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
मंत्री ने कहा कि
- 5.20 लाख बेटियों के विवाह सामूहिक विवाह योजना से
- 6.47 लाख लाभार्थियों को शादी अनुदान
- 2.85 करोड़ महिलाओं को जागरूकता अभियान से जोड़ा गया
कानून व्यवस्था में सुधार के ठोस आंकड़े
- बलात्कार में 33.92% कमी
- अपहरण में 17.03% कमी
- दहेज हत्या में 12.96% कमी
- घरेलू हिंसा में 9.54% कमी
इसके साथ ही महिला पुलिस बल में भी बड़ी संख्या में भर्ती की गई है।
“नीति, नीयत और निष्पादन का परिणाम है बदलाव”
मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह केवल योजनाओं का परिणाम नहीं, बल्कि सरकार की स्पष्ट नीयत, मजबूत नीति और प्रभावी क्रियान्वयन का नतीजा है।
समृद्ध उत्तर प्रदेश की नई आधारशिला
उन्होंने अंत में कहा—
“सुरक्षित नारी, सक्षम नारी, स्वावलंबी नारी—यही समृद्ध उत्तर प्रदेश की आधारशिला है।”
यह प्रेस वार्ता इस बात का स्पष्ट प्रमाण रही कि उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि समाज में दिखने वाला वास्तविक परिवर्तन बन चुका है, जो आने वाले समय में और भी मजबूत होगा।
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