खेरागढ़ द्वितीय विद्यालय में पुस्तकालय का भव्य उद्घाटन – शिक्षा और ज्ञान की नई दिशा
ब्यूरो चीफ़ – एस. शेरवानी
खेरागढ़/आगरा |
शिक्षा का असली उद्देश्य सिर्फ़ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों में ज्ञान, सोच और दृष्टिकोण का विस्तार करना भी है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खेरागढ़ ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खेरागढ़ द्वितीय में एक नए पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया।
फीता काटकर हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष सुधीर गर्ग गुड्डू ने फीता काटकर पुस्तकालय का उद्घाटन किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा –
“विद्यालय में पुस्तकालय का होना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल उनके ज्ञान का विस्तार करता है, बल्कि उनमें पढ़ने की आदत भी विकसित करता है। पुस्तकालय हर विद्यार्थी के जीवन में एक उजाले का दीपक है।”
शासन की मंशा और शिक्षा विभाग की पहल
यह पहल शासन की मंशा और शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत की गई है, जिसमें विद्यालयों को बेहतर शैक्षिक संसाधनों से सुसज्जित करना शामिल है।
स्वतंत्रता दिवस के दिन इस कार्यक्रम का आयोजन होना इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा और स्वतंत्रता दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
विशेष अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में
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ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) आगरा से प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय
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एसआरजी मीना कुमारी
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विद्यालय की इंचार्ज काजल नागपाल
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एआरपी संतोष कुमार
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विजयपाल नरवार
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सूरज शर्मा
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सभासद हृदेश अग्रवाल
सहित कई स्थानीय संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
अतिथियों का स्वागत और सम्मान
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि चेयरमैन सुधीर गर्ग गुड्डू और डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।
साथ ही उन्हें मां सरस्वती की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह परंपरा न केवल भारतीय संस्कृति की पहचान है, बल्कि यह शिक्षा और ज्ञान के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है।
पुस्तकालय – ज्ञान का भंडार
नया पुस्तकालय विद्यार्थियों के लिए अवसरों का खजाना है।
इसमें विभिन्न विषयों की पुस्तकें, प्रेरणादायक साहित्य, सामान्य ज्ञान, विज्ञान, गणित, भाषा और कला से संबंधित सामग्री उपलब्ध होगी।
पुस्तकालय के फायदे:
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पढ़ने की आदत विकसित होगी
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स्वतंत्र अध्ययन की क्षमता बढ़ेगी
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रचनात्मक सोच को प्रोत्साहन मिलेगा
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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी में मदद मिलेगी
स्वतंत्रता दिवस और शिक्षा का संगम
15 अगस्त का दिन भारत के लिए गर्व का दिन है।
ऐसे दिन पुस्तकालय का उद्घाटन करना इस बात का संदेश देता है कि स्वतंत्रता सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि बौद्धिक भी होनी चाहिए।
शिक्षा के माध्यम से हम अपने विचारों को स्वतंत्र कर सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
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छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत
चेयरमैन सुधीर गर्ग गुड्डू ने अपने संबोधन में छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा –
“पुस्तकालय का पूरा लाभ उठाओ। किताबें आपकी सच्ची दोस्त हैं, जो आपको कभी धोखा नहीं देंगी। जितना अधिक पढ़ोगे, उतना ही जीवन में आगे बढ़ोगे।”
उनके ये शब्द बच्चों के मन में पढ़ने के प्रति उत्साह और लगन भर गए।
शिक्षा में निवेश – भविष्य में निवेश
शिक्षा में किया गया हर निवेश समाज के भविष्य को उज्जवल बनाता है।
पुस्तकालय का निर्माण और संचालन एक ऐसा कदम है जो आने वाले वर्षों तक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाएगा।
स्थानीय समुदाय का सहयोग
इस अवसर पर मौजूद स्थानीय नागरिकों ने भी विद्यालय के विकास के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की प्रगति ही क्षेत्र की प्रगति है, और पुस्तकालय इसकी नींव को और मजबूत करेगा।
निष्कर्ष
खेरागढ़ द्वितीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पुस्तकालय का उद्घाटन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता, ज्ञान की महत्ता और छात्रों के उज्जवल भविष्य का उद्घोष था।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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