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Agra Breaking News: डायट आगरा में सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण का द्वितीय बैच सम्पन्न

डायट आगरा में सामाजिक विज्ञान के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का द्वितीय बैच पूरा, 56 शिक्षकों को प्रमाण पत्र, नवाचारी शिक्षण व 5E मॉडल पर जोर।

तीन दिवसीय सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन, गुणवत्ता आधारित शिक्षण पर दिया गया विशेष बल

Saleem Sherwani

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 14 फरवरी 2026

शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से अद्यतन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, आगरा में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिदीप्त मॉड्यूल आधारित सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का सफलतापूर्वक समापन किया गया।

यह प्रशिक्षण विशेष रूप से जनपद के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था। द्वितीय बैच में विभिन्न विकास क्षेत्रों से आए 56 शिक्षकों ने सहभागिता की और विषयगत दक्षता को और अधिक सुदृढ़ किया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य: शिक्षण में दिखे स्पष्ट परिवर्तन

समापन अवसर पर सेवारत प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा—

“प्रशिक्षण तभी सार्थक है जब उसका प्रभाव कक्षा में बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में दिखाई दे।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक को निरंतर अध्ययनशील रहना चाहिए। सामाजिक विज्ञान ऐसा विषय है जो विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, ऐतिहासिक समझ, भौगोलिक दृष्टिकोण और समसामयिक घटनाओं के प्रति जागरूकता विकसित करता है। यह विषय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सामाजिक विज्ञान का दैनिक जीवन से संबंध

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डायट प्राचार्य अनिरुद्ध यादव ने सामाजिक विज्ञान की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विषय केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन, सामाजिक व्यवहार और नैतिक मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने शिक्षकों को नियमित अध्ययन, समकालीन संदर्भों के समावेश और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी, जिससे विषय को अधिक रोचक और जीवनोपयोगी बनाया जा सके।

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विषय विशेषज्ञों द्वारा नवाचारी सत्र

तीन दिवसीय प्रशिक्षण में सामाजिक विज्ञान के चार प्रमुख विषयों—

  • अर्थशास्त्र

  • नागरिक शास्त्र

  • भूगोल

  • इतिहास

पर विस्तृत एवं संरचित सत्र आयोजित किए गए।

संदर्भदाता डॉ. लक्ष्मी देवी सैनी, मीनू पवार, तेजेंद्र सिंह मीणा और रेनू जायसवाल ने सत्रों का संचालन किया।

इन सत्रों में विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई—

  • प्रभावी पाठ योजना निर्माण

  • गतिविधि आधारित शिक्षण

  • रोल प्ले तकनीक

  • मूल्य शिक्षा का समावेश

  • 21वीं सदी के कौशल (Critical Thinking, Communication, Collaboration)

  • ब्लूम टैक्सोनॉमी

  • 5E मॉडल (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate)

समूह चर्चा, प्रस्तुतीकरण और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से सत्रों को अत्यंत सहभागितापूर्ण बनाया गया, जिससे शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों को कक्षा में लागू करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

सभी शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

नोडल प्रभारी रचना यादव ने बताया कि जनपद के सभी अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से यह प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। द्वितीय बैच में 56 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि आगामी बैचों में शेष शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

टीमवर्क से सफल हुआ आयोजन

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया।

कार्यक्रम की सफलता में जिला समन्वयक समग्र शिक्षा डब्ल्यू.एन. मिडिल, सह-नोडल डॉ. संध्या श्रीवास्तव, प्रवक्ता कल्पना सिन्हा, यशवीर सिंह, लक्ष्मी शर्मा, यशपाल सिंह, संजिव कुमार सत्यार्थी, पुष्पेंद्र सिंह, अबु मुहम्मद आसिफ, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता सहित अनेक शिक्षकों और अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।

शिक्षा सुधार की दिशा में सशक्त कदम

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। प्रशिक्षित शिक्षक अब आधुनिक शिक्षण विधियों, मूल्य-आधारित शिक्षा और गतिविधि आधारित पद्धतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का अनुभव प्रदान कर सकेंगे।

निष्कर्ष:
सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन जनपद में गुणवत्ता आधारित शिक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे न केवल शिक्षकों की विषयगत समझ में वृद्धि हुई है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए भी नई संभावनाएं खुली हैं।

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